/sootr/media/media_files/yIntonEhCtnZM2WcAqXn.jpg)
RAIPUR.छत्तीसगढ़ में सरकार अब एक नया प्रयोग करने वाली है। अब मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में होगी। हिंदी में एमबीबीएस करने की शुरुआत इसी सत्र से होगी। हिंदी दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यह ऐलान किया है। स्वास्थ्य विभाग को इसके निर्देश दे दिए गए हैं। इसका पूरा जिम्मा स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को दिया गया है। सीएम ने कहा कि हिंदी दिवस मनाने की सार्थकता तभी है जब शासन का कामकाज भी हिंदी में हो। बच्चों को हिंदी मीडियम से पढ़ने पर हीन भावना का बोध नहीं होना चाहिए। इससे पहले मध्यप्रदेश में हिंदी से मेडिकल की पढ़ाई कराने की व्यवस्था लागू हो चुकी है।
एमबीबीएस हिंदी में
सीएम विष्णुदेव साय ने हिंदी दिवस पर बड़ी घोषणा की है। उन्होंने मीडिया से चर्चा में बताया कि राज्य के शासकीय मेडिकल कॉलेज में अब हिंदी में भी मेडिकल की पढ़ाई होगी। उन्होंने कहा कि इसी सत्र से मेडिकल कॉलेज में हिंदी पुस्तकों का वितरण शुरु होगा। हिंदी में चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध कराने से ग्रामीण अंचल के छात्रों को फायदा मिलेगा। सीएम साय ने कहा कि इस साल प्रथम सत्र में एमबीबीएस की पढ़ाई की सुविधा हिंदी में भी उपलब्ध होगी। सके लिए छात्र छात्राओं की संख्या के आधार पर किताबें मुहैया कराने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए गए है। स्वास्थ्य मंत्री के मार्गदर्शन में यह काम हो रहा है। हम अपनी शिक्षा नीति को हर स्तर पर पुरानी मैकाले की साम्राज्यवादी शिक्षा नीति से अलग कर रहे है। हमने छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय शिक्षा नीति पूरी तरह से लागू कर दी है। फरवरी 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिंदी में चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध कराने की मंशा जाहिर की थी। उसका क्रियान्वन हम करने जा रहे हैं। ग्रामीण छात्रों को इसका सबसे ज्यादा लाभ होगा। इससे मेडिकल के छात्र छात्राओं का आधार भी मजबूत होगा और अच्छे डॉक्टर तैयार करने में भी मदद मिलेगी।
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक