विधानसभा में विपक्ष का हंगामा, आरोप लगाए- पुलिस और माइनिंग अधिकारी करा रहे रेत खनन

Sanjeet kumar dhurwey | Jul 16, 2025, 24:12 IST
Photograph: (the sootr)
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में दूसरे दिन मंगलवार को विपक्ष ने शून्य काल में रेत के अवैध उत्खनन का मुद्दा उठाया। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अवैध रेत खनन पुलिस और माइनिंग अधिकारियों की निगरानी में हो रहा है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में दूसरे दिन मंगलवार को विपक्ष ने शून्य काल में रेत के अवैध उत्खनन (illegal sand mining) का मुद्दा उठाया। वहीं विपक्ष ने सदन में जमकर हंगामा भी किया। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अवैध रेत खनन पुलिस और माइनिंग अधिकारियों की निगरानी में हो रहा है। उन्होंने कहा, "खदानों में गोलियां चल रहीं हैं और जिंदा आदमियों पर ट्रक चढ़ा दिए जा रहे हैं।"



सदन में विपक्ष की स्थगन प्रस्ताव की मांग नहीं मानी गई और विधानसभा अध्यक्ष ने इस मुद्दे पर चर्चा की अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके बाद विपक्ष हंगामा करते हुए सदन को वॉयकॉट कर बाहर आ गया।



रेत माफिया पर अधिकारियों ने क्या कहा?

ये खबर भी पढ़ें:



अवैध रेत परिवहन पर कार्रवाई: कलेक्टर-एसपी के निर्देश पर कई वाहन जब्त,50 हजार का जुर्माना ठोका



अवैध रेत खनन की खबरों को दबाने का प्रयास

देवेंद्र यादव ने कहा कि इस समय पत्रकार भी सुरक्षित नहीं हैं। अवैध रेत खनन की खबरों को दबाने के लिए पत्रकारों के खिलाफ भी हिंसा का सहारा लिया जा रहा है। प्रदेश में रेत माफिया पूरी तरह से हावी है।



ये खबर भी पढ़ें:



अभनपुर में अवैध रेत खनन पर बड़ी कार्रवाई, चैन माउंटेन मशीन सहित 7 हाईवा जब्त



माफियाओं की गुंडागर्दी

विपक्ष का आरोप है कि रेत माफियाओं की गुंडागर्दी चल रही है। दिलीप लहरिया ने कहा कि महानदी (Mahanadi) में कई जगहों पर बारिश के दौरान रेत की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जबकि रेत माफिया खुलेआम काम कर रहे हैं।



पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि रेत खनन नदियों को खाली कर रहा है। "यदि आपके जिले में गोलियां चल रही हैं, तो यह मामला गंभीर हो जाता है।"



ये खबर भी पढ़ें:



अवैध रेत खनन पर बड़ा एक्शन: 500 टन रेत जब्त, खुद फिल्ड पर उतरे कलेक्टर, एसएसपी



सदन में नहीं दी चर्चा की अनुमति

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इस मामले पर स्थगन की सूचना मिलने के बावजूद, सदन में चर्चा की अनुमति नहीं दी। इसके बाद विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन किया और यह मुद्दा सुर्खियों में आ गया।



4 पॉइंट में समझें पूरी खबर

विपक्ष का आरोप: विपक्ष ने विधानसभा में शून्य काल में अवैध रेत उत्खनन का मुद्दा उठाया। डॉ. चरणदास महंत ने कहा, "रेत खनन पुलिस और माइनिंग अधिकारियों की निगरानी में हो रहा है।"

सदन में चर्चा की अस्वीकृति: विधानसभा अध्यक्ष ने इस मुद्दे पर चर्चा की अनुमति देने से मना कर दिया। इसके बाद विपक्ष ने सदन से बाहर जाने का निर्णय लिया।

माइनिंग अधिकारियों पर आरोप: विपक्ष ने कहा कि अधिकारियों के पास रेत माफियाओं के खिलाफ कोई ठोस आदेश नहीं है, और कार्रवाई नहीं हो रही है।

पत्रकारों के खिलाफ हिंसा: देवेंद्र यादव ने कहा कि अवैध रेत खनन की खबरों को दबाने के लिए पत्रकारों के खिलाफ हिंसा का सहारा लिया जा रहा है।

18 महीने में स्थिति गंभीर

कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि पिछले 18 महीनों में स्थिति बहुत गंभीर हो गई है। बाहरी रेत माफिया गैंगवार, गोलीबारी, चाकूबाजी और वाहनों से कुचलने जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। बलरामपुर जिले में बाहरी रेत माफियाओं ने एक पुलिस आरक्षक को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। इसके अलावा, अवैध रेत खनन से जुड़े कुछ लोगों ने वन विकास निगम के अधिकारियों की जमकर पिटाई की। राजनांदगांव में एक अन्य घटना में अवैध रेत माफियाओं ने ग्रामीणों पर गोलियां चलाईं।



ये खबर भी पढ़ें:



अवैध रेत खनन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 245 हाईवा रेत जब्त



रेत माफियाओं ने कब-कब किया हमला

10 जून को हुई फायरिंग: राजनांदगांव जिले के बसंतपुर थाना क्षेत्र के मोहड़ गांव में अवैध रेत खनन रोकने गए ग्रामीणों पर रेत माफियाओं ने फायरिंग की। इस गोलीबारी में 2 युवक घायल हो गए थे। यह घटना 10 जून 2025 की रात को हुई। उस रात ग्रामीण रेत की चोरी रोकने के लिए मौके पर पहुंचे थे। चोरी रोकने गए ग्रामीणों पर रेत माफियाओं ने चार से पांच राउंड फायरिंग की।


इस गोलीबारी में एक युवक, रोशन मंडावी, के सिर को गोली छूते हुए निकल गई। इस गोलीबारी में दो अन्य लोग भी घायल हुए थे।



9 जून को पत्रकार पर हमला: 9 जून 2025 को गरियाबंद जिले में पत्रकार अवैध रेत खनन की रिपोर्टिंग के लिए पितईबंद के रेत खदान पहुंचे थे। वहां पत्रकारों को देख कर कुछ लोग जो रेत माफिया से जुड़े हुए थे, वहां पहुंचे और गुस्से में आ गए। इन माफिया के गुर्गों के पास हथियार थे, और उन्होंने पत्रकारों के साथ मारपीट करने से पहले दो बार हवाई फायरिंग भी की। पत्रकारों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।



11 मई को आरक्षक की हत्या: बलरामपुर जिले के सनावल थाना क्षेत्र में 11 मई 2025 की रात अवैध रेत खनन के खिलाफ कार्रवाई की जा रही थी। तभी ग्राम लिबरा स्थित कनहर नदी में अवैध रेत खनन किया जा रहा था। पुलिस टीम कार्रवाई के लिए पहुंची थी। पुलिस टीम ने ट्रैक्टर को रोकने की कोशिश की, तो रेत माफिया के चालक ने गाड़ी को न रोकते हुए पुलिस के आरक्षक को कुचलते हुए भाग निकला। आरक्षक शिव बचन सिंह उम्र 43 की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई।



12 सितंबर को वन अमले पर हमला: कवर्धा जिले में अवैध रेत खनन के खिलाफ 12 सितंबर 2024 को कार्रवाई करने गए वन अमले पर रेत माफियाओं ने हमला किया। टीम ग्राम डालामौहा के कुदूर झोरी नाले में अवैध रेत खनन की जानकारी मिलने पर पहुंची थी। सर्कल प्रभारी गणेश चंद्रवंशी और उनके सहयोगियों ने रात 10.30 बजे मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की।



वनकर्मियों ने पाया कि ग्राम डालामौहा में रेत से भरा एक ट्रैक्टर-ट्रॉली कीचड़ में फंसा हुआ था, और नाला में दो अन्य ट्रैक्टर भी दिखाई दे रहे थे। टीम ने कार्रवाई शुरू की। तभी ग्रामीणों के साथ मिलकर रेत माफियाओं ने वन कर्मियों के साम मारपीट की। इस घटना में वन कर्मी गणेश चंद्रवंशी और अनिल कुर्रे गंभीर रूप से घायल हो गए।



thesootr links

दसूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट केसाथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें



अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧



छत्तीसगढ़ अवैध रेत खनन | गरियाबंद अवैध रेत खनन | धमतरी में अवैध रेत खनन | अवैध खनन



Tags:
  • भूपेश बघेल
  • अवैध खनन
  • डॉ. रमन सिंह
  • चरणदास महंत
  • छत्तीसगढ़ विधानसभा
  • अवैध रेत खनन
  • माफिया
  • विधानसभा
  • विपक्ष
  • रेत खनन
  • छत्तीसगढ़ अवैध रेत खनन
  • धमतरी में अवैध रेत खनन
  • गरियाबंद अवैध रेत खनन