छत्तीसगढ़ के 20 प्राइवेट यूनिवर्सिटीज की ऑनलाइन निगरानी, नया पोर्टल लॉन्च
पांच पॉइंट में समझें
- निजी यूनिवर्सिटी की हर गतिविधि पर अब ऑनलाइन नजर रखी जाएगी।
- छात्रों की डिग्री, मार्कशीट और एडमिशन रिकॉर्ड डिजिटल सिस्टम में दर्ज होंगे।
- पोर्टल पर फीस, कोर्स, प्लेसमेंट और मान्यता से जुड़ी जानकारी मिलेगी।
- बैकडेट डिग्री और फर्जी सर्टिफिकेट के मामलों पर रोक लगाने की तैयारी।
- रियल टाइम डाटा से यूनिवर्सिटी की गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ेगी।
Raipur। छत्तीसगढ़ की निजी यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्रों के लिए बड़ी खबर है। अब प्रदेश की सभी प्राइवेट यूनिवर्सिटी से जुड़ी जरूरी जानकारी एक ही ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध होगी। राज्यपाल रमेन डेका ने सोमवार को लोक भवन में छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के नए वेब पोर्टल का शुभारंभ किया।
इस पोर्टल के जरिए यूनिवर्सिटी के(Chhattisgarh Universities) कोर्स, फीस, मान्यता, रिजल्ट, डिग्री, प्लेसमेंट और अन्य गतिविधियों की जानकारी ऑनलाइन देखी जा सकेगी। सरकार का कहना है कि इससे निजी विश्वविद्यालयों के कामकाज में पारदर्शिता आएगी और छात्रों को सही जानकारी आसानी से मिल सकेगी।
एक क्लिक पर मिलेगी यूनिवर्सिटी की पूरी जानकारी
नए पोर्टल पर प्रदेश की निजी यूनिवर्सिटी से जुड़ी कई अहम जानकारियां उपलब्ध रहेंगी। छात्र और अभिभावक यहां यूनिवर्सिटी के कोर्स, एडमिशन प्रक्रिया, फीस स्ट्रक्चर और एकेडमिक कैलेंडर की जानकारी देख सकेंगे।
इसके अलावा छात्रों की मार्कशीट, डिग्री, रिजल्ट और शैक्षणिक रिकॉर्ड का भी डिजिटल डाटा तैयार किया जाएगा। यूनिवर्सिटी में कौन-कौन से अधिकारी काम कर रहे हैं, अलग-अलग कमेटियों की जानकारी और शिक्षकों के खाली पदों का विवरण भी पोर्टल पर उपलब्ध होगा।
आयोग के अधिकारियों के अनुसार, इस व्यवस्था से छात्रों को किसी भी यूनिवर्सिटी में प्रवेश लेने से पहले सही जानकारी मिल सकेगी।
फर्जी डिग्री और बैकडेट सर्टिफिकेट पर लगेगी रोक
निजी विश्वविद्यालयों में बैकडेट डिग्री और फर्जी प्रमाण पत्र को लेकर समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं। इसी को देखते हुए ऑनलाइन डाटा सिस्टम तैयार किया गया है।
अब हर यूनिवर्सिटी को छात्रों का रिकॉर्ड समय-समय पर अपडेट करना होगा। एडमिशन से लेकर परीक्षा और डिग्री जारी होने तक की पूरी जानकारी पोर्टल पर दर्ज रहेगी।
इससे किसी भी डिग्री या सर्टिफिकेट की जांच करना आसान होगा। अगर कोई फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल करता है तो ऑनलाइन रिकॉर्ड के जरिए उसकी जांच की जा सकेगी।
फीस और प्लेसमेंट की जानकारी भी होगी उपलब्ध
इस पोर्टल की खास बात यह है कि इसमें सिर्फ पढ़ाई से जुड़ी जानकारी ही नहीं, बल्कि यूनिवर्सिटी की दूसरी गतिविधियों का विवरण भी मिलेगा।
छात्र यहां यूनिवर्सिटी की फीस, एनईपी-2020 के तहत चल रहे कार्यक्रम, NAAC रेटिंग, दूसरी संस्थाओं के साथ हुए एमओयू, स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम, स्टार्टअप गतिविधियां और कैंपस प्लेसमेंट की जानकारी भी देख सकेंगे। इससे छात्रों को करियर से जुड़े फैसले लेने में आसानी होगी और यूनिवर्सिटी की गुणवत्ता का आकलन भी किया जा सकेगा।
रियल टाइम डाटा से बढ़ेगी शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता
निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष प्रोफेसर वीके गोयल ने बताया कि पोर्टल पर रियल टाइम डाटा सिस्टम लागू किया गया है। इससे आयोग के पास सभी निजी विश्वविद्यालयों की ताजा जानकारी उपलब्ध रहेगी।
यूनिवर्सिटी को अपने कोर्स, मान्यता और छात्रों से जुड़ी जानकारी समय पर अपडेट करनी होगी। इससे यह पता चल सकेगा कि कौन सा कोर्स किस यूनिवर्सिटी में मान्यता प्राप्त है। अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था से निजी विश्वविद्यालयों की निगरानी मजबूत होगी और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
छत्तीसगढ़ में संचालित हैं 20 निजी विश्वविद्यालय
छत्तीसगढ़ यूनिवर्सिटीज:छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 20 निजी विश्वविद्यालय संचालित हो रहे हैं। इनमें डॉ. सीवी रमन यूनिवर्सिटी कोटा, मैट्स यूनिवर्सिटी रायपुर, कलिंगा यूनिवर्सिटी नवा रायपुर, आईसीएफएआई यूनिवर्सिटी, आईटीएम यूनिवर्सिटी, एमिटी यूनिवर्सिटी, ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी रायगढ़ सहित अन्य संस्थान शामिल हैं।
इन सभी यूनिवर्सिटी का डाटा अब निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के नए पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा। नई व्यवस्था से छात्रों को यूनिवर्सिटी चुनने में आसानी होगी और निजी विश्वविद्यालयों की कार्यप्रणाली में जवाबदेही भी बढ़ेगी।
FAQ
- छत्तीसगढ़ की निजी यूनिवर्सिटी के नए पोर्टल पर कौन-कौन सी जानकारी मिलेगी?
पोर्टल पर कोर्स, फीस, मान्यता, रिजल्ट, डिग्री, मार्कशीट, प्लेसमेंट और यूनिवर्सिटी से जुड़ी अन्य जानकारी उपलब्ध होगी। - नए पोर्टल से छात्रों को क्या फायदा होगा?
छात्रों को यूनिवर्सिटी की सही जानकारी एक ही जगह मिल सकेगी और एडमिशन लेने से पहले बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलेगी। - क्या इस पोर्टल से फर्जी डिग्री पर रोक लगेगी?
हां, यूनिवर्सिटी के रिकॉर्ड ऑनलाइन होने से डिग्री और सर्टिफिकेट की जांच आसान होगी, जिससे फर्जीवाड़े पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
ये खबरें भी पढ़े...
नवा रायपुर में गोल्फ टूर्नामेंट :विजेता को 1 करोड़ का इनाम, कपिल देव करेंगे आगाज
एमिटी यूनिवर्सिटी की डीजे नाइट में फूटे सिर...बीजेपी का लगा था झंडा
हसीन चेहरों के काले कारनामे,कलिंगा यूनिवर्सिटी हॉस्टल से भी 3 गिरफ्तार
प्राइवेट विश्वविद्यालयों ने नहीं सुनी तो विनियामक आयोग करेगा कर्मचारियों की शिकायत की सुनवाई