सदन में ‘जी राम जी’ के विरोध में विपक्ष, स्थगन प्रस्ताव हुआ अस्वीकार

thesootr Desk | Mar 17, 2026, 15:13 IST
Share
Opposition Protests Ji Ram Ji Initiative House Adjournment Motion Rejected
Opposition Protests Ji Ram Ji Initiative House Adjournment Motion Rejected

छत्तीसगढ़ विधानसभा में मनरेगा को ‘जी राम जी’ करने के विरोध में कांग्रेस ने स्थगन प्रस्ताव पेश किया, जिसे अध्यक्ष ने अग्राह्य नहीं माना। विपक्ष ने नाराज होकर सदन से बहिर्गमन किया और हंगामा किया।

NEWS IN SHORT

  • मनरेगा को ‘जी राम जी’ करने के विरोध सदन में स्थगन प्रस्ताव पेश
  • विधानसभा अध्यक्ष ने इस प्रस्ताव को किया अस्वीकार
  • बघेल ने की गरीबों से जुड़े मुद्दों पर की चर्चा की मांग
  • विपक्षी सदस्यों ने बहिर्गमन कर सदन से किया हंगामा
  • सत्ता और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव जारी

NEWS IN DETAIL

RAIPUR : छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को मनरेगा को ‘जी राम जी’ किए जाने के मुद्दे पर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच कड़ा टकराव देखने को मिला। कांग्रेस ने शून्यकाल के दौरान इस विषय को लेकर स्थगन प्रस्ताव प्रस्तुत किया, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने इसे अग्राह्य न मानते हुए अस्वीकार कर दिया। इससे नाराज विपक्ष ने सदन की कार्रवाई का बहिष्कार करते हुए हंगामा शुरू कर दिया और कुछ समय के लिए सदन से बाहर चले गए।

भूपेश बघेल ने सरकार पर साधा निशाना

पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेश बघेल ने शून्यकाल के दौरान कहा कि मनरेगा योजना गरीब जनता से सीधे जुड़ा हुआ कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि ‘जी राम जी’ की तुलना में पहले की मनरेगा योजनाएं ज्यादा बेहतर थीं। इसके आधार पर उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि स्थगन प्रस्ताव को ग्राह्य कर चर्चा कराई जाए।

सदन किसी दल का मंच नहीं - विधायक चंद्राकर

सत्तापक्ष के विधायक अजय चंद्राकर ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सदन किसी दल का मंच नहीं है और न ही यह विपक्ष या कांग्रेस की राजनीति का अड्डा है। उन्होंने कहा कि यह जनता के हित का मंच है और सदन का समय कीमती है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कल ही विपक्ष ने बताया था कि इस मुद्दे पर सदन में नहीं रहेंगे।

मामला सिर्फ नीति का नहीं नियत का है - नेता प्रतिपक्ष

विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच हंगामा शुरू होने के बाद, सदन में जोरदार नारेबाजी हुई। नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने कहा कि यदि जनता से जुड़े मुद्दों पर राजनीति करनी होगी तो वे करेंगे, लेकिन इसे गंभीरता से सुनना भी जरूरी है। इसके बाद आसंदी ने सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी।

कार्रवाई के पुनः शुरू होने के बाद चरण दास महंत ने स्थगन सूचना पर बोलते हुए कहा कि मामला सिर्फ नीति बदलने का नहीं है, बल्कि नियत का भी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह गरीब जनता से जुड़ा मामला है और इस पर चर्चा होना आवश्यक है। विपक्षी नेता कवासी लखमा और अन्य कई विपक्षी सदस्य भी इस बात को दोहराते हुए विधानसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया कि गरीबों से जुड़ा मुद्दा गंभीरता से उठाया जाए।

विपक्ष के प्रस्ताव को किया अस्वीकार

हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के स्थगन प्रस्ताव को अग्राह्य न मानते हुए अस्वीकार कर दिया। इसके विरोध में विपक्षी सदस्यों ने पुनः नाराजगी जताई और सदन से बाहर चले गए। इस प्रक्रिया के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोक-झोंक और आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला भी चला।

विशेषज्ञों द्वारा दी गई जानकारी

विशेषज्ञों का मानना है कि मनरेगा जैसे गरीबों से जुड़े कार्यक्रमों को राजनीतिक रंग देने के प्रयास सदन की कार्रवाई को प्रभावित कर सकते हैं। इस तरह के मुद्दों पर सदन में संतुलित चर्चा न होने से नीतिगत सुधारों और गरीबों के हितों की समीक्षा प्रभावित हो सकती है।

इस विवाद से यह भी स्पष्ट हुआ कि आगामी विधानसभा सत्र में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच मुद्दों पर संवाद की बजाय टकराव की संभावना बढ़ गई है। विपक्ष ने यह साफ कर दिया है कि वह गरीबों और ग्रामीण रोजगार से जुड़े मामलों पर अपनी सत्तापक्ष से टकराव की नीति जारी रखेगा। वहीं, सत्ता पक्ष ने यह जताया कि सदन का समय व्यर्थ राजनीति में खर्च नहीं होना चाहिए और इसे जनता के हित में उपयोग किया जाना चाहिए।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मनरेगा जैसे रोजगार कार्यक्रम पर उठाया गया यह विवाद आगामी चुनावों में भी पार्टियों के लिए चुनावी मुद्दा बन सकता है। दोनों पक्ष इस मामले को अपने राजनीतिक लाभ के लिए उजागर करने में लगे हुए हैं।

इस तरह, मंगलवार का दिन छत्तीसगढ़ विधानसभा में हंगामे और राजनीतिक विवादों से भरा रहा, जिसमें विपक्ष ने गरीबों से जुड़े मुद्दों पर स्थगन प्रस्ताव की चर्चा कराने की मांग की, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे अग्राह्य न मानते हुए कार्रवाई को जारी रखा।

निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ विधानसभा में मनरेगा को ‘जी राम जी’ करने के विरोध में विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव पेश किया, जिसे अध्यक्ष ने अग्राह्य नहीं माना। इसके बाद विपक्ष ने नाराज होकर सदन से बहिर्गमन किया और हंगामा शुरू हो गया। इससे स्पष्ट हुआ कि गरीबों से जुड़े मुद्दों पर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक टकराव जारी है।



ये खबरें भी पढ़े..

.कांग्रेस ने बनाई छत्तीसगढ़ विधानसभा के घेराव की योजना, 17 मार्च को प्रदर्शन

🔴छत्तीसगढ़ विधानसभा प्रश्नकाल Live

छत्तीसगढ़ विधानसभा : अमानक चावल और धान उठाव के मुद्दे पर विपक्ष का हंगामा

छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र 2026 शुरू, एक साल बाद सदन लौटे कवासी लखमा, विधायकों ने गले लगाकर किया स्वागत





Tags:
  • छत्तीसगढ़
  • Raipur
  • छत्तीसगढ़ विधानसभा
  • विधानसभा अध्यक्ष
  • मनरेगा
  • जनता
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा