बर्ड फ्लू महामारी ; 2 महीने बंद रह सकती हैं चिकन दुकानें, पोल्ट्री कारोबारियों के सामने रोजी-रोटी की चुनौती
NEWS IN SHORT
- बर्ड फ्लू के चलते शहर की चिकन दुकानें 2 महीने तक बंद रहेगी।
- सरकारी पोल्ट्री फार्म को 6 महीने तक बंद रखने की तैयारी है।
- 4 बार रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद ही जिले से प्रतिबंध हटाया जाएगा।
- प्रभावित क्षेत्र के 10 किमी के दायरे में पोल्ट्री उत्पादों की बिक्री पर रोक है।
- काबू पाने के लिए AIIMS की केंद्रीय टीम बिलासपुर में कैंप कर रही है।
NEWS IN DETAIL
छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में बर्ड फ्लू का प्रकोप अब बेकाबू होता नजर आ रहा है। संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रशासन ने अब तक का सबसे सख्त रुख अपनाते हुए पूरे पोल्ट्री व्यवसाय पर ताला लगाने की तैयारी कर ली है। कोनी क्षेत्र के सरकारी फार्म में 1500 से अधिक मुर्गियों को दफनाए जाने के बाद अब पूरे जिले में डर और आर्थिक अनिश्चितता का माहौल है।
4 रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही मिलेगी राहत
प्रशासनिक निर्देशों के अनुसार, बर्ड फ्लू से प्रभावित इलाकों में हर 15 दिन में सैंपल कलेक्ट कर जांच के लिए भोपाल भेजा जाएगा। जब तक लगातार 4 रिपोर्ट निगेटिव नहीं आ जातीं, तब तक पाबंदियां नहीं हटेंगी।
- चिकन दुकानें: आगामी 2 महीनों के लिए बंद की जा सकती हैं।
- सरकारी फार्म: संक्रमण को जड़ से मिटाने के लिए इसे 180 दिनों (6 महीने) तक बंद रखने का प्रस्ताव है।
- नो-गो जोन: कोनी फार्म के 10 किमी के दायरे को 'सर्विलांस जोन' घोषित कर वहां अंडा, चिकन की बिक्री और परिवहन
- पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
करोड़ों का कारोबार ठप
प्रशासन की इस सख्ती का सीधा असर बिलासपुर के व्यापारिक तंत्र पर पड़ा है। चिकन और अंडे की बिक्री, भंडारण और यहाँ तक कि डोर-टू-डोर डिलीवरी पर रोक लगने से पोल्ट्री सेक्टर से जुड़े हजारों लोग बेरोजगार हो गए हैं। वही छोटे दुकानदारों का कहना है कि 2 महीने दुकान बंद रहने से वे कर्ज की चपेट में आ जाएंगे।
सप्लाई चेन ध्वस्त
सरकारी पोल्ट्री फार्म के 6 महीने बंद रहने की संभावना से भविष्य में चिकन और अंडों की भारी किल्लत और कीमतों में उछाल देखने को मिल सकता है।
मैदान में विशेषज्ञों की टीम
हालात का जायजा लेने के लिए AIIMS के विशेषज्ञों की केंद्रीय टीम पिछले तीन दिनों से बिलासपुर में डटी हुई है। शहर की सीमाओं पर चेकपोस्ट बनाकर निगरानी की जा रही है ताकि संक्रमित पक्षी जिले से बाहर न जा सकें। अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी ने प्रतिबंधों का उल्लंघन किया, तो उसके खिलाफ महामारी अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर वर्तमान में स्वास्थ्य सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के बीच जूझ रहा है। एक तरफ जहाँ संक्रमण को रोकना प्राथमिकता है, वहीं दूसरी तरफ पोल्ट्री उद्योग को इस महा-मंदी से उबारना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी।
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