छत्तीसगढ़ जल संसाधन विभाग : कई इंजीनियरों की कुर्सी हिली, नए चेहरों को मिली जिम्मेदारी
सरकार का बड़ा प्रशासनिक दांव
रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार ने जल संसाधन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कई मुख्य अभियंताओं और वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। 6 अप्रैल 2026 को जारी आदेश के तहत विभागीय कामकाज को तेज और प्रभावी बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। इस आदेश में साफ किया गया है कि यह बदलाव आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा।
इन अधिकारियों की बदली गई जिम्मेदारी
(छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक फेरबदल)जारी आदेश के मुताबिक मर्सी कुजूर को अब मुख्य अभियंता, महानदी परियोजना, रायपुर की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं शंकर राव सोनाने को मिनीमाता (हसदेव) बांगो परियोजना, बिलासपुर का मुख्य अभियंता बनाया गया है। इसी तरह जितेंद्र कुमार नेताम को हसदेव कछार का मुख्य अभियंता नियुक्त किया गया है।
अलग-अलग संभागों में नए चेहरों की तैनाती
सरकार ने क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए अन्य अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। एलेक्जेंडर ग्राहम को गोदावरी कछार, जगदलपुर का मुख्य अभियंता बनाया गया है। वहीं अनिल कुमार खलको को हसदेव गंगा कछार, अंबिकापुर में पदस्थ किया गया है। इसके अलावा सतीश कुमार टिकम को महानदी-गोदावरी कछार, रायपुर की कमान सौंपी गई है।
अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया
एक अन्य आदेश में शंकर वाघुर, मुख्य अभियंता (सिविल) को प्रमुख अभियंता, जल संसाधन विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। यह जिम्मेदारी उन्हें अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक सौंपी गई है। इससे साफ है कि विभाग में नेतृत्व स्तर पर भी बदलाव किया जा रहा है।
प्रशासनिक कसावट की कोशिश
सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक कसावट और कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। लंबे समय से एक ही जगह जमे अधिकारियों को हटाकर नई ऊर्जा लाने की कोशिश की गई है। इससे विभागीय परियोजनाओं की गति तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है।
आगे और बदलाव के संकेत
सूत्रों की मानें तो यह सिर्फ शुरुआत है और आने वाले समय में विभाग में और भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। सरकार प्रदर्शन के आधार पर अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय करने के मूड में नजर आ रही है, जिससे पूरे महकमे में हलचल तेज हो गई है।
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