छत्तीसगढ़ में अब खेती की जमीन पर बन सकेंगे तीन मंजिला मकान, राज्य सरकार की नई पहल

Harrison Masih | Jun 28, 2025, 20:06 IST
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छत्तीसगढ़ में अब किसानों की खेती की जमीन पर तीन मंजिले मकान बनते नजर आएंगे। राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ किफायती आवास योजना 2025 के तहत एक नई पहल की है।

छत्तीसगढ़ में अब किसानों की खेती की जमीन पर तीन मंजिले मकान बनते नजर आएंगे। राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ किफायती आवास योजना 2025 के तहत एक नई पहल की है, जिसके अंतर्गत किसान बिल्डर या डेवलपर के साथ मिलकर (संयुक्त उपक्रम – JV) मकान निर्माण कर सकेंगे। इससे न केवल किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत मिलेगा बल्कि आम लोगों को भी सस्ते मकान उपलब्ध हो सकेंगे।



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क्या है योजना की खास बातें?

योजना के तहत अधिकतम 150 वर्ग मीटर के भूखंड और 90 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाली आवास इकाइयां बनाई जाएंगी। तीन मंजिला (G+2) इमारतें बन सकेंगी, जिसकी अधिकतम ऊँचाई 9 मीटर होगी। मकान बनाने के लिए संयुक्त परिवारों की जमीन को प्राथमिकता दी जाएगी, जिसे अभी तक आपसी बंटवारा नहीं किया गया हो।



बिल्डर और कॉलोनाइज़र की भूमिका

इस योजना में निजी बिल्डर, रजिस्टर्ड सोसाइटी, सहकारी संस्थाएं और विकास प्राधिकरण जैसी संस्थाएं भी भागीदारी कर सकेंगी। वे किसानों के साथ मिलकर JV बनाएंगे और निर्माण कार्य करेंगे। बिल्डर को कृषि भूमि पर कॉलोनी या ग्रुप हाउसिंग बनाने के लिए जरूरी डिवेलपमेंट प्लान, सड़क चौड़ाई, खुला क्षेत्र और अन्य तकनीकी मानकों का पालन करना होगा।



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कॉलोनी विकास के लिए तकनीकी मानक

योजना का कुल क्षेत्रफल: 2 से 10 एकड़



प्रत्येक प्रकोष्ठ के लिए: 1.25 एकड़ न्यूनतम



सड़क की चौड़ाई:



मुख्य पहुँच मार्ग – 9 मीटर



आंतरिक मार्ग – 6 मीटर



यदि योजना कृषि भूमि पर बन रही है, तो 1 किमी के दायरे में 18 मीटर चौड़ा रास्ता होना अनिवार्य होगा।



कॉलोनी में न्यूनतम 5% खुला स्थान रखना अनिवार्य है।



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भू-उपयोग परिवर्तन की जरूरत नहीं

इस योजना के तहत एक बड़ा बदलाव यह है कि अब कृषि भूमि का स्वत: आवासीय उपयोग माना जाएगा – यानी किसानों को अब जमीन के लिए भू-उपयोग परिवर्तन (Land Use Conversion) की अलग से जरूरत नहीं होगी, जिससे प्रक्रिया सरल होगी।



जनता से सुझाव और आपत्तियाँ आमंत्रित

सरकार ने इस योजना से जुड़े मसौदे नियमों को जारी कर दिया है और 30 दिनों के भीतर सुझाव, आपत्तियाँ और सुधार के लिए आमंत्रण दिया है। इसके बाद अंतिम रूप से नियमों को लागू कर दिया जाएगा।



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क्या बोले सरकार के अधिकारी?

नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह योजना न केवल शहरीकरण की रफ्तार को बढ़ाएगी बल्कि किसानों को अतिरिक्त आय, निवेश का अवसर और भूमि के बेहतर उपयोग का विकल्प भी देगी।



छत्तीसगढ़ किफायती आवास योजना 2025 के ज़रिए कृषि भूमि पर नियोजित और सुलभ आवास निर्माण की शुरुआत राज्य में एक बड़ा बदलाव लाएगी। इससे शहरी गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए सस्ते घर का सपना साकार हो सकेगा और किसानों को उनकी भूमि का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा।



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