चैतन्य से मिलने ईडी ऑफिस पहुंचे पूर्व सीएम भूपेश बघेल, परिवार भी रहा साथ

Harrison Masih | Aug 21, 2025, 20:02 IST
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छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में आरोपी चैतन्य बघेल से मिलने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल परिवार सहित रायपुर के ईडी ऑफिस पहुंचे। चैतन्य इस समय 5 दिन की ईडी कस्टडी में हैं।

Bhupesh Baghel met Chaitanya: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में फंसे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल इस समय ईडी (Enforcement Directorate) की कस्टडी में हैं। इस दौरान भूपेश बघेल चैतन्य से मिलने पहुंचे। विशेष अदालत के आदेश के बाद उन्हें 23 अगस्त 2025 तक ईडी की रिमांड पर रखा गया है।



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भूपेश बघेल ने बेटे से की मुलाकात

गुरुवार को रायपुर स्थित सुभाष स्टेडियम ईडी ऑफिस में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने बेटे चैतन्य से मिलने पहुंचे। उनके साथ पत्नी, बहू, बेटियां और नाती भी मौजूद रहे। चैतन्य बघेल ईडी रिमांड पर है,14 दिन की न्यायिक रिमांड खत्म होने के बाद अदालत ने ईडी की मांग पर उन्हें पूछताछ के लिए रिमांड पर भेजा है।



कैसे हुए चैतन्य बघेल गिरफ्तार?

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16.70 करोड़ रूपए नकद की प्राप्ति का आरोप

जांच में सामने आया है कि चैतन्य बघेल को शराब घोटाले से 16.70 करोड़ रूपए की अवैध कमाई (POC) प्राप्त हुई थी। आरोप है कि उन्होंने इस रकम को अपनी रियल एस्टेट कंपनियों के जरिए मिलाने की कोशिश की और इसका उपयोग प्रोजेक्ट विकास, ठेकेदारों को नकद भुगतान तथा बैंकिंग एंट्रीज में किया गया।



त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ लेन-देन

ईडी के अनुसार, चैतन्य ने शराब कारोबारी त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ मिलीभगत कर अपने “विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट” में कर्मचारियों के नाम पर फ्लैट खरीद की आड़ में लगभग 5 करोड़ रूपए हासिल किए। बैंकिंग ट्रेल से भी इस कथित लेन-देन की पुष्टि हुई है।



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छत्तीसगढ़ शराब घोटाला क्या है?

  1. गैरकानूनी वसूली और सिंडिकेट सिस्टम
    राज्य में शराब बिक्री से जुड़े ठेकों और सप्लाई पर कथित तौर पर एक बड़ा सिंडिकेट बनाया गया, जिसने नियमों को दरकिनार कर मोटी कमाई की।
  2. सरकारी खजाने को नुकसान
    इस घोटाले से प्रदेश सरकार को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जबकि अवैध कमाई शराब माफियाओं और नेताओं तक पहुंचाई गई।
  3. ईडी की जांच और POC
    प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में पता चला कि करीब 2,500 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई (POC - Proceeds of Crime) हुई, जिसे हवाला और रियल एस्टेट में निवेश किया गया।
  4. बड़े नेताओं और अफसरों की संलिप्तता
    इस मामले में कई बड़े अधिकारी, शराब कारोबारियों और नेताओं पर आरोप लगे हैं। अब तक पूर्व IAS, मंत्री और कारोबारी समेत कई लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।
  5. राजनीतिक असर
    घोटाले ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा किया है। विपक्ष इसे सरकार से जोड़कर हमला बोल रहा है, जबकि मामले की जांच में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल तक का नाम सामने आ चुका है।

1000 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति संचालन का आरोप

ईडी का दावा है कि चैतन्य ने शराब घोटाले (CG liquor scam)से जुड़े 1000 करोड़ रूपए से अधिक की POC का संचालन किया और इस रकम को कांग्रेस के तत्कालीन कोषाध्यक्ष तथा बघेल परिवार के करीबी सहयोगियों तक पहुंचाने का काम किया।



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पहले ही गिरफ्त में हैं कई बड़े नाम

इस घोटाले में पहले से ही पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, आईटीएस अधिकारी अरुण पति त्रिपाठी और पूर्व मंत्री कवासी लखमा गिरफ्तार हो चुके हैं। फिलहाल, ईडी शराब घोटाले से जुड़े वित्तीय लेन-देन और नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।



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