छत्तीसगढ़ में कैंसर अब अधिसूचित रोग, हर मरीज की रिपोर्ट 30 दिन में जरूरी

VINAY VERMA | Sept 19, 2026, 16:20 IST
Share
छत्तीसगढ़ में कैंसर बना अधिसूचित रोग
छत्तीसगढ़ में कैंसर बना अधिसूचित रोग

छत्तीसगढ़ में कैंसर को अधिसूचित रोग घोषित किया गया है। अब सरकारी और निजी अस्पतालों समेत सभी स्वास्थ्य संस्थानों को कैंसर मरीजों की जानकारी 30 दिन में शासन को देनी होगी। इससे कैंसर मामलों का डेटा, रिसर्च और नियंत्रण योजनाओं में मदद मिलेगी।

छत्तीसगढ़ में कैंसर के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी व्यवस्था कड़ी करने की पहल की है। कैंसर को अधिसूचित रोग घोषित करने के फैसले के बाद अब सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों में सामने आने वाले मामलों का रिकॉर्ड सरकार तक पहुंचाना जरूरी होगा। इसका सीधा असर अस्पतालों, पैथोलॉजी लैब और मेडिकल कॉलेजों पर पड़ेगा।

30 दिन में देनी होगी जानकारी

नए प्रावधान के मुताबिक, कैंसर की पुष्टि होने के बाद संबंधित स्वास्थ्य संस्थान को एक महीने के भीतर मरीज की रिपोर्ट शासन को भेजनी होगी। डॉक्टरों और पैथोलॉजिस्ट को इसके लिए निर्धारित फॉर्म में जानकारी दर्ज करनी होगी। इससे कैंसर के मामलों का रिकॉर्ड जुटाने और बीमारी के फैलाव पर नजर रखने की व्यवस्था मजबूत करने का लक्ष्य है।

अब निजी अस्पताल भी दायरे में

यह व्यवस्था सिर्फ सरकारी अस्पतालों तक सीमित नहीं रहेगी। राज्य में संचालित निजी अस्पताल, डिस्पेंसरी, सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेज, पैथोलॉजी लैब, हेमेटोलॉजी लैब और इमेजिंग सेंटर भी इसके दायरे में होंगे। आयुष और अन्य चिकित्सा पद्धतियों से जुड़े संस्थानों के साथ कैंसर देखभाल और प्रशामक देखभाल करने वाले गैर-सरकारी संगठनों को भी रिपोर्टिंग व्यवस्था में शामिल किया गया है।

पुराने सिस्टम पर उठे सवाल

अब तक कैंसर रजिस्ट्री में जानकारी जुटाने की प्रक्रिया में स्वैच्छिक रिपोर्टिंग की भूमिका रही है। ऐसे में सभी मरीजों का पूरा रिकॉर्ड एक जगह उपलब्ध होने में दिक्कत आ सकती है। अनिवार्य रिपोर्टिंग का मकसद इसी कमी को दूर करना है। हालांकि, नए नियम लागू होने के बाद रिपोर्टिंग कितनी नियमित होगी और विभाग इसकी निगरानी कैसे करेगा, यह अहम सवाल रहेगा।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का संदर्भ

11 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने कैंसर को अधिसूचित रोग घोषित करने पर विचार करने के लिए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कहा था। सुनवाई में कैंसर के मामलों की अनिवार्य रिपोर्टिंग और एक समान नीति की जरूरत पर जोर दिया गया था। यह मामला रिट याचिका से जुड़ा है।

डेटा से इलाज और रिसर्च को मदद

कैंसर के मरीजों का व्यवस्थित रिकॉर्ड मिलने से बीमारी के मामलों, मृत्यु दर और अलग-अलग क्षेत्रों में इसके प्रभाव का अध्ययन करने में मदद मिल सकती है। सरकार को कैंसर नियंत्रण की योजनाएं तैयार करने, संसाधनों की जरूरत समझने और भविष्य में अनुसंधान व प्रशिक्षण सुविधाओं की योजना बनाने के लिए बेहतर आधार मिल सकता है।

असली चुनौती लागू करने की

कैंसर को अधिसूचित रोग घोषित करना सिर्फ कागजी कार्रवाई नहीं है। इसका असर तभी दिखेगा, जब अस्पतालों और लैब से रिपोर्ट समय पर मिले और विभाग उस डेटा का इस्तेमाल करे। अब देखना होगा कि सरकार रिपोर्टिंग की निगरानी, डेटा की शुद्धता और मरीजों की गोपनीयता को लेकर क्या व्यवस्था तैयार करती है।

ये खबरें भी पढ़े....

आरक्षक भर्ती में वेटिंग वालों को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की अर्जी खारिज

MP-राजस्थान में थमने लगी बारिश, छत्तीसगढ़ में 24 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट

छत्तीसगढ़ सरकारी अस्पताल पैथोलॉजी समय सीमा तय, 5 मिनट में मिलेगी रिपोर्ट

पत्नी को कैंसर है, तुमसे शादी करूंगा, इंस्पेक्टर ने किया महिला का 3 साल शोषण

Tags:
  • सुप्रीम कोर्ट
  • छत्तीसगढ़
  • स्वास्थ्य विभाग
  • कैंसर
  • पैथोलॉजी लैब
CET 2026 New Update: राजस्थान में CET को लेकर बड़ा बदलाव, लाखों युवाओं पर पड़ेगा सीधा असर

By Jyoti Mahender Bhardwaj

CET 2026 New Update: राजस्थान में CET को लेकर बड़ा बदलाव, लाखों युवाओं पर पड़ेगा सीधा असर
चित्तौड़गढ़: पुलिस की एंटी थेफ्ट टीम से इनामी बदमाश को छुड़ा ले गए साथी, वारदात में दो कांस्टेबल घायल

By Jageshwar prasad

चित्तौड़गढ़: पुलिस की एंटी थेफ्ट टीम से इनामी बदमाश को छुड़ा ले गए साथी, वारदात में दो कांस्टेबल घायल
खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय की VC पर सोशल मीडिया पोस्ट से विवाद, यूनिवर्सिटी ने आरोपों को बताया भ्रामक

By Umeshwari Baghel

खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय की VC पर सोशल मीडिया पोस्ट से विवाद, यूनिवर्सिटी ने आरोपों को बताया भ्रामक
त्योहार से पहले नहीं हटेंगी स्ट्रीट वेंडर्स की दुकानें, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग बनेगा ढाल, जानें कैसे

By Manya Jain

त्योहार से पहले नहीं हटेंगी स्ट्रीट वेंडर्स की दुकानें, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग बनेगा ढाल, जानें कैसे
रूस ने यूक्रेन में भारतीय कारोबारी की दवा फैक्ट्री पर किया ड्रोन हमला, 400 करोड़ का नुकसान

By Ashish Bhardwaj

रूस ने यूक्रेन में भारतीय कारोबारी की दवा फैक्ट्री पर किया ड्रोन हमला, 400 करोड़ का नुकसान
विधायकों के आलीशान 4 बीएचके फ्लैट का नक्शा तैयार, भूपेश बघेल की योजना को अब मिलेगा आकार

By Arun Tiwari

विधायकों के आलीशान 4 बीएचके फ्लैट का नक्शा तैयार, भूपेश बघेल की योजना को अब मिलेगा आकार
RBSE ने लिया बड़ा फैसला, अब साल में दो बार होगी दसवीं की परीक्षा, जानें क्या किया गया है बदलाव?

By Jageshwar prasad

RBSE ने लिया बड़ा फैसला, अब साल में दो बार होगी दसवीं की परीक्षा, जानें क्या किया गया है बदलाव?