थाने में कबाड़ियों संग चाय पार्टी पड़ी भारी, कार्रवाई की जगह पुलिस ने की खातिरदारी
Raipur. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। अवैध कारोबार और कबाड़ गतिविधियों पर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी निभाने वाले पुलिसकर्मी खुद संदिग्ध कबाड़ियों के साथ थाने परिसर में बैठकर चाय की चुस्कियां लेते नजर आए।
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीर मानते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल जांच कर कार्रवाई शुरू की और दो पुलिस जवानों को निलंबित कर दिया गया।
ये है पूरा मामला:
बताया जा रहा है कि कोनी थाना परिसर में कुछ कबाड़ी पुलिस कर्मचारियों के साथ काफी सहज माहौल में बैठे दिखाई दिए। वीडियो में पुलिसकर्मी और कबाड़ी आपस में बातचीत करते और चाय पीते नजर आए। यह दृश्य सामने आने के बाद आम लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। सोशल मीडिया में वीडियो तेजी से वायरल होने लगा, जिसके बाद मामला सीधे वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच गया।
जवान लाइन अटैच:
पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह ने मामले को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। SSP कार्यालय से जारी आदेश में कहा गया कि अपराध और अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई करने वाली पुलिस की छवि इस तरह की घटनाओं से धूमिल होती है। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि इस प्रकार का व्यवहार पुलिस की निष्पक्षता और सख्ती पर सवाल खड़े करता है, इसलिए दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई आवश्यक है।
कर्तव्य के प्रति लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में दो पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केंद्र भेज दिया गया है। निलंबित पुलिसकर्मियों में प्रधान आरक्षक 814 बालेश्वर तिवारी तथा आरक्षक 1263 अनुज जांगड़े शामिल हैं। दोनों को कोनी थाना से हटाकर रक्षित केंद्र, बिलासपुर संबद्ध किया गया है। यह आदेश 24 मई 2026 को जारी किया गया।
वायरल वीडियो की जांच:
सूत्रों के मुताबिक वायरल वीडियो की विस्तृत जांच भी कराई जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि थाने में आने वाले कबाड़ियों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड या अवैध गतिविधियों से संबंध तो नहीं है।
इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य थानों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अपराधियों या संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े लोगों के साथ किसी भी प्रकार की अनावश्यक निकटता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभागीय सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में थानों की कार्यप्रणाली और पुलिसकर्मियों के आचरण पर और कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
पुलिस के गड़जोड का आरोप:
मामले ने एक बार फिर पुलिस और अवैध कारोबारियों के बीच संभावित सांठगांठ को लेकर बहस छेड़ दी है। हालांकि पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई कर यह संदेश देने की कोशिश की है कि अनुशासनहीनता और विभागीय मर्यादा के उल्लंघन पर किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
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