कांग्रेस के कुनबे पर लगी कोयले की कालिख, कोषाध्यक्ष, विधायक से लेकर प्रवक्ता तक फंसे, डायरी की एंट्री ने खोल दिया घोटाला
इन सभी नेताओं की कोल स्कैम में अहम भूमिका थी। इन तक कोल लेवी का अवैध पैसा बड़ी मात्रा में पहुंचा है। सूर्यकांत की डायरी की 1 हजार 28 एंट्री ने इस घोटाले के सारे तार खोल दिए। इन एंट्री में 477 करोड़ के लेन देन का हिसाब है। यह एंट्री हाथों से की गईं थीं। हालांकि देवेंद्र यादव का कहना है कि बीजेपी सरकार राजनीतिक कारणों से उनको फंसा रही है और डराना चाहती है। भूपेश बघेल भी कह चुके कि बीजेपी जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर बदले की कार्रवाई कर रही है।
रामगोपाल अग्रवाल
ईओडब्ल्यू ने जो डायरियां जब्त की हैं उनसे कई खुलासे हो रहे हैं। डायरी में भवन और सी पार्टी से संबंधित 32 एंट्री हैं इन एंट्री में कुल 104 करोड़ 20 लाख रुपए की रकम का जिक्र है। यह रकम भवन यानी कांग्रेस भवन और सी पार्टी यानी कांग्रेस पार्टी तक पहुंचाई गई। रामगोपाल अग्रवाल के सहायक देवेंद्र डडसेना के बयानों से यह सामने आया।
इस अवधि में रामगोपाल अग्रवाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष और छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष थे। परिवार से संबंधित कंपनियों की भूमि खरीदी, विक्रेताओं द्वारा बताए गए अतिरिक्त नकद भुगतान और संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों का परीक्षण किया गया। इससे पता चला कि रामगोपाल अग्रवाल को रकम के कोयला लेवी से प्राप्त होने की जानकारी थी। इसके बाद भी उन्होंने पार्टी के लिए यह रकम प्राप्त की।
इस प्रकार आरोपी राम गोपाल अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष रहते हुए, यह जानते हुए कि रकम कोयला लेवी से प्राप्त अवैध रकम है, भवन/C PARTY के नाम से दर्ज इस रकम को देवेंद्र डडसेना के माध्यम से पार्टी के लिए प्राप्त कर लाभ प्राप्त किया। उसने सिंडिकेट की अवैध वसूली की व्यवस्था को निरंतर बनाए रखने में सहायता की। आपराधिक षड्यंत्र में सहभागी रहे।
देवेंद्र यादव
कांग्रेस के भिलाई नगर के विधायक देवेंद्र यादव को खैरागढ़ उपचुनाव में अहम जिम्मेदारी निभा रहे थे। उनको 20 बू्थों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वे वहां पर प्रचार प्रसार का काम देख रहे थे। ईओडब्ल्यू को उनके और सूर्यकांत तिवारी के बीच बातचीत और वाट्सएप चैट मिले हैं। डायरी में 11 एंट्री मिली हैं जिनमें देवेंद्र यादव ने नवाज के जरिए तीन करोड़ रुपए खैरागढ़ उपचुनाव के लिए प्राप्त किए। 2 करोड़ 25 लाख में खैरागढ़ लिखा हुआ है जबकि 75 लाख यह नहीं लिखा।
नवाज ही देवेंद्र यादव के लिए रकम प्राप्त करता था। इसी में कुमार विश्वास का कार्यक्रम करवाने के लिए 25 लाख रुपए का जिक्र है। ईओडब्ल्यू के मुताबिक देवेंद्र यादव की जानकारी में था कि सूर्यकांत तिवारी कोल लैवी स्कैम का सूत्रधार है फिर भी उससे अवैध रकम नवाज के माध्यम से प्राप्त की। देवेंद्र यादव ने खैरागढ़ उपचुनाव के नाम पर रकम ली लेकिन पूरा पैसा चुनाव में खर्च नहीं किया।
विनोद तिवारी
विनोद तिवारी कांग्रेस के सक्रिय राजनेता हैं। वे जनता कांग्रेस से कांग्रेस में शामिल हुए थे। वे सन 2000 से सूर्यकांत तिवारी को जानते थे। डायरी में उनके नाम से 22 एंट्री मिली है। उन्होंने सूर्यकांत से 2 करोड 12 लाख 11 हजार रुपए लिए। इसमें खैरागढ़ उपचुनाव में होर्डिंग्स का भुगतान और पंचायत पदाधिकारियों को पैसा बांटने का उल्लेख है। ईओडब्ल्यू के पास विनोद तिवारी और सूर्यकांत के बीच हुई बातचीत और वाट्सएप चैट का प्रमाण है।
आरपी सिंह
रामप्रताप सिंह यानी आरपी सिंह कांग्रेस के प्रवक्ता थे और तत्कालीन सरकार में मीडिया प्रबंधन का काम देखते थे। वे सूर्यकांत तिवारी और सौम्या चौरसिया के करीबी थे। डायरी में आरपी नाम से 25 एंट्री मिली हैं। इनमें 2 करोड़ 92 लाख 90 हजार रुपए प्राप्त करने का जिक्र है। रामप्रताप सिंह ने इस रकम का उपयोग स्वयं के खर्च, राजनीतिक कार्य, मंत्री और विधायकों की व्यवस्था और वाहन व्यवस्था में किया गया। इसके प्रमाण ईओडब्ल्यू ने कोर्ट को दिए हैं।
चंद्रदेव प्रसाद राय
चंद्रदेव प्रसाद राय तत्कालीन कांग्रेस विधायक थे। वे बिलाईगढ़ से 2018 का चुनाव जीते थे। उनका भी सूर्यकांत तिवारी से संबंध था। चंद्रदेव को 49 लाख 50 हजार रुपए देने की एंट्री डायरी में है। उत्तरप्रदेश चुनाव के लिए चंद्रदेव को 42 लाख रुपए दिए गए। इसका उपयोग उत्तरप्रदेश चुनाव में कार्यकर्ताओं के ठहरने और भोजन पानी पर खर्च दिखाया गया।
ईडी ने इनके निवास से सोने का हार और कान की बालियां जब्त की थी। यह ज्वेलरी सूर्यकांत तिवारी ने उनको दी थी। उनको जानकारी थी कि सूर्यकांत तिवारी कोल लेवी से अवैध पैसा कमा रहा है इसके बाद भी उन्होंने यह उससे पैसा और ज्वेलरी ली।