31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त होगा मुझे नहीं होता था विश्वास- विजय शर्मा
31 मार्च 2026 को छत्तीसगढ़ में सशस्त्र नक्सलवाद समाप्त हो गया है। गृहमंत्री विजय शर्मा ने आज इसकी घोषणा कर दी है। प्रेसक्लब में पत्रकारों से चर्चा करते हुए गृहमंत्री विजय शर्मा ने एक और खुलासा किया। विजय शर्मा ने बताया कि 31 दिसंबर 2026 तक छत्तीसगढ़ से सशस्त्र नक्सलवाद समाप्त होगा इस दावे पर उन्हें विश्वास नहीं होता था। इस शंका के साथ वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पास चले गए। इसके बाद अमित शाह ने उन्हें पूरा रोड मैप समझाया था।
जनवरी 2024 में पहली बैठक
विजय शर्मा ने बताया कि दिसंबर 2023 में छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनी। जनवरी 2024 में बस्तर में बड़ी बैठक हुई। इसमें नक्सल प्रभावित राज्यों के डीजीपी और केंद्रीय एजेंसियों ने हिस्सा लिया। तय किया गया कि सभी अपना मत और प्लानिंग बनाकर सबमिट करेंगे। दूसरी बैठक अगस्त 2024 में हुई जिसमें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लक्ष्य तय किया कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करना है। इसके बाद उसी रणनीति पर लगातार काम हुआ। लेकिन मुझे विश्वास नहीं हो रहा था।
CRPF और टेक्निकल ऑपरेशन का बड़ा रोल
सरकार के मुताबिक, सीआरपीएफ को विशेष टास्क दिया गया। छग में सीआरपीएफ कंपनियों की संख्या बढ़ाई गई। ऑपरेशनों को टेक्निकली मजबूत बनाया गया। इंटेलिजेंस और डिजिटल ट्रैकिंग का इस्तेमाल बढ़ाया गया। इसी वजह से ऑपरेशन सटीक और प्रभावी हुए।
अब कितने नक्सली बचे?
सरकार के मुताबिक, अब छत्तीसगढ़ में सक्रिय नक्सलियों की संख्या बेहद कम रह गई है। करीब 25-30 लोग ही बचे हैं, जो सक्रिय नहीं हैं। कुछ लोग वर्दी छोड़कर गांवों में वापस लौट चुके हैं। हालांकि कांकेर के नॉर्थ एरिया में कुछ गतिविधियां अभी भी चिन्हित की गई हैं। विजय शर्मा का कहना है कि उनके लिए अभी भी विकल्प खुला हुआ है।
नक्सलवाद छग की पहचान
विजय शर्मा के अनुसार देश में 90 प्रतिशत नक्सली छग से थे। जहां नक्सली पकड़े जाते उनका संबंध छग से रहता था। लेकिन अब 99 प्रतिशत सशस्त्र नक्सलवाद का खात्मा हो चुका है। अब बड़ी संख्या में हथियार बरामद किए गए हैं। साथ में सशस्त्र नक्सलियों का पुनर्वास करवाया गया है।
VTP प्रोग्राम शुरू करवाया
विजय शर्मा ने बताया कि नक्सलियों को पुनर्वास के बाद उनके लिए वह केसलान ट्रेनिंग प्रोग्राम भी शुरू कराया गया। सोनू दादा के बाद बड़ी संख्या में नक्सलियों ने पुनर्वास नीति को सही माना और घर वापसी की।
QR हुआ था जारी
विजय शर्मा के अनुसार उन्होंने नक्सलियों से बातचीत करने के लिए क्यूआर कोड भी जारी किया था। जिसके तहत उन्होंने पुनर्वास नीति में संशोधन या नक्सलियों से उनके विचार भी मांगे थे। गृह मंत्री विजय शर्मा का कहना है कि ऐसे छोटे-छोटे प्रयासों से यह सब कुछ संभव हुआ। जिसकी रणनीति केंद्र सरकार ने पहले ही तय कर लिया था।
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