छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम घोटाला: 3.61 करोड़ की गड़बड़ी मामले में EOW ने पेश किया चालान

Harrison Masih | Jul 31, 2025, 20:31 IST
CG Textbook Corporation scam EOW presented challan the sootr
छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम में करोड़ों रुपये की गड़बड़ी सामने आई है। ईओडब्ल्यू ने दो मुद्रकों और चार अधिकारियों के खिलाफ स्पेशल कोर्ट में चालान पेश किया है।

CG Textbook Corporation scam: छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाने वाले इस मामले में कार्रवाई करते हुए 2 मुद्रकों और 4 अधिकारियों के खिलाफ 31 जुलाई 2025 को विशेष न्यायालय रायपुर में करीब 2000 पन्नों का चालान पेश किया है।



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क्या है पूरा मामला?

वर्ष 2009-10 में पाठ्य पुस्तक निगम रायपुर द्वारा कक्षा 3-4 के हिंदी, गणित और पर्यावरण विषय के कार्ड्स की छपाई का काम प्राइवेट मुद्रकों को दिया गया था। इस कार्य में निविदा और नियमों का गंभीर उल्लंघन किया गया।



प्रबोध एंड कंपनी रायपुर को 8000-8000 सेट हिंदी और गणित कार्ड्स छपाई के लिए 3.82 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। छत्तीसगढ़ पैकेजर्स भिलाई को पर्यावरण कार्ड्स के लिए 2.04 करोड़ रूपए मिले। इस तरह कुल भुगतान 5.87 करोड़ रूपए हुआ, जबकि नियमों के मुताबिक केवल 1.83 करोड़ रूपए देना उचित था।



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कितना हुआ नुकसान?

किन लोगों पर हुई कार्रवाई?

EOW ने जिन लोगों के खिलाफ चार्जशीट पेश की है:

  • संजय पिल्ले – उप प्रबंधक, मुद्रण तकनीशियन
  • नंद गुप्ता – छत्तीसगढ़ पैकेजर्स प्रा. लि.
  • युगबोध अग्रवाल – प्रबोध एंड कंपनी प्रा. लि.

इसके अलावा एक और आरोपी जोसफ मिंज, जो उस समय प्रबंध संचालक थे, उनके खिलाफ भी आगे अलग से चार्जशीट पेश की जाएगी।



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छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम घोटाला क्या है?

  1. सरकारी नियमों की अनदेखी
    पाठ्य पुस्तक मुद्रण कार्य में निविदा की शर्तों और प्रक्रिया का उल्लंघन करते हुए अफसरों ने दो निजी कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाया।
  2. 3.61 करोड़ रुपये का नुकसान
    निगम द्वारा 3.61 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का फर्जी भुगतान कर सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया गया।
  3. EOW ने कोर्ट में पेश किया चालान
    आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने 2000 पन्नों की चार्जशीट स्पेशल कोर्ट में दाखिल की है, जिसमें 6 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
  4. दो मुद्रक और चार अधिकारी दोषी
    रायपुर और भिलाई की दो मुद्रण कंपनियों और पाठ्य पुस्तक निगम के चार अधिकारियों को घोटाले में संलिप्त पाया गया है।
  5. अगली कार्रवाई की तैयारी
    एक सेवानिवृत्त अधिकारी के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति मिलते ही अलग से चार्जशीट पेश की जाएगी। EOW की जांच अभी भी जारी है।

पाठ्य पुस्तक निगम घोटाला EOW चालान



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यह मामला सरकारी धन के दुरुपयोग और नियमों की अनदेखी का बड़ा उदाहरण है। अब देखना यह है कि कोर्ट में यह केस किस दिशा में जाता है और दोषियों को क्या सजा मिलती है। EOW ने इसे भ्रष्टाचार का संगीन मामला मानते हुए सख्त कार्रवाई की है।



FAQ

  1. छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम घोटाला कब सामने आया?
    यह घोटाला वर्ष 2009-10 के मुद्रण कार्य से जुड़ा है, लेकिन विस्तृत जांच के बाद 31 जुलाई 2025 को EOW ने कोर्ट में चालान पेश किया।
  2. इस घोटाले में कितनी राशि का नुकसान हुआ है?
    सरकारी खजाने को लगभग 3.61 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जो नियमों की अनदेखी कर निजी कंपनियों को अतिरिक्त भुगतान से जुड़ा है।
  3. किन-किन लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई है?
    दो मुद्रण कंपनियों के संचालकों सहित पाठ्य पुस्तक निगम के चार अधिकारियों पर चार्जशीट दाखिल की गई है, और एक सेवानिवृत्त अधिकारी पर अगली कार्रवाई की तैयारी चल रही है।

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