पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड के आरोपी ठेकेदार को हाईकोर्ट से झटका, याचिका खारिज

Harrison Masih | Aug 22, 2025, 16:42 IST
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बीजापुर पत्रकार हत्याकांड में आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्राकर को हाईकोर्ट से बड़ा झटका मिला है। सड़क ठेका विवाद और भारी जुर्माने पर उन्होंने राहत की मांग की थी। जानिए, कोर्ट ने क्या कहा।

journalist Mukesh Chandrakar murder case: बीजापुर के चर्चित पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड मामले में आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्राकर को हाईकोर्ट से बड़ा झटका मिला है। सड़क निर्माण से जुड़े विवाद पर दायर उनकी याचिका को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया।



ठेकेदार की याचिका क्यों खारिज हुई?

सुरेश चंद्राकर ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सड़क ठेके के रद्द होने का विरोध किया था। उनका कहना था कि 37 लाख रुपए की सुरक्षा निधि जब्त करना अनुचित है। 10% जुर्माना लगाया जाना गलत है। 2.58 करोड़ रुपए के अधूरे सड़क निर्माण कार्य को पूरा करने का मौका दिया जाए।



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किस मामले से जुड़ा है ठेका विवाद?

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हाईकोर्ट का फैसला

मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि यह कॉन्ट्रैक्ट का मामला है। समझौते की धारा 28 के अनुसार विवाद का निपटारा ‘अरबिट्रेशन’ से होगा। इसलिए हाईकोर्ट इसमें सीधे हस्तक्षेप नहीं करेगा।



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बीजापुर पत्रकार हत्याकांड क्या है?

  1. हत्या और शव बरामदगी – स्वतंत्र पत्रकार मुकेश चंद्राकर 1 जनवरी को लापता हुए थे। 3 जनवरी को उनका शव बीजापुर शहर के चट्टनपारा बस्ती स्थित सेप्टिक टैंक में मिला।
  2. मुख्य आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्राकर – सड़क निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार की खबरें उजागर करने से नाराज होकर सुरेश चंद्राकर ने हत्या की साजिश रची।
  3. चार आरोपी और गवाह – एसआईटी ने 1200 पन्नों की चार्जशीट में सुरेश, रितेश, दिनेश चंद्राकर और महेंद्र रामटेके को आरोपी बनाया। साथ ही 72 गवाह शामिल किए गए।
  4. वारदात का तरीका – रितेश और महेंद्र ने कमरे में लोहे की रॉड से हमला कर हत्या की। शव को सेप्टिक टैंक में डालकर कंक्रीट से ढक दिया गया। दिनेश ने सबूत मिटाने और फरारी में मदद की।
  5. सबूत और साजिश – मोबाइल फोन नष्ट कर नदी में फेंके गए। सुरेश ने खुद को बचाने के लिए वारदात के समय शहर से बाहर रहने की योजना बनाई।

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अब ठेकेदार के पास क्या विकल्प?

हाईकोर्ट ने साफ कहा कि याचिकाकर्ता चाहे तो अनुबंध में उपलब्ध उपायों या अन्य कानूनी रास्तों का सहारा ले सकता है। यानी अब ठेकेदार को न्याय के लिए अरबिट्रेशन या वैकल्पिक कानूनी प्रक्रिया अपनानी होगी।



FAQ

  1. हाईकोर्ट ने ठेकेदार सुरेश चंद्राकर की याचिका पर क्या फैसला दिया?
    हाईकोर्ट ने सड़क निर्माण ठेका रद्द होने और सुरक्षा निधि जब्त करने के खिलाफ सुरेश चंद्राकर की याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि यह मामला कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ा है और इसका निपटारा आर्बिट्रेशन से होगा।
  2. बीजापुर पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड क्या है?
    Q2. मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में किन लोगों को आरोपी बनाया गया है? एसआईटी की 1200 पन्नों की चार्जशीट में ठेकेदार सुरेश चंद्राकर, रितेश चंद्राकर, दिनेश चंद्राकर और महेंद्र रामटेके को आरोपी बनाया गया है। साथ ही 72 लोगों को गवाह बनाया गया है।
  3. मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में किन लोगों को आरोपी बनाया गया है?
    एसआईटी की 1200 पन्नों की चार्जशीट में ठेकेदार सुरेश चंद्राकर, रितेश चंद्राकर, दिनेश चंद्राकर और महेंद्र रामटेके को आरोपी बनाया गया है। साथ ही 72 लोगों को गवाह बनाया गया है।

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