छत्तीसगढ़ साड़ी घोटाला; 9 करोड़ की सप्लाई पर रोक, खादी बोर्ड ने बनाई जांच कमेटी
छत्तीसगढ़ में घटिया साड़ी वितरण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। साड़ी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को वितरित की गई थी, जिसकी की गुणवत्ता को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले ने अब प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर गंभीर रूप ले लिया है, जिसके चलते साड़ी वितरण पर फिलहाल रोक लगा दी गई है और जांच के लिए कमेटी गठित की गई है।
क्या है पूरा मामला?
राज्य में करीब एक लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को यूनिफॉर्म के रूप में साड़ियां वितरित की गई थीं। लेकिन वितरण के बाद बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आईं कि साड़ियों की गुणवत्ता बेहद खराब है। कई जगहों पर साड़ियां जल्दी फटने, रंग छोड़ने और कपड़े के कमजोर होने की शिकायतें मिलीं।
कितनी राशि का है मामला?
जानकारी के मुताबिक, करीब 9.5 करोड़ रूपए की लागत से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए साड़ियों की सप्लाई की गई थी, जिसमें प्रति साड़ी की दर लगभग 588 रूपए तय की गई थी। यह पूरी आपूर्ति प्रक्रिया छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के माध्यम से कराई गई, लेकिन अब साड़ियों की गुणवत्ता को लेकर उठे विवाद के बाद इस खर्च और सप्लाई व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
किसे मिला था ठेका?
छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा जारी टेंडर के तहत सूरजपुर जिले के दो सप्लायर्स सत्यम गर्ग और केदार अग्रवाल को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए साड़ियों की आपूर्ति का जिम्मा दिया गया था। इन सप्लायर्स को निर्धारित दर और शर्तों के अनुसार बड़ी संख्या में साड़ियां उपलब्ध करानी थीं, लेकिन बाद में गुणवत्ता को लेकर सामने आई शिकायतों के चलते अब उनकी भूमिका और सप्लाई प्रक्रिया भी जांच के दायरे में आ गई है।
सरकार की प्रतिक्रिया
मामले के तूल पकड़ने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नाराजगी जताई है। इसके बाद खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड ने 5 सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। साड़ी वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। खराब साड़ियों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
विभाग की कार्रवाई
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सभी जिला परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खराब साड़ियों को तुरंत वापस लिया जाए, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नई और बेहतर गुणवत्ता की साड़ियां उपलब्ध कराई जाएं साथ ही, तकनीकी विशेषज्ञों की टीम बनाकर साड़ियों की गुणवत्ता की दोबारा जांच कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आगे क्या?
फिलहाल जांच जारी है और कमेटी की रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है। यह मुद्दा न केवल सरकारी खरीद प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रहा है, बल्कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ किए गए व्यवहार को लेकर भी व्यापक चर्चा का विषय बन गया है।
यह खबरें भी पढ़ें...
आंगनबाड़ी साड़ी वितरण में करोड़ों का खेल, 5.5 मीटर की जगह 5 मीटर की साड़ी का हुआ वितरण
छत्तीसगढ़ साड़ी घोटाला; प्रदेश भर से घटिया यूनिफॉर्म वापस मंगाने के आदेश जारी
छत्तीसगढ़ में इस दिन होगी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल, कहा मांग पूरी नहीं हुई तो घेराव करेंगे