सीएम साय की पहल से कर्मचारी कल्याण को नई ताकत, शासकीय सेवकों को बिना ब्याज लोन देगी सरकार
The Sootr | Jul 24, 2026, 17:56 IST
Impact Feature
छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला: सरकारी कर्मचारियों को जरूरत पड़ने पर मिलेगा बिना ब्याज का एडवांस लोन। अब साहूकारों और महंगे कर्ज से मुक्ति मिलेगी।
बीमारी, बच्चों की पढ़ाई, शादी या किसी अन्य अचानक आने वाले खर्च के समय सरकारी कर्मचारियों को अक्सर ऊंची ब्याज दर पर कर्ज लेना पड़ता था। अब ऐसी स्थिति में उन्हें निजी साहूकारों या महंगे लोन का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरकारी कर्मचारियों के लिए वेतन के विरुद्ध अल्पावधि लोन योजना शुरू की है। इस योजना के तहत जरूरत पड़ने पर कर्मचारियों को बिना ब्याज त्वरित लोन मिलेगा।
प्रदेश सरकार का कहना है कि सरकारी कर्मचारी प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। यदि वे आर्थिक चिंता से मुक्त होकर काम करेंगे तो सरकारी योजनाओं का लाभ भी लोगों तक तेजी से पहुंचेगा। इसी सोच के साथ यह नई व्यवस्था शुरू की गई है। कर्मचारी संगठनों ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार जताया है।
हाल ही में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस योजना का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने योजना के ब्रोशर का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना कर्मचारी कल्याण, सुशासन और संवेदनशील प्रशासन की दिशा में सरकार का महत्वपूर्ण कदम है।
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इसका उद्देश्य जरूरत के समय सरकारी कर्मचारियों को सम्मानजनक, आसान और त्वरित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकारी कर्मचारी राज्य के विकास की मजबूत नींव हैं। इसलिए उनकी समस्याओं का समाधान करना भी सरकार की जिम्मेदारी है। अब आकस्मिक जरूरत पड़ने पर कर्मचारियों को ऊंची ब्याज दर पर कर्ज लेने की मजबूरी नहीं होगी। वे अपनी पात्रता के अनुसार आसानी से लोन प्राप्त कर सकेंगे।
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी डिजिटल व्यवस्था है। वित्त विभाग ने इसे ई-कोष प्रणाली से जोड़ दिया है। कर्मचारी ई-कोष के एम्प्लॉयी कॉर्नर से घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के बाद ई-केवाईसी, डिजिटल प्रमाणीकरण और सहमति की प्रक्रिया पूरी होगी। इसके बाद लोन की स्वीकृति और राशि का भुगतान तेजी से किया जाएगा। पूरी व्यवस्था पेपरलेस, सुरक्षित और पारदर्शी बनाई गई है। इससे कर्मचारियों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार का कहना है कि इस योजना से राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार भी नहीं आएगा।
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गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार लगातार प्रशासनिक सुधार और कर्मचारी हितों के लिए काम कर रही है। पहले कर्मचारियों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा शुरू की गई और अब बिना ब्याज अल्पावधि लोन योजना लागू की गई है।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के दौरान सिर्फ दो महीने में 73 हजार से अधिक कर्मचारियों ने पंजीयन कराया, जबकि 27 हजार कर्मचारी इस सुविधा का लाभ भी ले चुके हैं। इससे साफ है कि कर्मचारियों में इस योजना को लेकर अच्छा उत्साह है। भविष्य में बेहतर क्रेडिट स्कोर वाले कर्मचारियों को प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों पर अधिक राशि का लोन उपलब्ध कराने की भी योजना है।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी संघ के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कर्मचारी लंबे समय से ऐसी व्यवस्था की मांग कर रहे थे। यह योजना आकस्मिक परिस्थितियों में कर्मचारियों को तुरंत आर्थिक मदद देगी और उन्हें सम्मानजनक विकल्प उपलब्ध कराएगी।
वित्त विभाग ने इस पूरी व्यवस्था के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की है। इसके तहत डिजिटल प्रमाणीकरण, डेटा सुरक्षा और गोपनीयता के उच्च मानकों का पालन किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित होगी, जिससे कर्मचारियों की व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। सरकार का मानना है कि तकनीक के उपयोग से कर्मचारियों को तेज और पारदर्शी सेवाएं देना अब पहले से अधिक आसान हो गया है।
राज्य सरकार के अनुसार यह योजना सिर्फ आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं है, इसका मकसद कर्मचारियों को वित्तीय सुरक्षा देना और उन्हें तनावमुक्त माहौल में काम करने का अवसर उपलब्ध कराना भी है। जब कर्मचारियों को जरूरत के समय तुरंत मदद मिलेगी तो वे पूरी ऊर्जा के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा सकेंगे। बिना ब्याज लोन, ऑनलाइन आवेदन, त्वरित स्वीकृति और पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया जैसी सुविधाओं के साथ यह योजना सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है।
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प्रदेश सरकार का कहना है कि सरकारी कर्मचारी प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। यदि वे आर्थिक चिंता से मुक्त होकर काम करेंगे तो सरकारी योजनाओं का लाभ भी लोगों तक तेजी से पहुंचेगा। इसी सोच के साथ यह नई व्यवस्था शुरू की गई है। कर्मचारी संगठनों ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार जताया है।
सरकारी कर्मचारी विकास की मजबूत नींव
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इसका उद्देश्य जरूरत के समय सरकारी कर्मचारियों को सम्मानजनक, आसान और त्वरित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकारी कर्मचारी राज्य के विकास की मजबूत नींव हैं। इसलिए उनकी समस्याओं का समाधान करना भी सरकार की जिम्मेदारी है। अब आकस्मिक जरूरत पड़ने पर कर्मचारियों को ऊंची ब्याज दर पर कर्ज लेने की मजबूरी नहीं होगी। वे अपनी पात्रता के अनुसार आसानी से लोन प्राप्त कर सकेंगे।
पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
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दो महीने में हजारों कर्मचारियों ने उठाया लाभ
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के दौरान सिर्फ दो महीने में 73 हजार से अधिक कर्मचारियों ने पंजीयन कराया, जबकि 27 हजार कर्मचारी इस सुविधा का लाभ भी ले चुके हैं। इससे साफ है कि कर्मचारियों में इस योजना को लेकर अच्छा उत्साह है। भविष्य में बेहतर क्रेडिट स्कोर वाले कर्मचारियों को प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों पर अधिक राशि का लोन उपलब्ध कराने की भी योजना है।
कर्मचारी संगठनों ने किया स्वागत
डेटा सुरक्षा का भी रखा गया पूरा ध्यान
कर्मचारी कल्याण की दिशा में बड़ा कदम
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