भूपेश बघेल और कांग्रेस ने क्यों रोकी ईडी की जाँच ; सांसद संतोष पांडेय ने विदेशी फंडिंग पर दागे तीखे सवाल

Aishwarya Dwivedi | Apr 25, 2026, 21:39 IST
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सांसद संतोष पांडेय ने नक्सल क्षेत्रों में विदेशी फंडिंग का आरोप लगाया। कांग्रेस और भूपेश बघेल पर जांच रोकने का दावा, 95 करोड़ लेनदेन का खुलासा।

भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पांडेय ने छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित और आदिवासी क्षेत्रों में हो रही विदेशी फंडिंग और धर्मांतरण को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। शनिवार को कुशाभाऊ ठाकरे परिसर (भाजपा प्रदेश कार्यालय) में मीडिया से चर्चा करते हुए पांडेय ने सनसनीखेज आरोप लगाए। उन्होंने ने कहां पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान विदेशी ताकतों का नेटवर्क छत्तीसगढ़ में फल-फूल रहा था।



विदेशी डेबिट कार्ड्स और 95 करोड़ का संदिग्ध लेन-देन

सांसद संतोष पांडेय ने खुलासा किया कि छत्तीसगढ़ के संवेदनशील इलाकों में विदेशी बैंकों के दर्जनों डेबिट कार्ड्स के जरिए करोड़ों रुपये खपाए जा रहे हैं। उन्होंने आंकड़ों के साथ बताया



95 करोड़ रुपए : एक वर्ष के भीतर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हुए संदिग्ध लेन-देन की कुल राशि।



6.5 करोड़ रुपए : अकेले बस्तर और धमतरी जैसे क्षेत्रों में सामने आया संदिग्ध खर्च।



संस्थाओं की भूमिका : टीटीआई (TTI) जैसी संस्थाएं ईसाई मिशनरियों के लिए काम कर रही हैं, जिन्हें विदेशों से भारी आर्थिक मदद मिल रही है।



भूपेश बघेल पर जाँच रोकने का आरोप

पांडेय ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए बघेल ने जानबूझकर केंद्रीय जाँच एजेंसियों पर प्रतिबंध लगाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि



"कांग्रेस सरकार ने जाँच से बचने और इस नेटवर्क को फलने-फूलने देने के लिए ईडी (ED) जैसी एजेंसियों के काम में बाधा उत्पन्न की। कांग्रेस नेताओं के करीबी लोगों के तार इन बाहरी ताकतों से सीधे जुड़े हुए हैं।"



FCRA संशोधन से खुली पोल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा फॉरेन कॉन्ट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (FCRA) में किए गए बदलावों का जिक्र करते हुए सांसद ने कहा कि अब विदेशी पैसा सीधे दिल्ली के एक विशेष एसबीआई खाते में आता है। इसी पारदर्शिता के कारण आज इन संदिग्ध आर्थिक स्रोतों की निगरानी और उन्हें बंद करना संभव हो पाया है।



भाजपा की संगठनात्मक रणनीति

आगामी चुनावों और संगठन की मजबूती पर चर्चा करते हुए श्री पांडेय ने भाजपा की कार्यपद्धति को स्पष्ट किया:



1. कौशल विकास: 1951 (जनसंघ) और 1980 (भाजपा) से ही कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण हमारी परंपरा रही है।



2. निरंतर सक्रियता: भाजपा केवल चुनाव के समय नहीं, बल्कि हमेशा सक्रिय रहती है। इसे उन्होंने "शांति काल में युद्ध की तैयारी" करार दिया।



3. जन-कल्याण: वर्तमान में मंडल और जिला स्तर पर कार्यकर्ताओं को मोदी सरकार की योजनाओं को घर-घर पहुँचाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।



कांग्रेस को नसीहत

कांग्रेस द्वारा भाजपा सरकार में मंत्रियों और अधिकारियों के बीच तालमेल की कमी के आरोपों पर पलटवार करते हुए पांडेय ने कहा कि राजनीति हमारे लिए सेवा का माध्यम है। उन्होंने 'एक पेड़ माँ के नाम' और स्वच्छता अभियान जैसे सामाजिक कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर टिप्पणी करने के बजाय अपने गिरेबाँ में झाँकना चाहिए।



निष्कर्ष

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विदेशी फंडिंग के आरोपों ने छत्तीसगढ़ की राजनीति को गरमा दिया है। भाजपा ने कांग्रेस और भूपेश बघेल पर जांच रोकने का आरोप लगाया, जबकि मामला अब सुरक्षा, धर्मांतरण और पारदर्शिता जैसे संवेदनशील मुद्दों से जुड़कर बड़ा राजनीतिक विवाद बनता जा रहा है।



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