छत्तीसगढ़ बोर्ड ने स्कूलों को दी चेतावनी...इन छात्रों को एडमिशन दिया तो रद्द हो सकती है मान्यता

Harrison Masih | Jul 22, 2025, 09:06 IST
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छत्तीसगढ़ बोर्ड ने 10वीं-12वीं में अपात्र छात्रों के प्रवेश पर रोक लगाई है। नियमों के उल्लंघन पर स्कूलों की मान्यता रद्द और प्राचार्यों पर कार्रवाई होगी।

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने राज्य के सभी निजी और शासकीय स्कूलों को 10वीं और 12वीं कक्षा में प्रवेश के संबंध में कड़े निर्देश जारी किए हैं। मंडल ने स्पष्ट किया है कि प्रवेश नीति के विरुद्ध या अपात्र विद्यार्थियों को प्रवेश देने वाले स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ऐसे प्रवेशों को निरस्त किया जाएगा।

निजी स्कूलों की मान्यता रद्द करने तक की कार्रवाई हो सकती है, जबकि सरकारी स्कूलों के प्राचार्यों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। मंडल ने कहा है कि इसका संपूर्ण उत्तरदायित्व संबंधित संस्था प्रमुख का होगा।

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प्रवेश प्रक्रिया पर सख्त निगरानी

राज्य में इन दिनों नए शिक्षा सत्र के लिए प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है। प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के साथ ही हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक प्रवेश दिए जा रहे हैं। इस संबंध में माशिमं ने एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की है, जिसमें बताया गया है कि किन-किन नियमों का पालन करते हुए छात्रों को प्रवेश देना है।

10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं महत्वपूर्ण होती हैं, इसलिए इन कक्षाओं में प्रवेश को लेकर विशेष सावधानी बरतने के निर्देश सभी स्कूलों को दिए गए हैं।

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मंडल कार्यालय नहीं भेजेंगे छात्र या पालक

माशिमं ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रवेश से संबंधित किसी भी स्थिति में छात्र या पालक को मंडल कार्यालय नहीं भेजा जाए। प्रवेश की सारी प्रक्रिया संबंधित संस्था द्वारा ही पूरी की जाएगी।

स्थानांतरण प्रकरणों को छोड़कर, 10वीं और 12वीं में अधिकतम 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्रवेश देने की अनुमति दी गई है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी स्कूल में 9वीं कक्षा में 30 छात्र उत्तीर्ण हुए हों, 10वीं में 15 छात्र अनुत्तीर्ण हों और 5 श्रेणी सुधार के हों, तो कुल संख्या 50 बनती है। ऐसे में प्राचार्य बिना अनुमति के 5 (10%) अतिरिक्त छात्रों को प्रवेश दे सकते हैं।

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10 प्रतिशत से अधिक प्रवेश के लिए जरूरी सुविधाएं

यदि कोई स्कूल 10 प्रतिशत से अधिक छात्रों को प्रवेश देना चाहता है, तो उन्हें पहले स्कूल की सुविधाएं बढ़ानी होंगी — जैसे भवन विस्तार, पर्याप्त शिक्षक और स्टाफ की नियुक्ति, फर्नीचर की व्यवस्था आदि। इन सभी व्यवस्थाओं का नक्शा, फोटो एवं अन्य विवरण अनुविभागीय अधिकारी से प्रमाणित कराकर माशिमं कार्यालय भेजना होगा। मंडल कार्यालय जांच के बाद ही निर्णय देगा।


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  • अपात्र छात्रों का प्रवेश होगा निरस्त
    10वीं और 12वीं में पात्रता के बिना प्रवेश पाने वाले छात्रों का दाखिला रद्द किया जाएगा।
  • निजी स्कूलों पर गिरेगी गाज
    नियमविरुद्ध प्रवेश देने वाले निजी स्कूलों की मान्यता समाप्त करने का प्रस्ताव भेजा जाएगा।
  • प्राचार्य होंगे जिम्मेदार
    सरकारी स्कूलों के प्राचार्यों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी; पूरी जिम्मेदारी संस्था प्रमुख की होगी।
  • छात्र नहीं जाएंगे मंडल कार्यालय
    स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि छात्र या पालक को माशिमं कार्यालय न भेजें, सारी प्रक्रिया स्कूल स्तर पर पूरी हो।
  • अतिरिक्त प्रवेश के लिए शर्तें
    10% से अधिक छात्रों को प्रवेश देने पर भवन, स्टाफ और संसाधनों की व्यवस्था कर अनुमोदन अनिवार्य होगा।


नियमों का उल्लंघन किया तो होगी कार्रवाई

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने चेताया है कि यदि किसी संस्था ने नियमों के खिलाफ जाकर छात्रों को प्रवेश दिया, तो उन प्रवेशों को तत्काल निरस्त किया जाएगा और संस्था के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

माशिमं की इस कार्रवाई का मकसद शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना है, ताकि योग्य छात्रों को ही बोर्ड परीक्षाओं में बैठने का अवसर मिले। सभी स्कूलों से अपेक्षा की गई है कि वे गाइडलाइन का पालन कर पारदर्शी और नियमबद्ध प्रवेश प्रक्रिया अपनाएं।

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