विधानसभा में बदला कांग्रेस विधायक का सवाल, भूपेश बघेल के आरोप पर सदन में मचा बवाल, जांच की मांग
Raipur. छत्तीसगढ़ विधानसभा में सवाल बदलने के मामले में बड़ा बवाल मचा। यह सवाल कांग्रेस विधायक चातुरी नंद का था। उन्होंने कहा कि पूछा कुछ और जवाब कुछ और आ रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि विभाग ने चातुरीनंद का सवाल बदल दिया है। भूपेश ने कहा कि विधानसभा सचिवालय का इससे कोई लेना देना नहीं है लेकिन विभाग ने सवाल बदल दिया। इसकी जांच होनी चाहिए।
प्रश्नकाल में हंगामा :
प्रश्नकाल में विधायक चातुरी नंद का सवाल आया। विधायक ने वन विभाग के अफसरों पर उनके मूल प्रश्न को बदलने का आरोप लगाया। विधायक चातुरी नंद ने कहा कि उन्होंने जो प्रश्न किए थे वह अलग है। अफसरों ने जानबुझकर उनके मूल प्रश्न को ही बदल दिया। उनका इतना कहना था कि विपक्ष ने सदन में जमकर हंगामा मचाना शुरू कर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वन विभाग के अफसरों पर गंभीर अरोप लगाए। भूपेश ने इस मामले की जांच की मांग की।
क्या था सवाल :
साल 2025 में क्या महासमुंद वनमण्डल के सरायपाली वन परिक्षेत्र के अंतर्गत ग्राम जंगलबेड़ा में नर्सरी अथवा वृक्षारोपण का कार्य किया गया था? यदि हां, तो किस-किस प्रकार के कुल कितने वृक्ष कितने क्षेत्रफल में लगाए गए थे? (ख) क्या उपरोक्त नर्सरी की भूमि को उद्योग विभाग अधवा सोलर प्लांट स्थापना के लिए उपयोग करने हेतु वन विभाग द्वारा एनओसी जारी की गई थी? यदि हां, तो किन शर्तों के तहत कब एनओसी जारी की गई थी? (ग) क्या उक्त अवधि में जंगलबेड़ा में अवैध पेड़ कटाई के प्रकरण विभाग के संज्ञान में आए हैं? यदि हां, तो अवैध पेड़ कटाई पर विभाग द्वारा कब-कब क्या कार्रवाई की गई है?
वन मंत्री की सफाई :
वन मंत्री केदार कश्यप ने जवाब देते हुए कहा, जो जमीन गोदावरी सोलर संयंत्र को दी गई है। वह वन विभाग की नहीं है। मंत्री के जवाब के बाद विधायक चातुरी नंद ने कहा कि उनके पास दस्तोवज है, दस्तावेजों में जिस जमीन को गोदावरी सोलर प्लांट को दिया गया है वह वन विभाग की नर्सरी है।
इतना कहने के साथ ही विधायक ने वन मंत्री से पूछा कि वन विभाग की जमीन से सोलर संयंत्र द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जाएगी क्या। मंत्री के जवाब के बाद विपक्ष ने जमकर हंगामा मचाना शुरू कर दिया और वाकआउट कर दिया। सभापति धर्मलाल कौशिक ने कहा कि सवाल बदला नहीं गया है बल्कि उसमें निर्धारित समय का जिक्र जोड़ा गया है क्योंकि ऐसा न करते तो सवाल अग्राह हो जाता।
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