बिलासपुर में 5 हजार से ज्यादा मुर्गे मरे, 22 हजार पक्षी और 25 हजार अंडे नष्ट
NEWS IN SHORT
- बिलासपुर के कोनी स्थित पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू वायरस की पुष्टि।
- 5 हजार से ज्यादा मुर्गियों और 22 हजार पक्षियों को मारा गया।
- 25 हजार अंडों और 79 क्विंटल दाने को नष्ट किया गया।
- संक्रमण के बढ़ने की वजह से स्वास्थ्य विभाग ने इलाके में जांच शुरू की।
- 10 किलोमीटर दायरे में पक्षियों की आवाजाही पर प्रतिबंध।
NEWS IN DETAIL
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोनी स्थित पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू का वायरस फैलने से हड़कंप मच गया है। यहां 5 हजार से ज्यादा मुर्गियां मरी हैं और 22 हजार पक्षियों को नष्ट किया गया है। इसके साथ ही 25 हजार अंडों और 79 क्विंटल दाने को भी नष्ट किया गया। बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से कई कदम उठाए हैं, जैसे कानन पेंडारी जूलॉजिकल पार्क को बंद कर दिया गया है। साथ ही, इलाके में मुर्गियों और पक्षियों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
लापरवाही और प्रशासनिक चूक
फार्म में पक्षियों की मौत 16 मार्च से पहले ही शुरू हो गई थी, लेकिन अधिकारियों ने इसे नजरअंदाज किया। शुरू में मौतों को मौसम परिवर्तन मान लिया गया और बिना जांच के मुर्गियों को दफना दिया गया। इस कारण संक्रमण का फैलाव और तेज हो गया। बाद में प्रशासन ने बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद सैंपलिंग की शुरुआत की, लेकिन इसे नियंत्रित करने में देर हो गई।
स्थानीय समस्याएं
खबर सामने आई है कि मरे हुए मुर्गों को खुले में फेंक दिया गया, जिससे इलाके में बदबू फैल गई और संक्रमण का खतरा बढ़ गया। इसको लेकर स्थानीय लोगों ने विरोध किया। फिर भी, प्रशासन ने यह कदम उठाया कि आसपास के क्षेत्रों में पक्षियों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
प्रशासन का दावा
प्रशासन ने दावा किया कि संक्रमण पर काबू पाया जा रहा है और सभी जरूरी सावधानियां बरती जा रही हैं। हालांकि, प्रशासनिक कर्मचारियों की कमी और मुर्गों की बिक्री पर रोक के बावजूद कई गांवों में मुर्गों की बिक्री जारी है, जिससे स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं।
मौजूदा स्थिति
चिकन और अंडे की दुकानों को बंद करा दिया गया है, लेकिन अवैध तरीके से मुर्गों की बिक्री जारी है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीमें लगातार इलाके में निगरानी रख रही हैं, और उम्मीद है कि स्थिति जल्द नियंत्रित हो जाएगी।
निष्कर्ष
बर्ड फ्लू के संक्रमण के कारण कोनी स्थित पोल्ट्री फार्म में भारी तबाही मची है, जहां हजारों मुर्गियां और पक्षी मारे गए। प्रशासन ने संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाए हैं, लेकिन प्रशासनिक चूक और लापरवाही के कारण स्थिति और बिगड़ी। स्थानीय स्तर पर मुर्गों की अवैध बिक्री जारी है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन को संक्रमण पर पूरी तरह से काबू पाने के लिए और कड़ी कार्रवाई करनी होगी।
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