3200 करोड़ वाले शराब घोटाले में 29 अफसरों पर शिकंजा, ED की मांग पर सरकार ने दी अभियोजन की मंजूरी
Raipur. छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में बड़ा प्रशासनिक और कानूनी कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने आबकारी विभाग के 29 अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन चलाने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद मामले में कार्रवाई का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
लंबे समय से ईडी इस मंजूरी का इंतजार कर रहीं थीं। अब अनुमति मिलने के बाद अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई तेज होने की संभावना है। माना जा रहा है कि इस निर्णय के बाद कई अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
ED को मिला खुला रास्ता
जानकारी के मुताबिक ED यानी प्रवर्तन निदेशालय को इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अभियोजन स्वीकृति मिल चुकी है। यह मंजूरी मिलने के बाद जांच एजेंसी अब आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर सकती है।
जांच के दौरान जिन अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी, उन पर अब सख्त कार्रवाई की तैयारी है। सूत्रों के मुताबिक ईडी इस मामले में जल्द ही नए कदम उठा सकती है। पूछताछ, गिरफ्तारी और संपत्ति से जुड़े पहलुओं पर भी एजेंसी की नजर है।
जेल जाने की बढ़ी आशंका
अभियोजन की मंजूरी मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ गिरफ्तारी या अन्य सख्त कार्रवाई की संभावना भी बढ़ गई है। जांच एजेंसियां अब दस्तावेज और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर सकती हैं। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने पर कुछ अधिकारियों को जेल भी जाना पड़ सकता है। इस मामले में पहले भी कई खुलासे हो चुके हैं, जिससे प्रशासनिक हलकों में हलचल मची हुई है।
मंत्रालय में अटकी थी फाइल
बताया जा रहा है कि इस मामले से जुड़ी फाइल लंबे समय से मंत्रालय में लंबित पड़ी हुई थी। कई स्तरों पर विचार-विमर्श के बाद भी मंजूरी नहीं मिल पा रही थी। हाल ही में विभागीय मंत्री के हस्तक्षेप के बाद फाइल को हरी झंडी दी गई। इसके बाद सरकार ने 29 अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन की अनुमति जारी कर दी। इस फैसले को प्रशासनिक सख्ती के रूप में भी देखा जा रहा है।
EOW कोर्ट से पहले ही मिल चुकी है जमानत
इस मामले में मंगलवार को आबकारी विभाग के 29 अधिकारी रायपुर स्थित ईओडब्ल्यू कोर्ट में पेश हुए थे। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद सभी अधिकारी अग्रिम जमानत के कागजात लेकर अदालत पहुंचे थे। कोर्ट ने एक-एक लाख रुपये का जमानत पट्टा जमा करने की शर्त पर 28 अधिकारियों को जमानत दे दी। हालांकि अभियोजन की मंजूरी मिलने के बाद आगे की कानूनी स्थिति बदल सकती है।
उपायुक्त स्तर के अफसर भी लपेटे में
जिन अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटकी है, उनमें उपायुक्त स्तर के अफसर भी शामिल हैं। इनमें अनिमेष नेताम, अरविंद कुमार पाटले, नीतू तोतानी, नोहर सिंह ठाकुर और विजय सेन शर्मा जैसे अधिकारी शामिल हैं। ये अधिकारी अलग-अलग संभागों और दफ्तरों में महत्वपूर्ण पदों पर पदस्थ रहे हैं। जांच में इनकी भूमिका सामने आने के बाद इनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
उपायुक्त स्तर के अफसर भी लपेटे में
जिन अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटकी है, उनमें उपायुक्त स्तर के अफसर भी शामिल हैं। इनमें अनिमेष नेताम, अरविंद कुमार पाटले, नीतू तोतानी, नोहर सिंह ठाकुर और विजय सेन शर्मा जैसे अधिकारी शामिल हैं। ये अधिकारी अलग-अलग संभागों और दफ्तरों में महत्वपूर्ण पदों पर पदस्थ रहे हैं। जांच में इनकी भूमिका सामने आने के बाद इनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
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