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Impact Feature
छत्तीसगढ़ का बिलासपुर अब बड़े बदलाव की दहलीज पर खड़ा दिखाई दे रहा है। राज्य सरकार ने साफ संकेत दे दिया है कि आने वाले वर्षों में बिलासपुर को छत्तीसगढ़ के सबसे मजबूत विकास केंद्रों में शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बिलासपुर के लिए तैयार किया गया लंबी अवधि का विकास प्लान शहर को नई पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम है। सरकार का मानना है कि आने वाले 10 से 15 साल में बिलासपुर छत्तीसगढ़ का अगला बड़ा ग्रोथ इंजन बनेगा।
सरकार की योजना है कि बिलासपुर का विकास अब सिर्फ शहर तक सीमित नहीं रहेगा। इसे राज्य और केंद्र सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। यही वजह है कि शहर के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए हर क्षेत्र के लिए विस्तृत योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने बिलासपुर के लिए जो विजन साझा किया है, उसमें शहरी विस्तार से लेकर भविष्य की जनसंख्या जरूरतों तक हर पहलू को शामिल किया गया है।
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व्यापक योजना पर काम
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि बिलासपुर (Chhattisgarh) के विकास की योजना बहुत व्यापक स्तर पर तैयार की जा रही है। ट्रैफिक प्रबंधन, आवास, जल आपूर्ति, सीवरेज सिस्टम, ड्रेनेज व्यवस्था और समग्र नगर नियोजन को इस योजना का हिस्सा बनाया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि जमीन पर प्रभावी तरीके से दिखाई दें। इसी सोच के साथ नाली से लेकर नगर नियोजन तक हर स्तर पर योजना तैयार की जा रही है।
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लॉजिस्टिक नेटवर्क पर फोकस
सरकार बिलासपुर को सिर्फ बड़ा शहर बनाने की दिशा में काम नहीं कर रही है। योजना यह है कि बिलासपुर को छत्तीसगढ़ का नया आर्थिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य केंद्र बनाया जाए। इसके लिए लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा, कनेक्टिविटी को बेहतर बनाया जाएगा और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। निवेश के नए अवसर पैदा करने पर भी सरकार का खास फोकस है, ताकि शहर में रोजगार और कारोबार दोनों बढ़ सकें।
बिलासपुर को मध्य भारत के प्रमुख शहरी केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़े स्तर पर अपग्रेड करने की योजना है। सरकार का मानना है कि मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर ही किसी भी शहर को तेज विकास की दिशा में आगे ले जाता है। इसी कारण सड़कों, ट्रांसपोर्ट सिस्टम और शहरी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
धन की नहीं आने देंगे कमी
सरकार ने साफ किया है कि विकास योजनाओं को पूरा करने के लिए वित्तीय संसाधनों की कमी नहीं आने दी जाएगी। बिलासपुर के विकास को केंद्र सरकार की योजनाओं से जोड़कर आगे बढ़ाया जाएगा। स्मार्ट सिटी मिशन, अमृत मिशन और नगरीय परिवहन जैसी योजनाओं के जरिए शहर को नई गति देने की तैयारी है। इससे विकास कार्यों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
हेल्थ सेक्टर के लिए बड़े फैसले
स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में भी बिलासपुर के लिए बड़े फैसले लिए गए हैं। सिम्स के नए अस्पताल भवन और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को लेकर सहमति बनी है। इसके साथ ही कैंसर अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी काम आगे बढ़ाने की दिशा तय की गई है। इन फैसलों से बिलासपुर को हेल्थ सेक्टर में बड़ी मजबूती मिलेगी।
एयरपोर्ट का होगा विस्तार
कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी कई अहम फैसले लिए गए हैं। बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार और नाइट लैंडिंग सुविधा पर सहमति बनी है। इससे शहर की एयर कनेक्टिविटी मजबूत होगी और कारोबार व निवेश के नए रास्ते खुल सकते हैं। रेलवे कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए उसलापुर रेलवे ओवरब्रिज जैसे प्रोजेक्ट को भी प्राथमिकता दी गई है।
शहर के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए ट्रांसपोर्ट नगर सिलपहरी जैसे प्रोजेक्ट को भी आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा फ्लाईओवर और फोरलेन रिंग रोड जैसे प्रोजेक्ट शहर में ट्रैफिक दबाव कम करने में मदद करेंगे। इससे शहर में आवाजाही आसान होगी और समय की बचत भी होगी।
ड्रेनेज सिस्टम मजबूत होगा
शहरी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही एसटीपी और ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने पर भी काम किया जाएगा। 24 घंटे जल आपूर्ति योजना को भी इस विजन का हिस्सा बनाया गया है। इससे शहर के लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
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