भिलाई स्टील प्लांट: करोड़ों की स्क्रैप चोरी में GM सहित 3 निलंबित
समझें क्या है पूरा मामला
Bhilai। छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट (BSP) में लंबे समय से चल रहे कथित लौह स्क्रैप चोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। दुर्ग पुलिस की जांच में सामने आया है कि प्लांट से स्क्रैप बाहर निकालने का खेल योजनाबद्ध तरीके से चल रहा था।
इस मामले में पुलिस अब तक 15 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं कर्मचारियों की भूमिका सामने आने के बाद BSP प्रबंधन ने सख्त कदम उठाते हुए एसएमएस-3 के जीएम हिमांशु मलिक सहित तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है।
निलंबित किए गए कर्मचारियों में एसएमएस-3 के महाप्रबंधक हिमांशु मलिक, स्क्रैप बे प्रभारी एवं सहायक प्रबंधक धनंजय वर्मा और स्टोरकीपर मनोज कुमार देवांगन शामिल हैं।
फ्लू डस्ट परिवहन की आड़ में चल रहा था स्क्रैप चोरी का खेल
पुलिस जांच के मुताबिक यह पूरा मामला सामान्य चोरी का नहीं बल्कि एक संगठित नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि आरोपी पिछले चार से पांच महीनों से प्लांट से निकलने वाले फ्लू डस्ट के परिवहन की प्रक्रिया का गलत फायदा उठा रहे थे।
फ्लू डस्ट ले जाने वाले वाहनों में लौह स्क्रैप और अन्य सामग्री बाहर भेजी जा रही थी। इसके बाद इस सामग्री को अलग-अलग जगहों पर जमा कर अवैध तरीके से बेचने का काम किया जा रहा था।
जांच में पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क में कई और लोग जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब पूरे सिस्टम की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।
मुखबिर की सूचना के बाद खुला करोड़ों के खेल का राज
दुर्ग पुलिस को 26 मई 2026 को इस पूरे मामले की अहम जानकारी मिली थी। मुखबिर से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
पुलिस टीम ने ग्राम अकलोरडीह खदानपारा स्थित ए.के. ट्रेडर्स और हथखोज एचआईए क्षेत्र में दबिश दी। छापेमारी के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में लौह सामग्री मिली।
जांच टीम ने मौके से हाईवा, ट्रक सहित कई वाहनों की जांच की। वाहनों में फ्लू डस्ट के साथ लोहे की प्लेट, बीम और कटिंग सामग्री बरामद हुई। इसके अलावा परिसर में बड़ी मात्रा में अलग-अलग जगहों पर रखा हुआ लौह स्क्रैप भी मिला। पुलिस ने पूरे सामान को जब्त कर जांच शुरू की।
250 टन से ज्यादा लौह सामग्री जब्त, 3 करोड़ से अधिक का सामान बरामद
पुलिस कार्रवाई में करीब 250 टन लौह प्लेट, बीम कटिंग और अन्य स्क्रैप सामग्री जब्त की गई है। इसके अलावा चोरी के परिवहन में उपयोग किए जा रहे कई वाहन भी जब्त किए गए।
जब्त सामान में हाईवा, ट्रक, जेसीबी, हाइड्रा और अन्य मशीनरी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार जब्त सामग्री और वाहनों की कुल अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ 22 लाख रुपये है। इतनी बड़ी मात्रा में स्क्रैप मिलने के बाद पुलिस ने इसे बड़े स्तर पर संचालित अवैध कारोबार माना है।
BSP कर्मचारियों की भूमिका सामने आने के बाद हुई कार्रवाई
जांच के दौरान पुलिस को कुछ BSP कर्मचारियों की भूमिका के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार किए गए कर्मचारियों में हिमांशु भूषण मलिक और मनोज कुमार देवांगन शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि दोनों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद कानूनी कार्रवाई की गई है। इसके बाद BSP प्रबंधन ने भी विभागीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया।
दस्तावेज और लेन-देन की हो रही जांच
पुलिस अब इस मामले में सिर्फ चोरी तक सीमित जांच नहीं कर रही है। अधिकारियों के अनुसार स्क्रैप की खरीद-बिक्री, दस्तावेजों और आर्थिक लेन-देन की भी जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि चोरी का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
BSP की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
भिलाई स्टील प्लांट देश के प्रमुख इस्पात संयंत्रों में शामिल है। ऐसे में प्लांट के अंदर से इतनी बड़ी मात्रा में स्क्रैप बाहर निकलना सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। इस मामले के सामने आने के बाद अब यह भी जांच का विषय है कि इतने लंबे समय तक यह गतिविधि कैसे चलती रही। BSP प्रबंधन और पुलिस दोनों स्तरों पर मामले की जांच जारी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
IMP FACTS
स्थान: भिलाई स्टील प्लांट (BSP), भिलाई, छत्तीसगढ़
जांच एजेंसी: दुर्ग पुलिस
खुलासा: 26 मई 2026 को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई
गिरफ्तार आरोपी: अब तक 15 आरोपी गिरफ्तार
चोरी का तरीका: फ्लू डस्ट परिवहन की आड़ में लौह स्क्रैप बाहर भेजने का आरोप
जब्त सामग्री: करीब 250 टन लौह प्लेट, बीम कटिंग और अन्य स्क्रैप
जब्त सामान की अनुमानित कीमत: करीब 3.22 करोड़ रुपये
जब्त वाहन: हाईवा, ट्रक, जेसीबी, हाइड्रा और अन्य मशीनरी
निलंबित BSP कर्मचारी: GM हिमांशु मलिक, धनंजय वर्मा और मनोज कुमार देवांगन
गिरफ्तार BSP कर्मचारी: हिमांशु भूषण मलिक और मनोज कुमार देवांगन
जांच स्थिति: दस्तावेज, लेन-देन और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच जारी
आगे की कार्रवाई: पुलिस के अनुसार मामले में और गिरफ्तारियां संभव हैं।
FAQ
- BSP स्क्रैप चोरी मामले में अब तक कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
दुर्ग पुलिस ने इस मामले में अब तक 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। - BSP स्क्रैप चोरी मामले में कितना सामान जब्त किया गया है?
पुलिस ने करीब 250 टन लौह स्क्रैप और अन्य लौह सामग्री जब्त की है, जिसकी अनुमानित कीमत करोड़ों रुपये बताई गई है। - BSP ने किन कर्मचारियों पर कार्रवाई की है?
BSP प्रबंधन ने GM हिमांशु मलिक समेत तीन कर्मचारियों को निलंबित किया है। मामले में दो कर्मचारियों की गिरफ्तारी भी हुई है।
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