CG Top News : छत्तीसगढ़ के 26 साल: विकास की चमक के बीच कितनी बदली आम छत्तीसगढ़िया की जिंदगी? CHO का आंदोलन की चेतावनी समेत पढ़े दिनभर की बड़ी खबरें
26 साल में कितना बदला छत्तीसगढ़ और कितना बदला छत्तीसगढ़िया, विकास की चमक के बीच आम आदमी की जिंदगी
छत्तीसगढ़ अलग राज्य बनने के 26 साल पूरे कर चुका है। राज्य की स्थापना 1 नवंबर 2000 को हुई थी। इन वर्षों में नई राजधानी, चौड़ी सड़कें, बढ़ते शहर और बदलती जीवनशैली दिखती है। लेकिन विकास की कहानी सिर्फ इमारतों और योजनाओं में नहीं है। सवाल यह है कि इस दौरान आम छत्तीसगढ़िया की जिंदगी कितनी बदली। यह खबर पूरा पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
मेडम की सियासत ढलान पर,PSO की हनक आसमान पर, तमंचे पर हो रही बैठक,मीटिंग में उतरी माननीय की लू
रायपुर : इन दिनों छत्तीसगढ़ की सियासत का पारा गरम है। बीजेपी की प्रदेश प्रभारी स्मृति इरानी के दौरे ने पारे को और चढ़ा दिया है। प्रदेश में बीजेपी की एक बड़ी नेत्री हैं जिनके सितारे आजकर गर्दिश में चल रहे हैं लेकिन उनके पीएसओ का जलवा बरकरार है। पीएसओ की दादागिरी और तेवर मेडम की सियासत पर भारी पड़ने हैं। छत्तीसगढ़ में एक और अजब काम हो रहा है। यह खबर पूरा पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य कर्मचारियों का बड़ा ऐलान: 5 नवंबर को होगा स्वास्थ्य भवन का घेराव
छत्तीसगढ़ प्रदेश सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ ने आंदोलन की घोषणा की है। संघ के मुताबिक 5 नवंबर 2026 को 3,500 से अधिक सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) नवा रायपुर में स्वास्थ्य भवन का घेराव करेंगे। यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का कार्यालय है। यह छत्तीसगढ़ CHO संघ आंदोलन लंबित प्रोत्साहन राशि और कार्रवाई के विरोध में है। यह खबर पूरा पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
छत्तीसगढ़ की अदालत ने बिना लाइसेंस बाइक चलाने पर बेटे के साथ पिता को भी भेजा जेल, जानें पूरा मामला
दुर्ग की अदालत ने बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाले बेटे को बाइक देने पर पिता मोहन लाल बघेल को 3 महीने की जेल और 5 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं, बाइक चला रहे बेटे मोहित कुमार बघेल को भी अलग-अलग मामलों में सजा मिली है। इसमें 5 साल की जेल भी शामिल है। यह हादसा 4 अगस्त 2025 की रात सुपेला इलाके में हुआ था। यह खबर पूरा पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
छत्तीसगढ़ी भाषा में पढ़ाई पर फैसला नहीं लेने से हाईकोर्ट नाराज, स्कूल शिक्षा सचिव को अवमानना नोटिस
छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में छत्तीसगढ़ी भाषा की पढ़ाई का मुद्दा फिर चर्चा में है। हाईकोर्ट ने इस पर राज्य शासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। यह स्कूलों में छत्तीसगढ़ी भाषा। का मामला है। कोर्ट के पहले के आदेश के बावजूद तीन महीने में कोई ठोस फैसला नहीं हुआ, ऐसा याचिकाकर्ता का आरोप है। इसी पर हाईकोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को अवमानना नोटिस जारी किया है। यह खबर पूरा पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।