छत्तीसगढ़ में बारिश का ऑरेंज अलर्ट': बंगाल में बने खतरनाक सिस्टम से अगले 2 दिन आफत भरे!
Sanjay Dhiman | Sept 25, 2025, 09:55 IST
Photograph: (the sootr)
छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का दौर जारी है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण 16 जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए भारी बारिश की चेतावनी दी है।
पिछले 24 घंटों में छत्तीसगढ़ भारी बारिश (Chhattisgarh heavy rain) से बेहाल रहा है। प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों में जोरदार वर्षा दर्ज की गई है, जिसने आम जनजीवन को काफी प्रभावित किया है। राजधानी रायपुर में भी करीब 45 मिमी पानी बरसा, लेकिन सबसे अधिक वर्षा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में हुई, जहाँ 106.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं, और कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई है।
छत्तीसगढ़ में भारी बारिश (Heavy rain in Chhattisgarh) का मुख्य कारण उत्तर ओडिशा और गंगीय पश्चिमबंगाल के पास बना निम्न दबाव का क्षेत्र (Bay of Bengal low pressure) है। मौसम विभाग (Weather department) के अनुसार, यह मौसमी सिस्टम दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ पर सीधा असर डाल रहा है, जिसके कारण अगले दो दिनों तक तेज वर्षा का दौर जारी रहने की आशंका है।
यह निम्न दबाव का क्षेत्र एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के कारण उत्पन्न हुआ है, जो वातावरण में नमी की मात्रा को बढ़ा देता है और भारी वर्षा के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक यह सिस्टम कमजोर होकर उत्तर या उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे नहीं बढ़ जाता, तब तक छत्तीसगढ़ भारी बारिश अलर्ट (Chhattisgarh heavy rain alert) बना रहेगा।
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मौसम विभाग चेतावनी (Weather department warning) के तहत, राज्य के 16 जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। लोगों की सुरक्षा और किसी भी अनहोनी से बचने के लिए यह अलर्ट बहुत महत्वपूर्ण है।
छत्तीसगढ़ भारी बारिश (Chhattisgarh heavy rain) के बीच सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले से एक गंभीर हादसे की खबर सामने आई है। यहाँ बारिश के कारण उफनते नाले को पार करने की कोशिश में एक कार बह गई।
घटना के समय कार में तीन लोग सवार थे, जो बरमकेला से ओडिशा जा रहे थे। स्थानीय ग्रामीणों ने उन्हें नाला पार न करने की सलाह दी थी, क्योंकि नाले के ऊपर पानी का बहाव 2 से 3 फीट ऊपर था, जो अत्यंत खतरनाक था। लेकिन, उनकी सलाह को नजरअंदाज करने का परिणाम यह हुआ कि कार बह गई। गनीमत यह रही कि तीनों कार सवारों ने हिम्मत दिखाते हुए तैरकर अपनी जान बचा ली।
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छत्तीसगढ़ में भारी बारिश (Heavy rain in Chhattisgarh) का असर रायगढ़ जिले में स्थित केलो डैम (Kelo Dam) पर भी देखा जा रहा है। जिले में लगातार हो रही वर्षा के बाद नदी-नाले उफान पर हैं। जलस्तर बढ़ने के बाद, बांध के जल को नियंत्रित करने के लिए केलो डैम के 3 गेट खोले (Kelo Dam gates opened) गए हैं।
डैम से पानी छोड़े जाने के कारण केलो नदी का जलस्तर बढ़ गया है। जिला प्रशासन ने नदी के निचले इलाकों और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क कर दिया है। नदी किनारे की बस्तियों और गाँवों में बाढ़ का खतरा (Flood threat) बढ़ गया है, जिसके लिए विशेष निगरानी रखी जा रही है। लोगों को बारिश से बचाव के उपाय (Measures for rain safety) अपनाने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
ऑरेंज अलर्ट का मतलब क्या है? (What does
ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि संबंधित जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश (64.5 मिमी से 204.4 मिमी तक) होने की आशंका है। इसके साथ ही, तेज हवाएँ, आकाशीय बिजली (Thunderstorms and Lightning) गिरने और बाढ़ जैसी स्थिति (Flood-like situation) बनने की भी चेतावनी होती है। ऐसे में लोगों को बहुत अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है और उन्हें अनावश्यक यात्रा से बचने के उपाय करने चाहिए।
येलो अलर्ट मौसम बिगड़ने की संभावना को दर्शाता है। इसका अर्थ है कि संबंधित जिलों में मध्यम से भारी बारिश (7.5 मिमी से 64.4 मिमी) हो सकती है। हालाँकि, यह ऑरेंज अलर्ट जितना गंभीर नहीं होता, लेकिन फिर भी लोगों को सतर्क रहने और मौसम पर नजर रखने की आवश्यकता होती है।
बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र: भारी बारिश का कारण
यह निम्न दबाव का क्षेत्र एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के कारण उत्पन्न हुआ है, जो वातावरण में नमी की मात्रा को बढ़ा देता है और भारी वर्षा के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक यह सिस्टम कमजोर होकर उत्तर या उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे नहीं बढ़ जाता, तब तक छत्तीसगढ़ भारी बारिश अलर्ट (Chhattisgarh heavy rain alert) बना रहेगा।
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16 जिलों में अलर्ट: जानें आपके जिले में कौन सा अलर्ट जारी?
| अलर्ट का प्रकार (Type of Alert) | प्रभावित जिले (Affected Districts) | चेतावनी का स्तर (Warning Level) |
| ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert) | कांकेर, नारायणपुर, बीजापुर | बहुत भारी बारिश (Very Heavy Rainfall) |
| येलो अलर्ट (Yellow Alert) | जीपीएम, मुंगेली, बिलासपुर, कबीरधाम, बेमेतरा, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, बालोद, कोंडागांव, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा | मध्यम से भारी बारिश (Moderate to Heavy Rainfall) |
छत्तीसगढ में ऑरेंज अलर्ट और मौसम विभाग की चेतावनी को ऐसे समझेंबंगाल में बने निम्न दबाव का असर और अलर्ट: उत्तर ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल के पास बने निम्न दबाव (Low Pressure Area) के कारण छत्तीसगढ़ में अगले दो दिन तक भारी बारिश की चेतावनी है; कुल 16 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। ऑरेंज अलर्ट और प्रभावित जिले: कांकेर, नारायणपुर और बीजापुर जिलों के लिए बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर समेत 13 अन्य जिलों में येलो अलर्ट है। सारंगढ़ में कार बहने की घटना: सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सर्वाधिक 106.3 मिमी बारिश दर्ज हुई, जहाँ उफनते नाले को पार करने की कोशिश में एक कार बह गई, हालाँकि तीनों सवार तैरकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। केलो डैम के गेट खुले: रायगढ़ में लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं, जिसके चलते जलस्तर बढ़ने के बाद केलो डैम के 3 गेट खोल दिए गए हैं, जिससे केलो नदी का जलस्तर बढ़ गया है। बीते 24 घंटे में जोरदार वर्षा: पिछले 24 घंटे में पूरे प्रदेश में जोरदार बारिश हुई है, जिसमें रायपुर में लगभग 45 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जिससे निचले इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। |
सारंगढ़ में नाला पार करते बह गई कार
घटना के समय कार में तीन लोग सवार थे, जो बरमकेला से ओडिशा जा रहे थे। स्थानीय ग्रामीणों ने उन्हें नाला पार न करने की सलाह दी थी, क्योंकि नाले के ऊपर पानी का बहाव 2 से 3 फीट ऊपर था, जो अत्यंत खतरनाक था। लेकिन, उनकी सलाह को नजरअंदाज करने का परिणाम यह हुआ कि कार बह गई। गनीमत यह रही कि तीनों कार सवारों ने हिम्मत दिखाते हुए तैरकर अपनी जान बचा ली।
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केलो डैम की स्थिति और नदी का बढ़ता जलस्तर
डैम से पानी छोड़े जाने के कारण केलो नदी का जलस्तर बढ़ गया है। जिला प्रशासन ने नदी के निचले इलाकों और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क कर दिया है। नदी किनारे की बस्तियों और गाँवों में बाढ़ का खतरा (Flood threat) बढ़ गया है, जिसके लिए विशेष निगरानी रखी जा रही है। लोगों को बारिश से बचाव के उपाय (Measures for rain safety) अपनाने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
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