सूर्यकांत तिवारी का सहयोगी नारायण साहू गिरफ्तार, कार्रवाई से बचने ढ़ाई साल से चल रहा था फरार

छत्तीसगढ़ में चर्चित कोयला घोटाला प्रकरण में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने लंबे समय से फरार चल रहे नारायण साहू को गिरफ्तार कर लिया है। नारायण साहू को मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी का करीबी सहयोगी माना जाता है।

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VINAY VERMA
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Raipur. छग में चर्चित कोयला घोटाला प्रकरण में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे नारायण साहू को गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसी के अनुसार, नारायण साहू को मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी का करीबी सहयोगी माना जाता है। आरोप है कि नारायण साहू ही सौम्या चौरसिया तक पैसे पहुंचाता था। जांच एजेंसी का दावा है कि सूर्यकांत तिवारी ने नारायण साहू के नाम पर विभिन्न संपत्तियां खरीद कर रखी थीं।

कौन है नारायण साहू?

जांच एजेंसी के मुताबिक, नारायण साहू सिर्फ नाम का सहयोगी नहीं था, बल्कि कथित वसूली और पैसों की सप्लाई चेन का अहम कड़ी था। आरोप है कि वह सूर्यकांत तिवारी के कहने पर कोल लेवी की रकम इकट्ठा करता था। इतना ही नहीं, यह भी कहा जा रहा है कि वह कथित तौर पर रकम को सौम्या चौरसिया तक पहुंचाने का काम करता था। एजेंसी को जांच के दौरान ऐसे कई तथ्य मिले हैं, जिनसे उसकी सक्रिय भूमिका की पुष्टि होने का दावा किया गया है।

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संपत्तियों की भी जांच

एसीबी का कहना है कि सूर्यकांत तिवारी ने नारायण साहू के नाम पर कई संपत्तियां खरीदी थीं। अब उन संपत्तियों के स्रोत, खरीद के पैसे और असली मालिकाना हक की जांच की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इन संपत्तियों में इस्तेमाल हुई रकम कहां से आई? जांच अधिकारी वित्तीय लेन-देन के पूरे रिकॉर्ड को खंगाल रहे हैं।

ढाई साल से था फरार

नारायण साहू पिछले करीब ढाई साल से फरार चल रहा था। बताया जा रहा है कि वह कार्रवाई से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। अदालत ने पहले ही उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया था। इसके बावजूद वह गिरफ्तारी से बचता रहा। एसीबी ने तकनीकी निगरानी और लगातार कोशिशों के बाद आखिरकार उसे पकड़ लिया। 

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पुलिस रिमांड पर पूछताछ

गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी ने अदालत से अनुमति लेकर नारायण साहू को पुलिस रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान उससे कोल लेवी की वसूली, पैसों के ट्रांसफर और पूरे नेटवर्क के बारे में गहन पूछताछ की जा रही है। अधिकारी मानते हैं कि उसकी पूछताछ से कई अहम खुलासे हो सकते हैं। खासकर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि रकम किन-किन लोगों तक पहुंचाई गई और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।

नेटवर्क की परतें खुलने की उम्मीद

जांच एजेंसी का कहना है कि मामला सिर्फ एक या दो लोगों तक सीमित नहीं है। पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। अधिकारी मानते हैं कि नारायण साहू से पूछताछ के बाद घोटाले से जुड़े अन्य संदिग्धों के नाम सामने आ सकते हैं। वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को जोड़कर मजबूत सबूत जुटाने की कोशिश की जा रही है।

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आगे और भी हो सकती है कार्रवाई

एसीबी ने साफ किया है कि जांच अभी जारी है और जो भी इस मामले में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी का कहना है कि कानून से कोई भी बच नहीं पाएगा। नारायण साहू की गिरफ्तारी से यह साफ संकेत गया है कि जांच एजेंसियां अब फरार आरोपियों पर भी शिकंजा कस रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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