सरकार की मंजूरी के लिए अटकी 8 अफसरों की करॅप्शन फाइल, EOW को 9 IFS के खिलाफ शिकायत की जांच की मनाही

Arun Tiwari | Mar 12, 2026, 15:55 IST
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छत्तीसगढ़ में जिस दिन नई सरकार ने शपथ ली, तब से लेकर अब तक 50 आला अफसरों की फाइल जांच की मंजूरी के लिए आ चुकी है। ACB और EOW ने 29 आईएएस, 6 आईपीएस और 15 आईएफएस के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत की जांच के लिए सरकार को आवेदन भेजा।

NEWS IN SHORT

  • आईएएस,आईपीएस,आईएफ की जांच की फाइल अटकी
  • ईओडब्ल्यू और एसीबी ने मांगी से सरकार से जांच की मंजूरी
  • मंजूरी के लिए अटकी 6 अफसरों की करॅप्शन फाइल
  • 9 आईएफएस अफसरों की जांच की फाइल नामंजूर

NEWS IN DETAIL

आला अफसरों पर कार्रवाई अटकी:

छत्तीसगढ़ में सीनियर अफसरों के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच से जुड़ी कई फाइलें सरकारी मंजूरी के इंतजार में अटकी हुई हैं। नई सरकार के शपथ लेने के बाद से अब तक करीब 50 आईएएस,आईपीएस और आईएफएस अफसरों के भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से जुड़े मामलों में ईओडब्ल्यू और एसीबी ने जांच की अनुमति के लिए प्रस्ताव भेजे।



लेकिन इनमें से कई मामलों पर अभी तक फैसला नहीं हो पाया है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने 13 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 के बीच 29 आईएएस, 6 आईपीएस और 15 आईएफएस अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए सरकार से अनुमति मांगी।



इनमें से महीनों बीत जाने के बाद भी कई मामलों में मंजूरी नहीं मिल सकी है। जानकारी के मुताबिक 4 आईएएस और 4 आईएफएस अधिकारियों की जांच से जुड़ी फाइलें अभी भी सरकार के पास लंबित हैं।



वहीं इन प्रस्तावों में से 9 आईएफएस अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार जांच की अनुमति अस्वीकृत कर दी गई। जिनकी जांच अस्वीकृत की गई है उनमें हो सकता है कि सरकार ने अपने स्तर पर उनकी जांच कराई हो या जवाब तलब किया हो।



उसके बाद यह प्रकरण ईओडब्ल्यू की जांच के योग्य नहीं पाए गए हों। हो सकता है उनके खिलाफ ईओडब्ल्यू में की गई शिकायत का कोई ठोस आधार न निकला हो। हम यह नाम सरकार के दस्तावेजों के आधार पर बता रहे हैं।



इन आईएएस की जांच सरकार की मंजूरी के लिए लंबित :

इफ्फत आरा,आईएएस :


तत्कालीन एमडी, पाठ्य पुस्तक निगम


शिकायत - कागज खरीदी के टेंडर में भ्रष्टाचार


ईओडब्ल्यू में दर्ज शिकायत क्रमांक - 78/2024


13 अप्रैल 2024 को ईओडब्ल्यू ने सरकार से मांगी मंजूरी



संजय अलंग, आईएएस :


तत्कालीन डायरेक्टर,समाज कल्याण विभाग


शिकायत - प्रशासकीय मद एवं निराश्रित राशि में अनियमितता


ईओडब्ल्यू में दर्ज शिकायत क्रमांक - 298/2018


29 जनवरी 2025 को ईओडब्ल्यू ने सरकार से मांगी मंजूरी



इफ्फत आरा,आईएएस :


तत्कालीन एमडी, पाठ्य पुस्तक निगम


शिकायत : परिवहन के टेंडर में भ्रष्टाचार


ईओडब्ल्यू में दर्ज शिकायत क्रमांक - 2011/2020


30 अप्रैल 2025 को ईओडब्ल्यू ने सरकार से मांगी मंजूरी



सुधाकर खलको,आईएएस


तत्कालीन एमडी,हस्त शिल्प विकास बोर्ड


शिकायत - सरकारी फंड का दुरुपयोग


ईओडब्ल्यू में दर्ज शिकायत क्रमांक - 33/2022


22 अप्रैल 2025 को ईओडब्ल्यू ने सरकार से मांगी मंजूरी



इन आईएफएस की जांच को सरकार की नामंजूरी :

अरुण प्रसाद,आईएफएस


वन मंडल अधिकारी,राजनांदगांव


शिकायत - नीलगिरी का पौधा खरीदने में भ्रष्टाचार कर राशि गबन


ईओडब्ल्यू में दर्ज शिकायत क्रमांक - 69/2015


19 अप्रैल 2024 को सरकार ने ईओडब्ल्यू का आवेदन नामंजूर किया



डॉ एके बोआज,आईएफएस


तत्कालीन प्रबंध संचालक


शिकायत - पौधारोपण कार्य में भ्रष्टाचार


ईओडब्ल्यू में दर्ज शिकायत क्रमांक - 2011/2016


19 अप्रैल 2024 को सरकार ने ईओडब्ल्यू का आवेदन नामंजूर किया



डॉ एके बोआज,आईएफएस


तत्कालीन प्रबंध संचालक


शिकायत - कैंपा मद में अनियमितता


ईओडब्ल्यू में दर्ज प्रारंभिक जांच क्रमांक - 06/2016


29 जुलाई 2024 को सरकार ने ईओडब्ल्यू का आवेदन नामंजूर किया



विवेक आचार्य,आईएफएस


तत्कालीन वन मंडल अधिकारी,धमतरी


शिकायत - मजदूरों को भुगतान राशि आवंटन में अनियमितता


ईओडब्ल्यू में दर्ज शिकायत क्रमांक - 25/2015


11 जुलाई 2024 को सरकार ने ईओडब्ल्यू का आवेदन नामंजूर किया



ओपी यादव,आईएफएस


तत्कालीन वन मंडल अधिकारी,मनेंद्रगढ़


शिकायत - फर्जी बाउचर बनाकर रुपए गबन


ईओडब्ल्यू में दर्ज प्रारंभिक जांच क्रमांक - 79/2012


14 अक्टूबर 2024 को सरकार ने ईओडब्ल्यू का आवेदन नामंजूर किया



जगदीशन,आईएफएस


तत्कालीन वन मंडल अधिकारी,कोंडागांव


शिकायत - भंडार क्रय नियमों की अनदेखी कर अनियमितता


ईओडब्ल्यू में दर्ज शिकायत क्रमांक - 32/2017


2 दिसंबर 2024 को सरकार ने ईओडब्ल्यू का आवेदन नामंजूर किया



कुमार निशांत,आईएफएस


तत्कालीन वन मंडल अधिकारी, बिलासपुर


शिकायत - पद का दुरुपयोग कर लाभ प्राप्त किया


ईओडब्ल्यू में दर्ज प्रारंभिक जांच क्रमांक - 05/2025


29 मई 2025 को सरकार ने ईओडब्ल्यू का आवेदन नामंजूर किया



जेएस कैलासिया,आईएफएस


तत्कालीन वन मंडल अधिकारी,नारायणपुर


शिकायत - फर्जी मस्टर रोल बनाकर भ्रष्टाचार


ईओडब्ल्यू में दर्ज अपराध क्रमांक - 23/2008


17 जून 2025 को सरकार ने ईओडब्ल्यू का आवेदन नामंजूर किया



दिलेश्वर साहू,आईएफएस


तत्कालीन वन मंडल अधिकारी, जगदलपुर


शिकायत - फर्जी तरीके से खरीदी


ईओडब्ल्यू में दर्ज शिकायत क्रमांक - 59/2023


3 दिसंबर 2025 को सरकार ने ईओडब्ल्यू का आवेदन नामंजूर किया



इन आईएफएस की जांच की मंजूरी लंबित :

केके खेलवार,आईएफएस


तत्कालीन वन मंडल अधिकारी,कोरबा


शिकात - कीटनाशक खरीदी का फर्जी बिल लेकर राशि का गबन


ईओडब्ल्यू में दर्ज प्रारंभिक जांच क्रमांक - 30/2012


18 अप्रैल 2025 को ईओडब्ल्यू ने सरकार से मांगी मंजूरी



लक्ष्मण सिंह,आईएफएस


तत्कालीन वन मंडल अधिकारी,बलरामपुर


शिकायत - पद का दुरुपयोग कर शासकीय राशि का गबन


ईओडब्ल्यू में दर्ज शिकायत क्रमांक - 06/2022


30 अप्रैल 2025 को ईओडब्ल्यू ने सरकार से मांगी मंजूरी



चूणामणी सिंह,आईएफएस


तत्कालीन उप वन मंडल अधिकारी,मुंगेली


शिकायत - मजदूरों की राशि भृत्य के परिजनों के खाते में जमा कर लाखों का भ्रष्टाचार


ईओडब्ल्यू में दर्ज शिकायत क्रमांक - 704/2021


20 नवंबर 2025 को ईओडब्ल्यू ने सरकार से मांगी मंजूरी



एसपी मसीह,आईएफएस


तत्कालीन वन मंडल अधिकारी,बिलासपुर


शिकायत - क्रय नियम का पालन नहीं कर भ्रष्टाचार


ईओडब्ल्यू में दर्ज शिकायत क्रमांक - 119/2017


20 नवंबर 2025 को ईओडब्ल्यू ने सरकार से मांगी मंजूरी



दस्तावेज :


इन अफसरों से जुड़े दस्तावेज द सूत्र के पास हैं।



Sootr knowledge :

भारतीय सेवा से जुड़े अफसरों के खिलाफ जांच की प्रक्रिया तय है। अफसरों के खिलाफ जांच शुरू करने के लिए कानूनी तौर पर राज्य सरकार की अनुमति जरूरी होती है। इसी वजह से कई मामलों में एजेंसियां जांच शुरू नहीं कर पा रही हैं।



Important Points

.13 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक का आंकड़ा


. 50 आईएएस,आईपीएस और आईएफएस की जांच की मंजूरी के लिए आवेदन आए


. 29 आईएएस,6 आईपीएस,15 आईएफएस के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले


. जांच के लिए ईओडब्ल्यू और एसीबी ने मांगी मंजूरी


. कई अधिकारियों की जांच की फाइलें लंबित



अब आगे क्या :

अब इन लंबित फाइलों पर सरकार का फैसला आने के बाद ही यह तय होगा कि किन अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच आगे बढ़ेगी और किन मामलों को बंद किया जाएगा।



निष्कर्ष :

कई वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ जांच की फाइलें महीनों से सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रही हैं, जिससे जांच प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। जब भ्रष्टाचार की जांच की फाइलें लंबे समय तक अटकी रहती हैं या कुछ मामलों को मंजूरी नहीं मिलती। तब प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल उठते हैं।



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