जांजगीर-चांपा हत्याकांड ; पैतृक जमीन के लिए सोए हुए परिवार को काटा
NEWS IN SHORT
- पैतृक संपत्ति के विवाद में चार लोगों की निर्मम हत्या।
- आरोपी बेटे ने पुत्र के साथ मिलकर रची खूनी साजिश।
- सोते समय धारदार हथियार से परिवार पर किया घातक हमला।
- मुख्य आरोपी पहले भी भाई की हत्या में काट चुका जेल।
- पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर दोनों हत्यारोपियों को हिरासत में लिया।
NEWS IN DETAIL
छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिले से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय रिश्तों को शर्मसार कर दिया है। शिवरीनारायण थाना क्षेत्र के ग्राम भवंतरा में एक ही परिवार के चार सदस्यों की धारदार हथियार से निर्मम हत्या कर दी गई। चौंकाने वाली बात यह है कि इस खूनी संघर्ष का मास्टरमाइंड मृतक का अपना ही बेटा निकला, जिसने अपने पुत्र के साथ मिलकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया।
नींद में ही सुला दिया मौत की नींद
मिली जानकारी के अनुसार, मृतक मेदनी प्रसाद का परिवार गांव में बन रहे अपने नए मकान की देखरेख के लिए वहीं सो रहा था। आधी रात को जब पूरा परिवार गहरी नींद में था, तब आरोपियों ने धारदार हथियार से उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। सुबह जब निर्माण कार्य के लिए मिस्त्री और मजदूर मौके पर पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। चारों सदस्यों के शव खून से लथपथ खाट पर पड़े थे।
पैतृक संपत्ति बनी हत्या की वजह
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात साफ हो गई है कि इस हत्याकांड के पीछे पैतृक संपत्ति का विवाद था। आरोपी सोना साय कश्यप का अपने पिता मेदनी प्रसाद के साथ जमीन-जायदाद को लेकर लंबे समय से मनमुटाव चल रहा था। इसी रंजिश के चलते सोना साय ने अपने बेटे गोलू के साथ मिलकर इस खौफनाक साजिश को अंजाम दिया।
आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास
पुलिस जांच में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। मुख्य आरोपी सोना साय पहले भी हत्या के मामले में 15 साल की जेल काट चुका है। उसने पूर्व में अपने ही बड़े भाई की जान ली थी। करीब दो साल पहले ही वह जेल से रिहा होकर बाहर आया था, लेकिन जेल की सजा भी उसकी आपराधिक मानसिकता को नहीं बदल सकी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही एएसपी उमेश कश्यप और पुलिस की टीम डॉग स्क्वायड के साथ मौके पर पहुंची। गांव के सरपंच राजाराम कश्यप की सूचना पर पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की और मुख्य आरोपी सोना साय व उसके बेटे को हिरासत में ले लिया।
"प्रारंभिक जांच में संपत्ति विवाद की पुष्टि हुई है। आरोपियों ने सोते समय हमला किया ताकि बचाव का कोई मौका न मिले। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और मामले की विस्तृत जांच जारी है।"-एएसपी उमेश कश्यप, जांजगीर-चांपा
इस घटना ने पूरे भवंतरा गांव को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीण इस बात से स्तब्ध हैं कि एक व्यक्ति संपत्ति के चंद टुकड़ों के लिए अपने ही पिता और परिवार का काल बन सकता है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और वैधानिक कार्रवाई तेज कर दी है।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा की यह हृदयविदारक घटना दर्शाती है कि लालच किस कदर मानवीय संवेदनाओं को खत्म कर देता है। संपत्ति के विवाद में एक बेटे द्वारा अपने ही परिवार का सामूहिक संहार करना समाज के लिए चेतावनी है। यह वारदात पारिवारिक कलह के भयानक परिणाम और अपराधी की अपरिवर्तनीय हिंसक मानसिकता का प्रतीक है।
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