छत्तीसगढ़ में 3200 करोड़ का बिजली बिल बकाया, 11 से दफ्तरों के कटेंगे कनेक्शन
छत्तीसगढ़ में बिजली बिल जमा नहीं करने वाले सरकारी विभागों पर अब कार्रवाई की तैयारी है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) ने बकाया वसूली के लिए सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। 11 सितंबर से ऐसे सरकारी कार्यालयों के बिजली कनेक्शन काटे जाएंगे जिन पर लंबे समय से बिल बकाया है।
सीएसपीडीसीएल के अधिकारियों के अनुसार रायपुर जिले में ही सरकारी विभागों पर 100 करोड़ रुपए से ज्यादा का बिजली बिल बाकी है। इसमें रायपुर नगर निगम के कार्यालयों का बकाया सबसे अधिक बताया जा रहा है। नगर निगम पर करीब 80 करोड़ रुपए का बिजली बिल लंबित है।
11 सितंबर से शुरू होगी कार्रवाई
बिजली कंपनी पहले चरण में सरकारी कार्यालयों पर कार्रवाई करेगी। जिन विभागों ने लंबे समय से बिल का भुगतान नहीं किया है। उनके कनेक्शन काटे जाएंगे। इसके बाद सरकारी स्कूलों, छात्रावासों और अन्य सरकारी भवनों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
सीएसपीडीसीएल का कहना है कि सरकारी विभागों को भी समय पर बिजली बिल जमा करना होगा। कंपनी लंबे समय से बकाया राशि जमा कराने के लिए विभागों को नोटिस और जानकारी दे रही थी।
प्रदेश में 3200 करोड़ बकाया
छत्तीसगढ़ के सरकारी विभागों पर बिजली बिल का बड़ा बकाया जमा है। मई 2026 तक प्रदेशभर में करीब 3200 करोड़ रुपए का बिल बाकी था। इसमें सबसे ज्यादा राशि नगरीय निकायों पर है।
नगरीय निकायों पर करीब 1596 करोड़ रुपए से ज्यादा का बिजली बिल लंबित है। वहीं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग पर करीब 1121 करोड़ रुपए का बकाया बताया गया है।
स्मार्ट मीटर के बाद बदलेगी व्यवस्था
सीएसपीडीसीएल ने सरकारी कार्यालयों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम पूरा कर लिया है। अब विभागों को उधार बिजली देने की व्यवस्था खत्म करने की तैयारी है।
कंपनी प्री-पेड सिस्टम लागू करने की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत सरकारी विभागों को मोबाइल रिचार्ज की तरह पहले बिजली के लिए राशि जमा करनी होगी।
तीन महीने का एडवांस देना होगा
प्री-पेड सिस्टम लागू होने के बाद सरकारी विभागों को स्मार्ट मीटर में पहले से राशि जमा करनी होगी। विभागों को करीब तीन महीने की अनुमानित बिजली खपत के हिसाब से एडवांस भुगतान करना होगा।
इसके अलावा पुराने बकाया बिल का भुगतान भी तय समय में करना होगा। कंपनी ने विभागों को बकाया राशि किश्तों में जमा करने का विकल्प दिया है।
बिजली कंपनी ने बढ़ाई सख्ती
सीएसपीडीसीएल का कहना है कि बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए समय पर भुगतान जरूरी है। सरकारी विभागों पर बढ़ते बकाया से कंपनी की वित्तीय व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
अब 11 सितंबर से शुरू होने वाली कार्रवाई के बाद सरकारी विभागों पर भुगतान का दबाव बढ़ सकता है। बकाया जमा नहीं करने वाले कार्यालयों में बिजली सप्लाई बंद की जा सकती है।
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