छत्तीसगढ़ की जेलों में 375 मौतें, 62 मामलों की जांच अब भी लंबित
समझें क्या है पूरा मामला
Raipur। छत्तीसगढ़ की जेलों में कैदियों की मौत का आंकड़ा चिंता बढ़ाने वाला है। पिछले पांच सालों में प्रदेश की अलग-अलग जेलों में 375 बंदियों की मौत हुई है। इनमें से 311 मामलों में जांच पूरी हो चुकी है। वहीं 62 मामलों की जांच रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आई है। यह जानकारी गृह मंत्री विजय शर्मा ने विधानसभा में कांग्रेस विधायक उमेश पटेल के सवाल के जवाब में दी है।
गृह विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 1 जनवरी 2021 से 25 जून 2026 तक जेल अभिरक्षा में 375 कैदियों की मृत्यु दर्ज की गई। इनमें 373 मामलों में दंडाधिकारी या न्यायिक जांच के आदेश जारी किए गए थे। हालांकि सभी मामलों की जांच पूरी नहीं हो सकी है। 62 मामलों में रिपोर्ट का इंतजार अभी भी जारी है।
साल 2022 में सबसे ज्यादा मौतें दर्ज
आंकड़ों के अनुसार साल 2022 में जेल अभिरक्षा में सबसे ज्यादा मौतें हुईं। इस साल कुल 90 कैदियों की मौत दर्ज की गई। इसके बाद 2024 में 67 और 2021 में 71 मौतें हुईं। वर्ष 2023 में 57 कैदियों की मौत हुई थी। वहीं 2025 में यह आंकड़ा 55 रहा। साल 2026 में 25 जून तक 35 कैदियों की मौत दर्ज की जा चुकी है।
2026 में 35 मौतें, 32 जांच रिपोर्ट बाकी
गृह विभाग के जवाब के मुताबिक साल 2026 में अब तक दर्ज 35 मौतों के सभी मामलों में जांच के आदेश दिए गए हैं। हालांकि इनमें से केवल 3 मामलों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई है। बाकी 32 मामलों की रिपोर्ट अभी लंबित है। इसी तरह साल 2025 में हुई 55 मौतों में से 28 मामलों की जांच रिपोर्ट मिल चुकी है। जबकि 27 मामलों की रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई है।
पांच साल में 373 मामलों में दिए गए जांच आदेश
सरकार के आंकड़ों के अनुसार 2021 से 2026 तक कुल 373 मौतों के मामलों में जांच के आदेश जारी किए गए। साल 2021 में हुई सभी 71 मौतों की जांच पूरी हो चुकी है। साल 2022 के 89 मामलों में भी जांच रिपोर्ट प्राप्त हो गई है।
साल 2023 में 56 मामलों में जांच हुई और सभी रिपोर्ट मिल चुकी हैं। साल 2024 में 67 मामलों में जांच के आदेश दिए गए थे। इनमें 64 मामलों की रिपोर्ट मिल चुकी है जबकि 3 मामले अभी लंबित हैं।
जेलों में कैदियों की सुरक्षा पर सवाल
जेल अभिरक्षा में होने वाली मौतों को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। कैदियों की स्वास्थ्य सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली को लेकर भी चर्चा होती रही है। ऐसे में बड़ी संख्या में लंबित जांच रिपोर्ट सरकार और जेल प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है।
जांच रिपोर्ट के जरिए मौत के कारणों और जिम्मेदार परिस्थितियों का पता लगाया जाता है। रिपोर्ट लंबित रहने से कई मामलों में स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाती है।
क्या कहते हैं आंकड़े
2021 से 25 जून 2026 तक जेलों में 375 मौतें दर्ज हुईं।
373 मामलों में जांच के आदेश दिए गए।
311 मामलों की जांच रिपोर्ट मिल चुकी है।
62 मामलों की रिपोर्ट अभी लंबित है।
साल 2022 में सबसे ज्यादा 90 मौतें हुईं।
IMP FACTS
छत्तीसगढ़ की जेलों में 2021 से 25 जून 2026 तक 375 कैदियों की मौत हुई।
कुल 373 मामलों में न्यायिक/दंडाधिकारी जांच के आदेश दिए गए।
311 मामलों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है।
62 मामलों की जांच रिपोर्ट अभी लंबित है।
साल 2022 में सबसे ज्यादा 90 मौतें दर्ज हुईं।
साल 2026 में 25 जून तक 35 कैदियों की मौत हुई।
साल 2025 में 55 मौतें दर्ज हुईं।
साल 2024 में 67 मौतों में से 3 मामलों की रिपोर्ट लंबित है।
FAQ
- छत्तीसगढ़ की जेलों में पांच साल में कितनी मौतें हुईं?
छत्तीसगढ़ की जेलों में 2021 से 25 जून 2026 तक 375 कैदियों की मौत हुई है। - जेल मौत के कितने मामलों की जांच रिपोर्ट लंबित है?
कुल 62 मामलों में जांच रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। - किस साल जेलों में सबसे ज्यादा मौतें दर्ज हुईं?
साल 2022 में सबसे ज्यादा 90 कैदियों की मौत दर्ज की गई।
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