नक्सलियों का पत्र…हथियार छोड़ मुख्यधारा में लौटने की तैयारी, गृहमंत्री ने दिया भरोसा

Rajesh Lahoti | Feb 23, 2026, 12:35 IST
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छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा के BBM डिवीजन के 15 नक्सलियों ने सरकार को पत्र लिखकर आत्मसमर्पण की इच्छा जताई है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने उन्हें सुरक्षा और सम्मानजनक पुनर्वास का पूरा भरोसा दिलाया है।

रायपुर. छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा से लगे बलांगीर,बरगढ़, महासमुंद (BBM) डिवीजन के नक्सलियों ने सरकार को पत्र लिखकर आत्मसमर्पण की इच्छा जताई है। इस पत्र में नक्सलियों ने सुरक्षा की गारंटी और भरोसे की मांग करते हुए मुख्यधारा में शामिल होने की बात कही है। दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने उन्हें मुख्य धारा में शामिल करने का भरोसा दिलाया है। इस घटनाक्रम को नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।





जनयुद्ध छोड़ने का लिया बड़ा फैसला

नक्सल संगठन सीपीआई (माओवादी) के बीबीएम डिवीजन की ओर से पत्र लिखा गया है। इस पत्र में बताया गया कि बदलती सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियों में दीर्घकालीन जनयुद्ध जारी रखने का कोई औचित्य नहीं रह गया है। नक्सलियों ने कहा कि वे भारतीय संविधान के दायरे में रहकर जनता के हित में काम करना चाहते हैं और हथियारों के साथ आत्मसमर्पण के लिए तैयार हैं।



पंद्रह नक्सली मार्च में करेंगे सरेंडर

पत्र के अनुसार, इस डिवीजन के कुल 15 नक्सली आत्मसमर्पण की तैयारी में हैं, जिनमें अधिकांश बस्तर क्षेत्र के बताए गए हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा का भरोसा मिलने पर मार्च की शुरुआत में महासमुंद जिले में आत्मसमर्पण किया जा सकता है।



हालांकि नक्सलियों ने कुछ शंकाएं भी जाहिर की हैं। उन्होंने पूछा है कि आत्मसमर्पण करने वालों को बैरकों में क्यों रखा जाता है और क्या बाद में उन्हें फिर से पुराने मामलों में फंसाया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पहले भी आत्मसमर्पण की घोषणा के बावजूद सुरक्षा बलों द्वारा सर्च ऑपरेशन जारी रखा गया।



कॉम्बिंग ऑपरेशन रोकने की विशेष मांग

नक्सलियों ने सरकार से यह भी अनुरोध किया है कि, बलांगीर और बरगढ़ क्षेत्र में कुछ समय के लिए कॉम्बिंग ऑपरेशन रोक दिया जाए। ताकि वे सुरक्षित बाहर आ सकें। पत्र में कहा गया है कि पुलिस गतिविधियां बढ़ने पर उनके साथी बिखर सकते हैं और आत्मसमर्पण की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।



उपमुख्यमंत्री ने दिलाया पुनर्वास का भरोसा

इस बीच उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पत्र के जवाब में उन्हें भरोसा दिया है और नक्सलियों से अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हों। उन्होंने कहा कि सरकार आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार की नीति स्पष्ट है कि जो हथियार छोड़ेंगे, उन्हें सम्मानजनक जीवन दिया जाएगा।



नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में कदम

विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि बीबीएम डिवीजन के नक्सली वास्तव में आत्मसमर्पण (नक्सली आत्मसमर्पण छत्तीसगढ़) करते हैं तो यह छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। सरकार और नक्सलियों के बीच संवाद की यह पहल आने वाले समय में नक्सल समस्या के समाधान की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।



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