छत्तीसगढ़ विधानसभा : अमानक चावल और धान उठाव के मुद्दे पर विपक्ष का हंगामा

thesootr Desk | Mar 16, 2026, 15:47 IST
Chhattisgarh Legislative Assembly 2026 Issue of Paddy harvesting
छत्तीसगढ़ विधानसभा: विपक्ष ने अमानक चावल और धान उठाव में देरी पर हंगामा किया। सक्ती जिले में धान खराब होने पर दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठी। मंत्री ने मार्च से पहले उठाव पूरा करने और सूचना बोर्ड लगाने का आश्वासन दिया।

NEWS IN SHORT

  • अमानक चावल और धान उठाव पर विधानसभा में हंगामा
  • धान उठाव में देरी और अमानक चावल पर घिरी सरकार
  • खाद्य मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष का वॉकआउट
  • किसानों के नुकसान पर उठा सवाल
  • धान उठाव और भंडारण में गड़बड़ी का आरोप

NEWS IN DETAIL

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के 11वें दिन अमानक चावल और धान उठाव के मुद्दे पर सदन में जोरदार बहस देखने को मिली। विपक्ष ने खाद्य मंत्री दयालदास बघेल को घेरते हुए धान खरीदी और भंडारण में गड़बड़ी का आरोप लगाया तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ जांच कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। मंत्री की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।



कृषि साख समितियों के मुद्दों पर सवाल

प्रश्नकाल के दौरान विधायक रामकुमार यादव ने कृषि साख समितियों के प्रासंगिक व्यय की राशि पर रोक और धान के उठाव में हो रही देरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर धान का उठाव रोक दिया गया है, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धान लंबे समय तक खरीदी केंद्रों में पड़े रहने से खराब होने का खतरा भी बढ़ जाता है।



रिसाइक्लिंग की शिकायतों के कारण प्रक्रिया में रोक -खाद्य मंत्री

इस पर छत्तीसगढ़ खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने जवाब देते हुए कहा कि कुछ स्थानों पर रिसाइक्लिंग की शिकायतों के कारण धान के उठाव की प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोका गया था। उन्होंने कहा कि विभाग को धान की रिसाइक्लिंग की जानकारी मिलने के बाद एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया था ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी को रोका जा सके।




30 करोड़ की धान चूहों ने की बर्बाद - विधायक रामकुमार यादव

मंत्री के जवाब पर विधायक रामकुमार यादव ने आपत्ति जताते हुए कहा कि जब धान का उठाव नहीं होता है तो बारिश और नमी के कारण धान खराब होने की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने सक्ती जिले का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां करीब 30 करोड़ रुपये का धान चूहों द्वारा नुकसान पहुंचाने की बात सामने आई है। उन्होंने मंत्री से पूछा कि इस मामले में जिम्मेदार खाद्य अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।



मार्च माह से पहले शेष धान का होगा उठाव - खाद्य मंत्री

इस पर मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि सक्ती जिले में कुल 47.41 लाख क्विंटल धान की खरीदी की गई है और उठाव के लिए लगभग 3.61 लाख क्विंटल धान शेष है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मार्च माह से पहले शेष धान का उठाव कर लिया जाएगा।



जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई - विधायक रामकुमार यादव

विधायक रामकुमार यादव ने फिर से सवाल उठाते हुए कहा कि जिन स्थानों पर धान को चूहों द्वारा नुकसान पहुंचा है, वहां के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि इस तरह की लापरवाही के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाएगा।



नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने उठया सवाल

इस बीच नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने भी चर्चा में हस्तक्षेप किया। उन्होंने पूछा कि धान की रिसाइक्लिंग की जानकारी विभाग को किन-किन स्थानों से प्राप्त हुई है और इस पर क्या कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि 17 तारीख को धान खरीदी बंद कराने की बात सामने आई थी, जिसका कारण रिसाइक्लिंग बताया गया था। उन्होंने कहा कि असली समस्या तो रिसाइक्लिंग के बाद सामने आती है, इसलिए सरकार को इस पर स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए।



खाद्य मंत्री ने दिया स्पष्टी करण

मंत्री दयालदास बघेल ने स्पष्ट किया कि 17 तारीख को धान खरीदी बंद करने की बात नहीं कही गई थी, बल्कि धान के उठाव को लेकर निर्णय लिया गया था। उन्होंने कहा कि विभाग पूरे मामले पर नजर रखे हुए है और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।



विपक्ष ने इस जवाब को असंतोषजनक बताते हुए कहा कि सरकार को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि सक्ती जिले के मामले में दोषी अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की जाएगी। विपक्ष ने मांग की कि कंप्यूटर ऑपरेटर और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए।



नेता प्रतिपक्ष ने दिया सुझाव

नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने यह भी सुझाव दिया कि किसानों को भुगतान और खरीदी की जानकारी पारदर्शी तरीके से दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक खरीदी केंद्र पर यह स्पष्ट रूप से लिखा जाए कि किस किसान को कितना भुगतान किया जा रहा है, तो भ्रम की स्थिति नहीं बनेगी और किसानों को भी सही जानकारी मिल सकेगी।



विपक्ष ने किया सदन का वॉकआउट

इस पर विधानसभा अध्यक्ष की आसंदी से भी सुझाव दिया गया कि खरीदी केंद्रों पर ऐसी व्यवस्था की जाए जिससे किसानों को भुगतान और खरीदी से जुड़ी जानकारी आसानी से मिल सके। खाद्य मंत्री ने इस सुझाव को स्वीकार करते हुए कहा कि खरीदी केंद्रों पर सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे, ताकि किसानों को पारदर्शी तरीके से जानकारी मिल सके।



हालांकि विपक्ष मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ और उन्होंने सदन में विरोध जताते हुए अंततः वॉकआउट कर दिया। इस मुद्दे को लेकर सदन में काफी देर तक विपक्ष का हंगामा चलता रहा।



निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू हुआ। जिसमें वित्तीय योजनाओं और किसानों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। वही विधानसभा में अमानक चावल और धान उठाव को लेकर विपक्ष ने सरकार पर हंगामा किया। सक्ति जिले में धान खराब होने के मामले में दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई गई। खाद्य मंत्री ने मार्च से पहले उठाव पूरा करने और सूचना बोर्ड लगाने का आश्वासन दिया, लेकिन विपक्ष असंतुष्ट रहा।



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