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Raipur. छत्तीसगढ़ में उद्योग, रोजगार और निवेश को तेज गति देने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ने औद्योगिक विकास नीति 2024–30 में बड़े बदलाव किए हैं। सरकार का मकसद साफ है कि राज्य में ज्यादा उद्योग आएं, स्थानीय युवाओं को नौकरियां मिलें और छत्तीसगढ़ निवेश के लिए एक मजबूत विकल्प बनकर उभरे।
सरकार का मानना है कि अगर उद्योग आएंगे तो रोजगार बढ़ेगा, सेवाएं बेहतर होंगी और पूरे राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। इसी सोच के साथ नीति को दूसरे राज्यों की तुलना में ज्यादा स्पष्ट, आसान और निवेश के लिए आकर्षक बनाने की कोशिश की गई है। यह बदलाव सीधे तौर पर उद्योग, सेवा क्षेत्र, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन जैसे कई सेक्टर को प्रभावित करेंगे। इसका फायदा आम लोगों तक पहुंचे, इस पर खास फोकस रखा गया है।
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युवाओं को नौकरी देने पर जोर
सरकार ने इस नीति में सबसे ज्यादा ध्यान इस बात पर दिया है कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार मिले। इसी दिशा में ईपीएफ (EPF) प्रतिपूर्ति और रोजगार सृजन से जुड़े नए प्रावधान जोड़े गए हैं। इसका मतलब यह है कि अगर कोई कंपनी ज्यादा लोगों को नौकरी देती है, तो सरकार उसे आर्थिक मदद देगी।
अब फार्मा, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, एआई (AI) और आईटी (IT) जैसे सेक्टर की एमएसएमई (MSME) कंपनियां अगर 50 से ज्यादा लोगों को रोजगार देती हैं और इनमें छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को नौकरी देती हैं, तो उनके वेतन पर सरकार अनुदान देगी।
इससे क्या फायदा होगा?
स्थानीय युवाओं को अपने राज्य में नौकरी मिलने की संभावना बढ़ेगी।
कंपनियां ज्यादा लोगों को नौकरी देने के लिए प्रोत्साहित होंगी।
छोटे और मध्यम उद्योग तेजी से बढ़ सकेंगे।
सेवा सेक्टर में नए अवसर
छत्तीसगढ़ सरकार ने सेवा क्षेत्र का दायरा भी बढ़ाया है। अब कंप्यूटर आधारित टेस्टिंग सेंटर, ई-कॉमर्स कंपनियां, ऐप आधारित सेवाएं और NABL मान्यता प्राप्त डायग्नोस्टिक लैब भी इस नीति के दायरे में आएंगी। इन संस्थानों को अब वही सुविधाएं और आर्थिक मदद मिलेगी जो उद्योगों को मिलती है। इससे नए टेस्टिंग सेंटर खुलेंगे, ई-कॉमर्स और डिजिटल सेवाओं का विस्तार होगा और बेहतर डायग्नोस्टिक लैब खुलने से स्वास्थ्य सेवाएं सुधरेंगी। शहरों के साथ-साथ छोटे शहरों में भी सेवा सेक्टर बढ़ेगा।
पर्यटन और होटल इंडस्ट्री को बढ़ावा
सरकार ने पर्यटन और होटल सेक्टर में भी बड़े बदलाव किए हैं। रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में फाइव स्टार होटल खोलने के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। वहीं बाकी जिलों में थ्री स्टार होटल खोलने को बढ़ावा मिलेगा। इससे पर्यटन बढ़ेगा, होटल इंडस्ट्री में रोजगार बढ़ेगा और स्थानीय व्यापारियों को भी फायदा होगा। साथ ही शहरों में सुविधाएं बेहतर होंगी।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की तैयारी
सरकार ने बड़े निजी मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल खोलने को भी बढ़ावा देने का फैसला किया है। इसका सीधा असर यह होगा कि लोगों को बड़े शहरों में जाने की जरूरत कम होगी। राज्य में ही बेहतर इलाज मिलेगा और हेल्थ सेक्टर में नौकरियां बढ़ेंगी।
उच्च शिक्षा में बड़ा मौका
सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लिया है। अगर देश के टॉप 100 NIRF रैंकिंग वाले कॉलेज या यूनिवर्सिटी छत्तीसगढ़ में कैंपस खोलते हैं, तो उन्हें खास अनुदान दिया जाएगा। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश में ही अच्छी शिक्षा मिलेगी, बाहर पढ़ने जाने का खर्च कम होगा और पढ़ाई के बाद नौकरी के मौके बढ़ेंगे।
निवेश बढ़ाने की तैयारी
सरकार का मानना है कि अगर नीति स्पष्ट और आसान होगी तो निवेशक राज्य में ज्यादा निवेश करेंगे। नई नीति के बाद उम्मीद है कि नए उद्योग लगेंगे, नए बिजनेस शुरू होंगे, रोजगार बढ़ेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। उद्योग और सेवा सेक्टर साथ-साथ बढ़ेंगे।
नई दिशा में बढ़ता छत्तीसगढ़
कुल मिलाकर औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में किए गए संशोधन छत्तीसगढ़ को निवेश और उद्योग के मामले में मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम माने जा रहे हैं। सरकार का फोकस है कि उद्योग बढ़ें, रोजगार बढ़े और राज्य का विकास संतुलित तरीके से आगे बढ़े।
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