छत्तीसगढ़ में किसानों के लिए खुशखबरी! डिजिटल फसल सर्वे की समय सीमा बढ़ाई गई, अब 30 नवंबर तक होगा सत्यापन

Harrison Masih | Oct 30, 2025, 19:49 IST
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किसानों के लिए राहत की खबर! सरकार ने डिजिटल फसल सर्वे और गिरदावरी सत्यापन की अंतिम तारीख नजदीक है। 30 नवंबर 2025 आखरी डेट है। PV ऐप के जरिए किसान अपने खेतों की फसल की एंट्री को अपडेट कर सकेंगे।

Raipur. छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए डिजीटल क्रॉप सर्वे और गिरदावरी (फसल सर्वे) की समय सीमा एक माह के लिए बढ़ाने का फैसला लिया था। अब शेष कुछ ही दिन बचे है। किसान 30 नवंबर 2025 तक मोबाइल PV ऐप के माध्यम से फसल सर्वे और गिरदावरी का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करवा सकेंगे।



इससे पहले यह प्रक्रिया 31 अक्टूबर 2025 तक ही निर्धारित थी। लेकिन कई जिलों में मौसम, तकनीकी दिक्कतों और प्रशासनिक कारणों से सर्वे कार्य समय पर पूरा नहीं हो पाया। किसानों और अधिकारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शासन ने समय सीमा को एक माह के लिए बढ़ा दिया है।



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जारी हुआ विभागीय आदेश

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने इस संबंध में राज्य के सभी कलेक्टरों को आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि पूर्व में विभाग ने 11 सितंबर 2025 को जारी पत्र में 30 सितंबर तक गिरदावरी और डिजिटल सर्वे संशोधन की अंतिम तिथि तय की थी।



इसके बाद 15 सितंबर से PV ऐप को Go Live किया गया था, ताकि अधिकारी ऐप के जरिए फसलों का भौतिक सत्यापन कर सकें। पहले यह प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक सीमित थी, लेकिन अब 30 नवंबर 2025 तक बढ़ाई गई है।



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कृषि डेटा में पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम

डिजिटल क्रॉप सर्वे और गिरदावरी के डिजिटलीकरण से छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य है कि फसलों के वास्तविक रकबे का सही आकलन किया जा सके, किसानों को धान खरीदी, बीमा, और अन्य योजनाओं में पारदर्शी लाभ मिले, और प्रशासनिक स्तर पर फर्जी आंकड़ों और अनियमितताओं पर रोक लग सके। राज्य सरकार का यह कदम छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।



ऐसे समझें पूरा मामला:

  1. समय सीमा में बढ़ोतरी:
    पहले डिजिटल क्रॉप सर्वे और गिरदावरी सत्यापन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2025 थी, जिसे अब 30 नवंबर 2025 तक बढ़ा दिया गया है।
  2. PV ऐप से सत्यापन:
    अब अधिकारी और किसान मोबाइल PV ऐप के जरिए भौतिक सत्यापन कर सकेंगे। इससे फसल डेटा में सटीकता आएगी और गड़बड़ियों में कमी होगी।
  3. किसानों को राहत:
    इस निर्णय से किसानों को अपनी फसल की प्रविष्टियों को सही करने और सरकारी योजनाओं जैसे- धान खरीदी, फसल बीमा और सहायता योजनाओं का सटीक लाभ उठाने का अवसर मिलेगा।

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किसानों को होगा सीधा फायदा

अब किसानों को अपनी फसलों की प्रविष्टि में संशोधन और सत्यापन के लिए अधिक समय मिलेगा। इससे उन्हें किसी तकनीकी या प्रशासनिक वजह से होने वाली परेशानी से राहत मिलेगी। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि हर किसान की वास्तविक फसल का रकबा सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज हो।



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