बिलासपुर में प्लॉट खरीदने वालों के लिए अलर्ट! सौराष्ट्र परियोजना का रेरा पंजीयन निरस्त
Arun Tiwari | Oct 14, 2026, 14:57 IST
सौराष्ट्र परियोजना का रेरा पंजीयन निरस्त
Raipur. छत्तीसगढ़ में रियल एस्टेट परियोजनाओं की वैधानिकता को लेकर छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (CGRERA) ने बड़ी कार्रवाई की है। बिलासपुर जिले में विकसित की जा रही ‘सौराष्ट्र’ रियल एस्टेट परियोजना का रेरा पंजीयन निरस्त कर दिया गया है। परियोजना की स्वीकृत विकास अनुज्ञा निरस्त होने के बाद प्राधिकरण ने स्वतः संज्ञान लेते हुए यह निर्णय लिया।
CGRERA ने 5 अक्टूबर 2026 को पारित आदेश में स्पष्ट किया कि जब सक्षम प्राधिकारी की ओर से विकास अनुमति ही निरस्त कर दी गई है, तो ऐसी स्थिति में परियोजना का रेरा पंजीयन जारी रखना उचित नहीं है।इस कार्रवाई के बाद रियल एस्टेट परियोजनाओं में निवेश करने वाले लोगों के सामने विकास अनुमति और रेरा पंजीयन की वैधता जांचने का सवाल फिर महत्वपूर्ण हो गया है। प्राधिकरण ने आम नागरिकों, भूखंड खरीदारों और निवेशकों से अपील की है कि किसी भी परियोजना में पैसा लगाने से पहले उसके रेरा पंजीयन की वर्तमान स्थिति और संबंधित विभागों से मिली अनुमतियों की जानकारी जरूर हासिल करें।
प्राधिकरण से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिलासपुर के अग्रय नगर, वार्ड क्रमांक 12 में खसरा नंबर 1551 पर ‘सौराष्ट्र’ नाम से रियल एस्टेट परियोजना विकसित की जा रही थी। इसके प्रमोटर नमन गोयल हैं। परियोजना का पंजीयन CGRERA में क्रमांक PCGRERA161025001981 के तहत किया गया था।
परियोजना को संचालनालय, नगर तथा ग्राम निवेश, छत्तीसगढ़ की ओर से छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984 के नियम 25 के अंतर्गत विकास अनुज्ञा प्रदान की गई थी। हालांकि, बाद में संबंधित सक्षम प्राधिकारी ने इस विकास अनुज्ञा को निरस्त कर दिया। इसके बाद परियोजना की वैधानिक स्थिति पर सवाल खड़े हुए और मामला रेरा प्राधिकरण के संज्ञान में आया।
विकास अनुज्ञा किसी परियोजना के नियमानुसार विकास के लिए संबंधित सक्षम प्राधिकारी की ओर से दी जाने वाली महत्वपूर्ण अनुमति है। इसके आधार पर परियोजना में प्रस्तावित विकास कार्यों को निर्धारित नियमों और स्वीकृत योजना के अनुरूप किया जाना होता है। सौराष्ट्र परियोजना की विकास अनुज्ञा निरस्त होने के बाद CGRERA ने मामले की समीक्षा की। प्राधिकरण ने पाया कि संबंधित सक्षम प्राधिकारी की ओर से विकास अनुमति निरस्त किए जाने की स्थिति में परियोजना का रेरा पंजीयन जारी रखना उचित नहीं है। इसके बाद 5 अक्टूबर 2026 को आदेश पारित कर परियोजना का पंजीयन निरस्त कर दिया गया।
यह कार्रवाई इस बात को बताती है कि रियल एस्टेट परियोजना के लिए केवल रेरा में पंजीकृत होना ही पर्याप्त नहीं है। परियोजना से संबंधित विकास अनुमति और अन्य जरूरी स्वीकृतियों का वैध बने रहना भी महत्वपूर्ण है। यदि किसी परियोजना की आवश्यक अनुमति निरस्त हो जाती है, तो उसका असर परियोजना की स्थिति पर पड़ सकता है।
रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 के तहत निर्धारित श्रेणी की परियोजनाओं के प्रमोटरों के लिए बिक्री, विज्ञापन और बुकिंग जैसी गतिविधियां शुरू करने से पहले रेरा पंजीयन कराना अनिवार्य है। इस कानून का उद्देश्य रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाना, परियोजनाओं के विकास में जवाबदेही सुनिश्चित करना और घर खरीदारों के हितों की रक्षा करना है।
रेरा पंजीयन के माध्यम से खरीदार परियोजना से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं। इनमें प्रमोटर का विवरण, परियोजना की स्वीकृतियां, प्रस्तावित विकास और निर्धारित समयसीमा जैसी जानकारियां शामिल हो सकती हैं।
हालांकि, रेरा पंजीयन को सभी प्रकार की सरकारी अनुमतियों की गारंटी नहीं माना जा सकता। किसी परियोजना का पंजीयन पहले हुआ हो, तब भी खरीदारों को उसकी वर्तमान स्थिति और संबंधित विभागों की स्वीकृतियों की वैधता की जांच करनी चाहिए।
रेरा ने नागरिकों और संभावित निवेशकों से कहा है कि भूखंड, मकान या फ्लैट खरीदने से पहले संबंधित परियोजना की वर्तमान पंजीयन स्थिति का सत्यापन जरूर करें। साथ ही यह भी देखें कि परियोजना के लिए जरूरी विकास अनुमति और अन्य वैधानिक स्वीकृतियां वैध हैं या नहीं।
खरीदारों को केवल विज्ञापन, ब्रोशर या बिल्डर के मौखिक आश्वासन के आधार पर निवेश करने से बचना चाहिए। भुगतान करने से पहले परियोजना के दस्तावेजों, स्वीकृत नक्शे, विकास अनुमति और संबंधित कानूनी शर्तों की जांच करना जरूरी है। यदि किसी परियोजना का पंजीयन निरस्त हो चुका है, तो उसमें नया निवेश करने से पहले उसके कानूनी प्रभावों को समझना चाहिए।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि पहले से पंजीकृत परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की जांच करना भी उतना ही जरूरी है। नागरिक CGRERA की आधिकारिक वेबसाइट (https://rera.cgstate.gov.in/?utm_source=chatgpt.com) पर परियोजना के पंजीयन और उससे संबंधित उपलब्ध जानकारी का सत्यापन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए प्राधिकरण के दूरभाष नंबर 0771-4918927 पर संपर्क किया जा सकता है।
‘सौराष्ट्र’ परियोजना पर हुई कार्रवाई रियल एस्टेट खरीदारों के लिए एक महत्वपूर्ण सबक है कि किसी परियोजना में निवेश से पहले केवल उसके पंजीयन की जानकारी पर्याप्त नहीं है। विकास अनुमति और अन्य जरूरी स्वीकृतियों की वर्तमान वैधता की जांच करना भी आर्थिक जोखिम से बचने के लिए आवश्यक है।
अग्रय नगर में विकसित हो रही थी परियोजना
परियोजना को संचालनालय, नगर तथा ग्राम निवेश, छत्तीसगढ़ की ओर से छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984 के नियम 25 के अंतर्गत विकास अनुज्ञा प्रदान की गई थी। हालांकि, बाद में संबंधित सक्षम प्राधिकारी ने इस विकास अनुज्ञा को निरस्त कर दिया। इसके बाद परियोजना की वैधानिक स्थिति पर सवाल खड़े हुए और मामला रेरा प्राधिकरण के संज्ञान में आया।
विकास अनुमति निरस्त होने के बाद रेरा ने की कार्रवाई
यह कार्रवाई इस बात को बताती है कि रियल एस्टेट परियोजना के लिए केवल रेरा में पंजीकृत होना ही पर्याप्त नहीं है। परियोजना से संबंधित विकास अनुमति और अन्य जरूरी स्वीकृतियों का वैध बने रहना भी महत्वपूर्ण है। यदि किसी परियोजना की आवश्यक अनुमति निरस्त हो जाती है, तो उसका असर परियोजना की स्थिति पर पड़ सकता है।
क्या है रेरा पंजीयन का महत्व
रेरा पंजीयन के माध्यम से खरीदार परियोजना से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं। इनमें प्रमोटर का विवरण, परियोजना की स्वीकृतियां, प्रस्तावित विकास और निर्धारित समयसीमा जैसी जानकारियां शामिल हो सकती हैं।
हालांकि, रेरा पंजीयन को सभी प्रकार की सरकारी अनुमतियों की गारंटी नहीं माना जा सकता। किसी परियोजना का पंजीयन पहले हुआ हो, तब भी खरीदारों को उसकी वर्तमान स्थिति और संबंधित विभागों की स्वीकृतियों की वैधता की जांच करनी चाहिए।
खरीदारों के लिए क्या हैं जरूरी सावधानियां
खरीदारों को केवल विज्ञापन, ब्रोशर या बिल्डर के मौखिक आश्वासन के आधार पर निवेश करने से बचना चाहिए। भुगतान करने से पहले परियोजना के दस्तावेजों, स्वीकृत नक्शे, विकास अनुमति और संबंधित कानूनी शर्तों की जांच करना जरूरी है। यदि किसी परियोजना का पंजीयन निरस्त हो चुका है, तो उसमें नया निवेश करने से पहले उसके कानूनी प्रभावों को समझना चाहिए।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि पहले से पंजीकृत परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की जांच करना भी उतना ही जरूरी है। नागरिक CGRERA की आधिकारिक वेबसाइट (https://rera.cgstate.gov.in/?utm_source=chatgpt.com) पर परियोजना के पंजीयन और उससे संबंधित उपलब्ध जानकारी का सत्यापन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए प्राधिकरण के दूरभाष नंबर 0771-4918927 पर संपर्क किया जा सकता है।
‘सौराष्ट्र’ परियोजना पर हुई कार्रवाई रियल एस्टेट खरीदारों के लिए एक महत्वपूर्ण सबक है कि किसी परियोजना में निवेश से पहले केवल उसके पंजीयन की जानकारी पर्याप्त नहीं है। विकास अनुमति और अन्य जरूरी स्वीकृतियों की वर्तमान वैधता की जांच करना भी आर्थिक जोखिम से बचने के लिए आवश्यक है।
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