भूपेश सरकार में हुए 11 हजार करोड़ रुपए के 6 महाघोटाले, हाथ लगी सिर्फ साढ़े तीन हजार करोड़ की संपत्ति

Arun Tiwari | Jan 22, 2026, 15:50 IST
cg-bhupesh-government-mega-scam-ed-cbi-investigation
छत्तीसगढ़ में पिछली भूपेश सरकार के कार्यकाल के दौरान सामने आए छह बड़े घोटालों ने राज्य की राजनीति और प्रशासन को हिला कर रख दिया ।घोटालों की कुल राशि करीब 11 हजार करोड़ रुपये आंकी गई है।

NEWS IN SHORT

    . भूपेश सरकार में 11 हजार करोड़ के घोटाले


    . शराब,कोयला,महादेव सट्टा समेत छह बड़े घोटाले


    . साढ़े तीन हजार करोड़ की संपत्ति जब्त


    . 80 से ज्यादा आरोपी जेल में


    . जेल में पूर्व मंत्री समेत कई अफसर



    NEWS IN DETAIL

    भूपेश सरकार के छह महाघोटाले :

    छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल के दौरान सामने आए छह बड़े घोटालों ने यह साफ कर दिया है कि सत्ता, सिस्टम और सिंडिकेट किस तरह समानांतर सरकार चला रहे थे। शराब, कोल लेवी, डीएमएफ, रीएजेंट, भारतमाला और महादेव सट्टा ऐप जैसे मामलों में कुल घोटाले की राशि करीब 11 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।



    प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), सीबीआई और ईओडब्ल्यू की कार्रवाई में अब तक 3,400 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। पूर्व मंत्री, आईएएस, राज्य सेवा के अधिकारी और बड़े कारोबारी मिलाकर 80 से अधिक आरोपी जेल की सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं। शराब घोटाले में अवैध बिक्री, कमीशन और सिंडिकेट सिस्टम के जरिए सरकारी खजाने को हजारों करोड़ का नुकसान हुआ।



    वहीं कोल लेवी घोटाले में कोयले के हर ट्रक पर ‘रेट’ तय था। रीएजेंट घोटाले में मरीजों के इलाज तक को मुनाफे का जरिया बना दिया गया। महादेव सट्टा ऐप घोटाले ने दिखा दिया कि कैसे डिजिटल सट्टा नेटवर्क से अरबों रुपये देश-विदेश तक ट्रांसफर हुए। भारतमाला और डीएमएफ घोटालों में विकास के नाम पर जमीन मुआवजा और खनिज फंड की खुली लूट सामने आई।



    ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ कोयला घोटाला: नवनीत तिवारी को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत, 570 करोड़ के स्कैम में शामिल



    3,200 करोड़ रुपये का शराब घोटाला :

    साल 2019 से 2023 के बीच अवैध शराब बिक्री और कमीशनखोरी से जुड़े करीब 3,200 करोड़ रुपये के घोटाले में अब तक 382.32 करोड़ रुपये से अधिक की 1,041 संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। इसमें पूर्व आईएएस निरंजन दास, 30 से अधिक आबकारी अधिकारी, होटल कारोबारी अनवर ढेबर और पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे चैतन्य बघेल से जुड़ी संपत्तियां शामिल हैं। तीन डिस्टिलरी की 96.55 करोड़ की संपत्ति भी कुर्क हुई है। ईडी का दावा है कि राज्य को लगभग 2,883 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जबकि घोटाले की राशि 3,500 करोड़ तक पहुंच सकती है।



    660 करोड़ का रीएजेंट घोटाला :

    छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (सीजीएमएससी) में 2022 से 2024 के बीच 660 करोड़ रुपये का दवा व उपकरण खरीद घोटाला सामने आया। ईडी ने 40 करोड़ से अधिक की संपत्ति अटैच की है। मास्टरमाइंड मोहित कॉरपोरेशन के डायरेक्टर शशांक चोपड़ा सहित सीजीएमएससी के पांच अधिकारी जेल में हैं, जबकि कई वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारी जांच के घेरे में हैं।



    ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: पूर्व IAS समेत 30 अधिकारियों की संपत्ति कुर्क



    540 करोड़ का कोल लेवी घोटाला :

    जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच 540 करोड़ रुपये के कोयला लेवी घोटाले में ईडी ने 273 करोड़ से अधिक की संपत्ति कुर्क की है। इसमें सूर्यकांत तिवारी, सौम्या चौरसिया, समीर विश्नोई सहित कई अधिकारी और कारोबारी शामिल हैं।



    - 6,000 करोड़ का महादेव सट्टा ऐप घोटाला :

    2022–23 के महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में ईडी की कार्रवाई सबसे बड़ी रही है। अब तक 2,621 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त या फ्रीज की जा चुकी है।जनवरी 2026 में सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल से जुड़ी 91.82 करोड़ की संपत्ति कुर्क हुई। मुख्य आरोपी फरार घोषित किए जा चुके हैं।



    - भारत माला और डीएमएफ घोटाला :

    भारत माला परियोजना के जमीन मुआवजा घोटाले और 500 करोड़ से अधिक के डीएमएफ घोटाले में भी करोड़ों की संपत्तियां कुर्क की गई हैं। घोटालों में कई वरिष्ठ अधिकारी और बिचौलिये जेल में हैं, जबकि कुछ आने वाले दिनों में जमानत पर बाहर आ सकते हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि आने वाले समय में कार्रवाई और तेज होगी।



    ये खबर भी पढ़ें... CG के पहले मुख्यमंत्री के बेटे ने भूपेश बघेल पर लगाए सनसनीखेज आरोप, The Sootr पर पूरा इंटरव्यू जल्द



    ईडी की जद में आए ये बड़े नाम:

    - पूर्व आबकारी मंत्री और विधायक कवासी लखमा शराब घोटाले में जेल में बंद


    - चैतन्य बघेल पर शराब घोटाले का आरोप, जमानत पर बाहर आए


    - अनवर ढेबर पर शराब घोटाले का आरोप,जेल में बंद


    - वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के तत्कालीन संयुक्त सचिव अनिल टुटेजा के विरुद्ध अभियोजन की स्वीकृति प्रदान कर कार्यवाही की गई। वर्तमान में अनिल टुटेजा जेल में हैं।



    - तत्कालीन कोरबा कलेक्टर आईएएस रानू साहू को ईडी द्वारा कार्यवाही कर जेल भेजे जाने पर राज्य सरकार द्वारा निलंबित किया गया है। विधि एवं विधायी कार्य विभाग द्वारा उनके खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति प्रदान की गई है। वर्तमान में वे जमानत पर हैं।



    - आईएएस समीर विश्नोई तत्कालीन निदेशक भू विज्ञान एवं खनिज के विरुद्ध सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आरोप पत्र जारी किया गया है। इसके अलावा ईडी द्वारा कार्यवाही कर जेल दाखिल किए जाने पर राज्य सरकार द्वारा उन्हें निलंबित किया गया है। विधि एवं विधायी कार्य विभाग द्वारा उनके खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति प्रदान की गई है। वर्तमान में वे जमानत पर हैं।



    - रिटायर्ड आईएएस निरंजन दास तत्कालीन आयुक्त और सचिव आबकारी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जेल में दाखिल किया गया है। उनके विरुद्ध विधि एवं विधायी कार्य विभाग से अभियोग पत्र प्रस्तुत करने की अनुमति मांगी गई है। वर्तमान में वे जेल में हैं।



    - जेपी मौर्य आईएएस तत्कालीन संचालक भौमिकी एवं खनिकर्म के खिलाफ सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा एसीबी/ ईओडब्ल्यू को संदेही अफसर के रूप में जांच की अनुमति दी गई है।



    - राज्य प्रशासनिक सेवा की अफसर और तत्कालीन उपसचिव मुख्यमंत्री कार्यालय छत्तीसगढ़ शासन सौम्या चौरसिया के विरुद्ध प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति को संज्ञान में लेकर निलंबन की कार्यवाही की गई है। विधि एवं विधायी कार्य विभाग में इनको विरुद्ध अभियोजन की स्वीकृति दी है। सौम्या चौरसिया जमानत पर थीं लेकिन ईडी ने उनको फिर गिरफ्तार किया है।



    - राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसर भरोसा राम ठाकुर, तत्कालीन अपर कलेक्टर को सामान्य प्रशासन विभाग ने निलंबित किया है। विधि एवं विधायी कार्य विभाग में इनके विरुद्ध अभियोजन की स्वीकृति दी है, वर्तमान में समय वे जमानत पर हैं।



    ये खबर भी पढ़ें... डीएमएफ घोटाला में EOW ने विशेष कोर्ट में पेश की 6,000 पन्नों की चार्जशीट



    Sootr Knowledge :

    छत्तीसगढ़ में पिछली भूपेश सरकार के कार्यकाल के दौरान कई बड़े घोटाले सामने आए। इन घोटालों ने छत्तीसगढ़ को देश में कुख्यात कर दिया। ये घोटाले चुनाव में अहम मुद्दा भी बने। बीजेपी ने बार बार इन घोटालों का जिक्र कर जनता का समर्थन हासिल किया और सरकार बनाई। इन घोटालों में मुख्य रुप से शराब, कोल लेवी, डीएमएफ, दवा–उपकरण (रीएजेंट), भारतमाला परियोजना, महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी, कस्टम मिलिंग और सीजीपीएससी जैसे मामले शामिल हैं।



    Important Points :

    . भूपेश सरकार में हुए महाघोटाले


    . शराब,कोयला,महादेव सट्टा समेत छह बड़े घोटाले


    . 11 हजार करोड़ के घोटाले


    . साढ़े तीन हजार करोड़ की संपत्ति जब्त


    . 80 से ज्यादा आरोपी जेल में


    . जेल में पूर्व मंत्री समेत कई अफसर



    अब आगे क्या :

    इन घोटालों की जांच अभी जारी है। सूत्र बताते हैं कि अभी और आरोपी जेल जा सकते हैं। साथ ही संपत्ति की कुर्की की कार्यवाही भी जारी रहेगी। इन घोटालों की जांच ईडी,सीबीआई,एसीबी और ईओडब्ल्यू जैसी जांच एजेंसियां कर रही हैं। कोर्ट में चालान पेश किए जा रहे हैं। चालान के बाद ट्रायल चलेगा जिसमें कोर्ट के फैसले शुरु हो जाएंगे।



    निष्कर्ष :

    पूर्व मंत्री, कारोबारी, पूर्व आईएएस अफसर जेल में बंद हैं। इन पर जनता के खून पसीने की कमाई को लूटने का आरोप है। कानून पर जनता को पूरा भरोसा है और ऐसी कार्यवाही से जनता का भरोसा मजबूत होता है। यह भी साबित होता है कि कोई कितना भी बड़ा हो गुनाह करने वाला आखिर जेल जाता ही है।



    Tags:
    • भूपेश बघेल
    • छत्तीसगढ़
    • महादेव सट्टा ऐप
    • कोयला घोटाला
    • भूपेश सरकार
    • छत्तीसगढ़ शराब घोटाला