भूपेश बघेल का पलटवार, प्रूफ नहीं झूठ पर बहस करने सामने आएं अमित शाह

Arun Tiwari | Mar 31, 2026, 14:18 IST
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नक्सलवाद पर घमासान चल रहा है। अमित शाह के आरोपों पर भूपेश बघेल ने पलटवार किया है। भूपेश ने कहा कि शाह के आरोप सिर्फ झूठ है। केंद्र और राज्य के बीच आरोप-प्रत्यारोप से प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है।

Raipur. नक्सलवाद को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कड़ा जवाब दिया है। भूपेश बघेल ने कहा कि शाह प्रूफ देने की बात करते हैं और झूठ पर झूठ बोलते हैं। बघेल ने कहा कि उनको शर्म आनी चाहिए। वे किसी भी मंच पर आकर आंखों पर बहस करें।



लोकसभा में क्या बोले अमित शाह:

लोकसभा में नक्सलवाद पर चर्चा के दौरान अमित शाह ने छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती भूपेश सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में नक्सलियों को अप्रत्यक्ष संरक्षण मिला, जिससे हालात और जटिल हुए। शाह ने कहा कि भूपेश बघेल को प्रूफ दें क्या। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल ने नक्सल मामले पर केंद्र के साथ सहयोग नहीं किया। यदि सहयोग होता तो नक्सली 2 साल पहले खत्म हो जाते।



बघेल का पलटवार:

इन आरोपों पर भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बयान पूरी तरह झूठा और भ्रामक है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने नक्सलवाद से निपटने के लिए लगातार उच्चस्तरीय रणनीतिक बैठकें की थीं।यही नहीं कई बार केंद्र सरकार ने उनकी रणनीति की तारीफ भी की। बघेल ने कहा कि झूठ बोलने पर शाह को शर्म आनी चाहिए।



केंद्र ने कभी नहीं जताई आपत्ति:

बघेल ने कहा कि उनके पूरे कार्यकाल में केंद्र सरकार की ओर से कभी यह नहीं कहा गया कि राज्य सरकार नक्सलियों को संरक्षण दे रही है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि ऐसा कोई मामला है, तो उसका प्रमाण सार्वजनिक किया जाए।



तब खामोशी, अब आरोप क्यों:

पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि जब वे सत्ता में थे, तब केंद्र सरकार चुप क्यों रही और अब इस तरह के आरोप क्यों लगाए जा रहे हैं। बघेल ने नक्सलवाद जैसे संवेदनशील विषय पर राजनीति से बचने की अपील करते हुए कहा, “आप लड़ रहे हैं, तो हम भी लड़ते रहे हैं।”



दूरदराज इलाकों में बढ़ाए सुरक्षा कैंप:

उन्होंने यह भी बताया कि उनकी सरकार ने सुदूर क्षेत्रों में सुरक्षा कैंप स्थापित किए, जिससे आज नक्सल विरोधी अभियानों को मजबूती मिली है। बघेल ने कहा कि उनकी सरकार ने नक्सली हिंसा में कई वरिष्ठ नेताओं को खोया है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि एक बड़े हमले की जांच को आगे नहीं बढ़ने दिया गया।



आगे बढ़ेगी सियासी तकरार:

नक्सलवाद को लेकर दोनों नेताओं के तीखे बयानों के बाद प्रदेश में राजनीतिक माहौल और गर्म होने के संकेत हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और जोर पकड़ सकता है।



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