राज्यपाल और लोकसभा अध्यक्ष ने घटाया अपना काफिला, केवल 2 गाड़ियों के साथ होगा सफर

Jageshwar prasad | May 14, 2026, 17:33 IST
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Ashish Bhardwaj (79)
Photograph: (the sootr)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल के बाद राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने काफिलों में कटौती की है। राज्यपाल ने ईंधन संरक्षण का संदेश दिया, वहीं ओम बिरला अब 10 की जगह केवल 2 गाड़ियों के साथ सफर कर रहे हैं।

News In Short

  • प्रधानमंत्री की अपील के बाद राजस्थान के राज्यपाल और लोकसभा अध्यक्ष ने छोटे किए काफिले।
  • राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी अतिरिक्त गाड़ियां हटा दीं।
  • लोकसभा स्पीकर ओम बिरला अब 10 गाड़ियों के बजाय सिर्फ 2 गाड़ियों के साथ चल रहे हैं।
  • काफिले कम करने का मुख्य उद्देश्य ईंधन की बचत और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।
  • मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और कई अन्य मंत्री भी पहले ही अपने काफिलों में कटौती कर चुके हैं।

News In Detail

राजस्थान में वीआईपी कल्चर को कम करने और संसाधनों की बचत की दिशा में एक बड़ी पहल देखी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने काफिले को सीमित करने के निर्णय के बाद, अब राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी इसी राह पर चलने का फैसला किया है।

यह कदम न केवल सुरक्षा व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए है, बल्कि इसके जरिए आम जनता को ईंधन संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जागरूक करने का संदेश भी दिया जा रहा है।

राजभवन से जारी हुए आदेश

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने गुरुवार को राजभवन से एयरपोर्ट तक की यात्रा के दौरान स्वयं उदाहरण पेश किया। उन्होंने अपने काफिले से पायलट कार, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसे वाहनों को हटा दिया। राजभवन प्रशासन ने अब औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं कि भविष्य में भी राज्यपाल के दौरों के दौरान केवल सीमित और आवश्यक वाहन ही साथ रहेंगे।

राज्यपाल ने आमजन से अपील की है कि वे छोटी दूरी के लिए निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। उन्होंने ईंधन संरक्षण को एक जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया है।

लोकसभा अध्यक्ष: 10 से घटकर रह गईं 2 गाड़ियां

कोटा प्रवास के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के काफिले में भी बड़ा बदलाव दिखा। पहले उनके कारकेड में सुरक्षा कर्मियों, डॉक्टरों (एंबुलेंस), दमकल और पुलिस अधिकारियों की लगभग 10 गाड़ियां चलती थीं। अब ओम बिरला केवल 2 गाड़ियों के साथ शहर में घूम रहे हैं।

उनकी सुरक्षा में तैनात सीआरपीएफ (CRPF) के कमांडो अब सीमित वाहनों में उनके साथ चलते हैं। जेड (Z) कैटेगरी की सुरक्षा होने के बावजूद, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए उन्होंने यह साहसिक निर्णय लिया है।

ईंधन और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

इन वीआईपी काफिलों के छोटे होने का सीधा असर ईंधन की खपत पर पड़ता है। राज्यपाल के अनुसार, यह केवल आर्थिक बचत नहीं है, बल्कि ग्लोबल वार्मिंग के दौर में पर्यावरण की रक्षा के लिए भी जरूरी है। सरकारी विभागों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अनावश्यक ईंधन खर्च से बचें और केवल जरूरत पड़ने पर ही वाहनों का बेड़ा बाहर निकालें।

राजस्थान में बढ़ता ट्रेंड

ईंधन बचाने और सादगी अपनाने की इस मुहिम की शुरुआत प्रधानमंत्री की अपील से हुई थी। इसके बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी अपने काफिले को छोटा किया था। धीरे-धीरे राज्य सरकार के कई मंत्रियों ने भी इस सादगी को अपनाया है।

अधिकारियों का मानना है कि इससे न केवल सड़कों पर जाम की स्थिति कम होगी, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच की दूरी भी घटेगी। भविष्य के कार्यक्रमों में भी सादगी और संसाधनों के सीमित उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

राज्यपाल और लोकसभा अध्यक्ष ने अपने काफिले क्यों कम किए?

इसका मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दी गई ईंधन संरक्षण और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की सीख को लागू करना है। यह कदम पर्यावरण की रक्षा और सरकारी खर्च को कम करने के लिए उठाया गया है।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के काफिले में अब कितनी गाड़ियां चलती हैं?

पहले उनके काफिले में एंबुलेंस, दमकल और पुलिस की गाड़ियों सहित करीब 10 वाहन होते थे। अब वे कोटा में केवल 2 गाड़ियों (उनकी निजी सुरक्षा और कमांडो वाहन) के साथ चल रहे हैं।

राज्यपाल ने आम जनता से क्या अपील की है?

राज्यपाल ने लोगों से ईंधन संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आग्रह किया है। उन्होंने सुझाव दिया कि कम दूरी के लिए निजी वाहनों का उपयोग न करें और सार्वजनिक परिवहन (बस, ट्रेन आदि) को प्राथमिकता दें।

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