छत्तीसगढ़ के शिक्षकों पर संकट; TET पास नहीं किया तो जाएगी नौकरी, 42% शिक्षक अपात्र

Aishwarya Dwivedi | Mar 31, 2026, 09:59 IST
Chhattisgarh teachers not pass TET lose your job
छत्तीसगढ़ में 80 हजार से ज्यादा सरकारी स्कूल शिक्षकों को टीईटी पास करना अनिवार्य हो गया है। 42% शिक्षक अब तक क्वालिफाई नहीं कर पाए हैं। फरवरी में हुई परीक्षा का पेपर कठिन था। शिक्षक संगठनों ने पुराने शिक्षकों को टीईटी से छूट देने की मांग की है।

NEWS IN SHORT

  • टीईटी पास करना अनिवार्य - 80 हजार शिक्षकों को टीईटी पास करना होगा
  • 42% शिक्षक अपात्र - 42% शिक्षक टीईटी पास नहीं कर पाए हैं
  • कठिन परीक्षा - शिक्षक टीईटी की कठिन परीक्षा से जूझ रहे हैं
  • छूट की मांग - पुराने शिक्षकों को टीईटी से छूट दी जाए
  • सरकार का आश्वासन - मंत्री गजेंद्र यादव ने नुकसान न होने का आश्वासन दिया

NEWS IN DETAIL

RAIPUR : छत्तीसगढ़ में सरकारी स्कूलों के 80 हजार से अधिक शिक्षक अब शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास करने के लिए मजबूर होंगे। सुप्रीम कोर्ट के पिछले साल के आदेश के बाद, अब राज्य के प्राइमरी और मिडिल सरकारी स्कूलों में काम कर रहे करीब 1.93 लाख शिक्षकों में से लगभग 42 प्रतिशत शिक्षक टीईटी क्वालिफाई नहीं कर पाए हैं। ये शिक्षक अब अपनी नौकरी को लेकर चिंतित हैं और उनके सामने परीक्षा पास करने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।



टीईटी से राहत की मांग

शिक्षक संगठनों ने सरकार से बार-बार यह मांग की थी कि आरटीई (Right to Education) से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट दी जाए, ताकि उन्हें परीक्षा देने से राहत मिल सके। इसके साथ ही विभागीय परीक्षा आयोजित करने की भी चर्चा हुई थी, लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संदर्भ में अभी तक कोई स्पष्ट निर्देश जारी नहीं किए हैं।



सबसे ज्यादा प्रभावित ये जिले

प्रदेश के विभिन्न जिलों में करीब 80 हजार से अधिक शिक्षक इस नियम के दायरे में आए हैं। इन शिक्षकों में से सबसे ज्यादा प्रभावित कोंडागांव, महासमुंद, बलौदाबाजार और सरगुजा जिले के शिक्षक हैं। इनमें से कुछ ने फरवरी में आयोजित सीजी टीईटी परीक्षा दी थी, लेकिन अधिकांश शिक्षक क्वालिफाई नहीं कर पाए। शिक्षकों का कहना था कि पेपर कठिन था, और इतने सालों से स्कूल में पढ़ाने के बाद टीईटी जैसी परीक्षा की तैयारी करना और उसे पास करना बहुत मुश्किल था।



शिक्षकों की मांग पर विचार

छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष केदार जैन ने कहा कि हम पिछले 20-30 साल से शिक्षा सेवा में हैं और हमारी योग्यता पहले ही प्रमाणित हो चुकी है। उनकी मांग है कि जिन शिक्षकों ने 20-25 वर्षों तक निरंतर सेवा दी है, उन्हें टीईटी की अनिवार्यता से पूरी तरह से मुक्त किया जाए।



शिक्षकों के नुकसान को लेकर सरकार गंभीर

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि सरकार इस मामले पर गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि हम किसी भी शिक्षक का नुकसान नहीं होने देना चाहते हैं और विभाग में इस पर चर्चा जारी है।



प्रभावित जिलों की सूची

प्रभावित जिलों की सूची


निष्कर्ष

टीईटी के आदेश ने राज्य के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए एक नई चुनौती पैदा कर दी है। सरकार इस मामले पर विचार कर रही है, और शिक्षकों को राहत देने के लिए कोई समाधान निकालेगी, ताकि उनका नुकसान न हो।



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