बीजेपी सरकार में हुआ 3800 करोड़ का शराब ओवर रेटिंग घोटाला,कांग्रेस का आरोप
समझें क्या है पूरा मामला
Raipur : छत्तीसगढ़ में एक बार फिर शराब घोटाले की गूंज है। कांग्रेस ने सरकार पर शराब के ओवर रेटिंग घोटाले का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने इसे 3870 करोड़ का घोटाला बताया है। कांग्रेस के प्रदेश संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि प्रदेश में शराब धड़ल्ले से ओवर रेट में बेची जा रही है। इस पूरे खेल को सत्ता का संरक्षण मिला हुआ है। शराब की ओवर रेटिंग सरकार में बैठे हुए लोग करा रहे है।
हर ब्रांड की शराब में 10 से 60 रूपए तक प्रति बोतल वसूला जा रहा था। शराब के काऊंटर में बैठे लोग दावा कर रहे है कि शराब का पैसा ऊपर तक जा रहा था। यह मामला मीडिया मे आया और जनता ने विरोध किया तब जाकर कुछ अधिकारियों को सस्पेंड करने की कार्यवाही की गयी। अधिकारी तो सरकार के निर्देश पर काम कर रहे थे उन्हे बलि का बकरा बना दिया गया।
शराब की बॉटल में 60 से ज्यादा रेट
शुक्ला ने कहा कि सरकारी आंकड़ों में प्रतिदिन शराब का विक्रय 28 लाख 65 हजार बोतल है। हर बोतल में 10 से 60 रू अधिक वसूला जा रहा है। रोजाना 4 करोड़ 29 लाख रुपए की अवैध वसूली हो रही है। इस हिसाब से महीने का 129 करोड़ की कमाई की जा रही है।
सालभर में यह अवैध कमाई 1548 करोड़ रुपए होती है। पिछले ढाई साल में इस सरकार में 3870 करोड़ का शराब ओवर रेटिंग घोटाला हुआ है। पूरे प्रदेश में संगठित शराब घोटाला चल रहा है। हजारों करोड़ रूपये की वसूली हो रही है। इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होगी तब पता चलेगा कितने बड़े-बड़े लोग शामिल है।
मिलावटी शराब बेची जा रही
शुक्ला ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में बीजेपी सरकार के दौरान नकली, मिलावटी और अवैध शराब का कारोबार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि रायगढ़ में नकली शराब की पैकिंग की जा रही थी, जबकि रायपुर के तेलीबांधा में नकली होलोग्राम वाली शराब पकड़ी गई। राजनांदगांव अवैध शराब का बड़ा केंद्र बन चुका है। बलरामपुर की सरकारी शराब दुकान में बीयर की बोतल से गंदा पानी मिलने का मामला सामने आया, वहीं जगदलपुर में बड़ी मात्रा में अवैध शराब जब्त हुई।
उन्होंने सवाल उठाया कि बिना राजनीतिक संरक्षण के कई जिलों की सीमाएं पार कर अवैध शराब की सप्लाई कैसे हो सकती है। शुक्ला ने सरकारी शराब दुकानों में दो गल्ले चलने का आरोप लगाते हुए पूछा कि मिलावटी शराब से होने वाली कमाई आखिर किसके पास जा रही है और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जनता इन सवालों के जवाब चाहती है।
ईडी और सीबीआई से जांच हो
कांग्रेस का कहना है कि इस पूरे मामले की जांच ईडी या सीबीआई से होनी चाहिए। इस जांच से सरकार क्यों घबरा रही है। कांग्रेस नेता का कहना है कि 5 सालों तक विपक्ष में रहकर शराबबंदी की बड़ी-बड़ी बात करने वाली बीजेपी, सरकार में आने के बाद शराब की काली कमाई में लग गई है। विपक्ष में रहकर शराब को लेकर तत्कालीन सरकार को कटघरे में खड़ा करने वाली बीजेपी की सरकार प्रदेश में शराब की खपत बढ़ाने की प्रयास में रोज नये प्रयोग कर रही है।
IMP FACTS
छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर शराब ओवर रेटिंग का आरोप लगाया है।
कांग्रेस ने इस कथित घोटाले की राशि करीब 3870 करोड़ रुपए बताई है।
कांग्रेस नेता सुशील आनंद शुक्ला ने ED और CBI जांच की मांग की है।
आरोप है कि शराब की बोतलों पर 10 से 60 रुपए तक अतिरिक्त वसूली की गई।
कांग्रेस के अनुसार रोजाना करीब 4.29 करोड़ रुपए अवैध वसूली का दावा किया गया है।
कांग्रेस ने मिलावटी और नकली शराब बिक्री के मामलों का भी जिक्र किया है।
सरकार की ओर से इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। ये कांग्रेस के लगाए गए आरोप हैं।
FAQ
- छत्तीसगढ़ शराब ओवर रेटिंग मामले में कांग्रेस ने क्या आरोप लगाया है?
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ में शराब की बोतलों पर तय कीमत से ज्यादा पैसा वसूला गया। पार्टी ने इसे करीब 3870 करोड़ रुपए का घोटाला बताया है। - कांग्रेस के अनुसार शराब पर कितनी अतिरिक्त वसूली की गई?
कांग्रेस का दावा है कि अलग-अलग ब्रांड की शराब पर प्रति बोतल 10 से 60 रुपए तक ज्यादा लिए गए। - कांग्रेस ने इस मामले में किस जांच की मांग की है?
कांग्रेस ने कथित शराब घोटाले की जांच ED और CBI से कराने की मांग की है।
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