राहुल गांधी ने अकेले में की उमेश पटेल से बात, बड़े पद पर ताजपोशी की अटकलें
समझें क्या है पूरा मामला
Raipur : राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ दौरे ने एक बड़े बदलाव की चर्चा को जन्म दे दिया है। राहुल ने वॉशरुम के पास विधायक उमेश पटेल से अकेले में देर तक बात की। थोड़ी दूर पर प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट,पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज खड़े रहे।
इस पूरी चर्चा से छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की राजनीति का पारा गरमा गया है। यह बड़ा पद क्या होगा इस पर अटकलें लगने लगी हैं। उमेश पटेल का कहना है कि किसी पद पर ताजपोशी की बात नहीं हुई। राहुल जब एयरपोर्ट के लिए निकले तो उनके साथ उमेश पटेल भी थे। राहुल एक टपरी पर रुके और वहां पर चाय पी। यह सारी बातें बताती हैं कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बड़ा बदलाव होने वाला है।
राहुल ने नेताओं को दिया चुनावी मंत्र
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी रविवार को एक दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर अभनपुर पहुंचे। जहां उन्होंने कांग्रेस के 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लिया। इस दौरान राहुल गांधी ने वरिष्ठ नेताओं, पूर्व मंत्रियों, जिला एवं शहर कांग्रेस अध्यक्षों के साथ अलग-अलग चरणों में बैठक कर संगठन की मजबूती और आगामी चुनावों की रणनीति पर चर्चा की।
अभनपुर के चांदी मोड़ स्थित आशुतोष-अलका अग्रवाल मंगल भवन में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में राहुल गांधी ने सबसे पहले प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं और पूर्व मंत्रियों से करीब 40 मिनट तक मुलाकात की। इस बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों, प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों और कांग्रेस की भावी रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। बताया गया कि करीब 70 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने भी राहुल गांधी से मुलाकात की, जिसमें पूर्व विधायक, पूर्व सांसद और विभिन्न संगठनात्मक पदाधिकारी शामिल थे।
पूर्व मंत्री गुरु रुद्र कुमार ने बताया कि राहुल गांधी ने प्रदेश के राजनीतिक हालात की विस्तृत जानकारी ली और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए आवश्यक सुझाव दिए। इसके बाद उन्होंने जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्षों के साथ विशेष संवाद सत्र में हिस्सा लिया।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष का प्रशिक्षण
कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में प्रदेशभर के नव-नियुक्त जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्ष शामिल हुए हैं। शिविर को केवल राजनीतिक भाषणों तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि प्रतिभागियों को गांवों में जाकर ग्रामीणों के बीच समय बिताने, मनरेगा जैसी योजनाओं की वास्तविक स्थिति समझने, नशे की समस्या पर अध्ययन करने और स्थानीय सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों का आकलन करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में योग, मार्शल आर्ट्स, व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता निर्माण और संगठन प्रबंधन से जुड़े सत्र भी शामिल किए गए हैं। इसके अलावा मीडिया प्रबंधन, जनसंपर्क, बूथ स्तर पर संगठन विस्तार और राजनीतिक संचार जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
राहुल का संदेश
राहुल गांधी ने अपने संबोधन और संवाद सत्र के दौरान संगठन विस्तार, बूथ स्तर की मजबूती और भाजपा के खिलाफ प्रभावी राजनीतिक नैरेटिव तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कांग्रेस पदाधिकारियों को जनता के बीच सक्रिय रहने और जमीनी मुद्दों को प्राथमिकता देने का संदेश दिया। आगामी चुनावों को देखते हुए संगठन को अधिक सक्रिय और सशक्त बनाने की दिशा में भी उन्होंने मार्गदर्शन प्रदान किया।
टपरी पर बैज को बिस्किट खिलाया
करीब चार घंटे तक चले कार्यक्रम के बाद राहुल गांधी रायपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए। एयरपोर्ट पहुंचने से पहले उन्होंने सड़क किनारे एक टपरी पर रुककर चाय का आनंद लिया। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट, भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव और चरणदास महंत समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। चाय के दौरान राहुल गांधी ने हल्के-फुल्के अंदाज में दीपक बैज को बिस्किट भी खिलाया, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने रहे।
प्रशिक्षण स्थल पर धक्का मुक्की
शिविर स्थल पर राहुल गांधी की एक झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंचे थे। कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ के कारण कुछ समय के लिए अव्यवस्था की स्थिति भी बनी। भीड़ और धक्का-मुक्की के बीच नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत को काफी देर तक शिविर स्थल के मुख्य प्रवेश द्वार पर ही रुकना पड़ा।
कांग्रेस इस प्रशिक्षण शिविर को आगामी चुनावों की तैयारी और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देख रही है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इस तरह के आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों से संगठनात्मक क्षमता बढ़ेगी और कार्यकर्ताओं का जमीनी जुड़ाव मजबूत होगा।
यह खबरें भी पढ़े...
राहुल गांधी पहुंचे कोटा, शिक्षा पर देशव्यापी अभियान की करेंगे शुरुआत
राज्यपाल और लोकसभा अध्यक्ष ने घटाया अपना काफिला, केवल 2 गाड़ियों के साथ होगा सफर