भूपेश बोले गुजरात और नागपुर के चूहे खा रहे छत्तीसगढ़ का धान, बृजमोहन ने कहा मूसक पकड़ने के लिए चाहिए बिल्ली

Arun Tiwari | Jan 14, 2026, 13:57 IST
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छत्तीसगढ़ में गोदामों में धान खराब होने और चूहों द्वारा करोड़ों रुपये के धान खाने के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बीजेपी पर तीखा हमला करते हुए इसे गुजरात और नागपुर से आए “चूहों” से जोड़ा।

News in Short :

  • धान और चूहों पर सियासत: छत्तीसगढ़ में गोदामों में धान खराब होने को लेकर राजनीतिक तकरार तेज।
  • भूपेश बघेल का तंज: पूर्व सीएम ने कहा– गुजरात और नागपुर के “चूहे” छत्तीसगढ़ को खोखला कर रहे हैं।
  • बीजेपी पर हमला: भूपेश ने एक्स पर पोस्ट कर सरकार पर संरक्षण देने का आरोप लगाया।
  • बृजमोहन का पलटवार: बीजेपी सांसद बोले– चूहों को पकड़ने के लिए बिल्ली चाहिए, विपक्ष कमजोर है।
  • जिलों से सामने आए मामले: कवर्धा, महासमुंद सहित कई जिलों में करोड़ों का धान चूहों द्वारा खराब होने की खबरें।

News in Detail :

छत्तीसगढ़ में चूहों पर खूब सियासी तकरार हो रही है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चूहों को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का धान गुजरात और नागपुर के चूहे खा रहे हैं। इनको पिंजड़े में बंद नहीं किया तो यह छत्तीसगढ़ को खोखला कर देंगे। भूपेश ने तंज कसते हुए कहा कि चूहे की गारंटी,चूहे का सुशासन।



वहीं बीजेपी सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि चूहों को पकड़ने के लिए बिल्ली की जरुरत है। कवर्धा के बाद महासमुंद से भी ऐसी ही खबर आई थी कि करोड़ों का धान चूहे खा गए। इसके बाद अलग अलग जिलों से इस तरह की खबरें आ रही हैं। एक तरफ सरकार धान खरीद रही है तो दूसरी तरफ चूहे धान पर मौज उड़ा रहे हैं। सवाल तो यह है कि ये चूहे चार पैर वाले हैं या फिर दो पैर वाले।



एक्स पर ये बोले भूपेश बघेल :

चूहे ही चूहे!!


बीते कुछ दिनों से छत्तीसगढ़ 'चूहों' के कारण राष्ट्र पटल पर छाया हुआ है। ये 'चूहे' बेहद भूखे हैं। ये इतने भूखे हैं कि छत्तीसगढ़ को 'कुतर' रहे हैं। ये भूखे 'चूहे' कहाँ से आए हैं? क्या ये नागपुर के 'चूहे' हैं या फिर 'गुजरात' से आए हैं। क्योंकि हमारा छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है। हमारे 'चूहे' तो इतने भूखे नहीं हैं। ये भूखे 'चूहे' कवर्धा, महासमुंद, जशपुर सहित अब तक 30 करोड़ का धान खा गए हैं। इन 'चूहों' को संरक्षण कौन दे रहा है? क्या ये वही 'चूहे' हैं जो हमारे जल-जंगल-जमीन को खा रहे हैं।



क्या ये वही 'चूहे' हैं जो हसदेव और तमनार को उजाड़ रहे हैं? क्या ये वही 'चूहे' हैं जिनकी नज़र अब 'बस्तर' पर है? भाजपा के राज में इन 'चूहों' को आगे बढ़ाने वाले 'मूषक राज' को क्या आप जानते हैं? छत्तीसगढ़ को कुतर-कुतर कर खोखला करने की शुरुआत इन 'चूहों' ने की है। अगर समय रहते इन्हें पिंजड़ों में बंद नहीं किया गया, तो ये 'चूहे' हमारे छत्तीसगढ़ को खोखला कर देंगे। इन 'चूहों' का क्या करना है,हमें ही तय करना होगा। चूहे की गारंटी, चूहे का सुशासन।



ये बोले बृजमेाहन :

रायपुर से बीजेपी सांसद बृजमोहन अग्रवाल भी इन दिनों चर्चा में हैं। वे ऐसे मुद्द उठा रहे हैं जो बीजेपी सरकार को मुश्किल में डाल रहे हैं। बृजमेाहन ने कहा कि चूहों को पकड़ने के लिए बिल्ली चाहिए। बृजमोहन से जब यह पूछा गया कि उनके तेवर सरकार के प्रति सख्त क्यों हैं। इस पर बृजमोहन ने कहा कि छत्तीसगढ़ में विपक्ष कमजोर है। विपक्ष के पास कोई मुद्दा ही नहीं है। इसलिए हम जनता के मुद्दे सरकार के सामने उठा रहे हैं। जो काम विपक्ष को करना चाहिए वो काम हमको करना पड़ रहा है। आखिर जनता ने हमें चुना है तो जनता के मुद्दे तो उठाए जाएंगे।



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