रायपुर की आनंद विहार और दुर्ग की रेसिडेंट्स सोसायटी का पंजीयन रद्द, रहवासी समितियों पर बड़ी कार्रवाई

Arun Tiwari | Nov 29, 2025, 13:00 IST
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Chhishgarh socity ragistraisan offce action
Photograph: (the sootr)

छत्तीसगढ़ में रहवासी समितियों पर बड़ी कार्रवाई हुई है। रायपुर की आनंद विहार और दुर्ग की एक सोसायटी का पंजीयन रद्द हुआ है, जबकि अन्य समितियों को नोटिस मिला है। ये समितियां गलत कानून में रजिस्टर होकर मेंटेनेंस शुल्क ले रही थीं।

RAIPUR. रियल एस्टेट प्रोजेक्टों की रहवासी समितियों पर छत्तीसगढ़ सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है। यह कार्रवाई गलत अधिनियम देकर पंजीयन कराने और मनमाना शुल्क वसूली की शिकायतों पर की गई है। रजिस्ट्रार, फर्म्स एवं संस्थाएं छत्तीसगढ़ ने रायपुर की आनंद विहार रेसिडेंट्स सोसायटी का पंजीयन रद्द कर दिया है।

ऐसी ही गलत श्रेणी में पंजीकृत 360 रहवासी सोसायटियों को नोटिस जारी किया है। यह सोसायटियां ऐसे अधिनियम में पंजीकृत थीं, जिसमें रखरखाव शुल्क वसूली का प्रावधान नहीं है। जबकि वे नियमित रूप से ऐसे कार्य कर रही थीं। रहवासी सोसायटियों को छत्तीसगढ़ कोऑपरेटिव 1960 एक्ट के तहत पंजीयन कराना जरूरी है।

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2742 समितियों के पंजीयन आवेदन निरस्त

पंजीयन आवेदनों की समीक्षा के दौरान बड़ी कार्रवाई की गई है। समितियों को उनके आवेदन पत्रों में पाई गई आपत्तियों के सुधार के लिए ऑनलाइन सूचना भेजी गई थी।

इनके द्वारा छह माह से अधिक समय बीत जाने पर भी सुधार नहीं किए गए। इसके कारण ऐसे कुल 2742 आवेदन पत्रों को निरस्त कर दिया गया है। पंजीयन शुल्क को राजसात किया गया है। जिन समितियों ने अपना वार्षिक विवरण प्रस्तुत नहीं किया उन्हें नोटिस दिए गए है। नोटिस का जवाब न मिलने की स्थिति में संबंधित समितियों का पंजीयन निरस्त कर दिया गया है।

इसी क्रम में सुंदर विहार कॉलोनी वेलफेयर सोसायटी, जिला दुर्ग का पंजीयन भी निरस्त किया गया है। इसके अलावा 15 अन्य समितियों को भी वार्षिक विवरणी न देने पर पंजीयन निरस्तीकरण का नोटिस दिया है। नोटिस में समिति पदाधिकारियों पर भी कार्रवाई की बात कहीं गई है। इस कार्रवाई में अधिनियम की धारा 37 के तहत मुकदमा दर्ज करने की बात है।

सोसायटियों पर छत्तीसगढ़ सरकार की कार्रवाई को ऐसे समझें



🔹 राज्य सरकार ने गलत अधिनियम में पंजीकृत रियल एस्टेट रहवासी समितियों पर कार्रवाई शुरू कर आनंद विहार सोसायटी रायपुर का पंजीयन रद्द किया।

🔹 360 सोसायटियों को नोटिस क्योंकि वे ऐसे अधिनियम में पंजीकृत थीं जिसमें रखरखाव शुल्क वसूली का प्रावधान नहीं है।

🔹 पंजीयन आवेदन में सुधार न करने पर 2742 समितियों के आवेदन निरस्त कर पंजीयन शुल्क राजसात कर दिया गया।

🔹 नियम अनुसार 50 प्रतिशत बुकिंग के बाद तीन माह में सहकारी समिति बनाना अनिवार्य है और हाउसिंग सोसायटी का पंजीयन 1960 अधिनियम में होना चाहिए।

🔹 नियम उल्लंघन और अवैध शुल्क वसूली मिलने पर आनंद विहार सोसायटी सहित अन्य समितियों पर धारा 34 और 37 के तहत कार्रवाई जारी है।

रहवासी समिति बनाना जरुरी

किसी भी रियल स्टेट प्रोजेक्ट में यदि 50 प्रतिशत बुकिंग होने पर सहकारी सोसायटी बनाना जरूरी है। यह नियम भूसंपदा अधिनियम 2016 में दिया गया है। ये रहवासी समितियां कॉलोनी के रख-रखाव और प्रबंधन की जिम्मेदार होती हैं। यह रजिस्ट्रेशन छत्तीसगढ़ सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1973 व संशोधित 1998 में होता है।

इस अधिनियम की धारा 2 में केवल सामाजिक, शैक्षणिक व सांस्कृतिक उददेश्य की संस्थाओं का पंजीयन होता है। इसमें दैनिक रख-रखाव या मेंटेनेंस से जुड़े प्रावधान नहीं हैं। रियल एस्टेट प्रोजेक्टों की हाउसिंग सोसायटियों का पंजीयन छत्तीसगढ़ सहकारी अधिनियम, 1960 में किया जाना चाहिए।

इन्हीं नियमों के उल्लंघन पर आनंद विहार रेसिडेंट्स विकास सोसायटी पर कार्रवाई की गई। यहां रख-रखाव कार्य करने और शुल्क वसूली को उसके पंजीकृत उद्देश्यों के विरुद्ध पाया गया। शिकायत और सुनवाई के बाद अधिनियम की धारा-34 के अंतर्गत उसका पंजीयन निरस्त कर दिया गया।

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360 रहवासी समितियों को नोटिस

रजिस्ट्रार फर्म एवं संस्थाएं छत्तीसगढ़ पद्मिनी भोई साहू ने राज्य की ऐसी 360 सोसायटियों को नोटिस दिया है। इनका रजिस्ट्रेशन सोसायटी अधिनियम की धारा-2 के विपरीत हैं। इन्हें 15 दिनों के भीतर ऑनलाइन पोर्टल rfas.cg.nic.in पर संशोधन करने की ताकीद की है। तय समय में सुधार नहीं करने या शिकायत मिलने पर पंजीयन रद्द किए जाने की कार्रवाई की जाएगी।

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