लखमा परिवार 5 साल में भी पूरा नहीं बनवा पाया घर, प्रॉपर्टी भी पुरानी
Congress MLA Kawasi Lakhma liquor scam : छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ED आबकारी मंत्री रहे कांग्रेस विधायक कवासी लखमा और उनके परिवार तक पहुंच गई है। ईडी ने उनको फाइलों पर किए गए हस्ताक्षर के आधार पर घेरा है। लखमा परिवार पर ईडी ने फिलहाल आय से अधिक संपत्ति का कोई मामला नहीं बनाया है। यह बात कांग्रेस एमएलए कवासी लखमा ने भी कही है कि उनके नोटशीट पर साइन को लेकर ईडी ने पूछताछ की थी। हालांकि, लखमा ने यह कहकर अपना बचाव किया कि वे अनपढ़ हैं। अफसरों ने ही यह सब किया है।
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लखमा परिवार ने नहीं खरीदी नई प्रॉपर्टी
ईडी के छापे के बाद मीडिया से चर्चा में कवासी लखमा ने दावा किया था कि उन्होंने ईडी को संपत्ति को लेकर पूरी डिटेल दे दी है। मीडिया रिपोर्ट्स में भी दावा किया जा रहा है कि उनके परिवार ने सुकमा जिले में कोई नई संपत्ति नहीं खरीदी है। यही नहीं सुकमा में उनके बेटे का मकान बन रहा है। यह मकान पिछले पांच साल से निर्माणाधीन है। पांच साल बाद भी यह मकान अधूरा ही पड़ा है।
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करीबी हो गए अंडरग्राउंड
ईडी की ओर से छापेमार कार्रवाई के बाद उनके करीबी बताया जा रहा है कि अंडरग्राउंड हो गए हैं। यही नहीं उनसे संबंध रखने वाले लोगों में डर का माहौल बताया जा रहा है। इनमें खासतौर पर जगदलपुर और नारायणपुर से आने वाले उनके करीबी हैं।
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अब तक की सबसे हाईप्रोफाइल कार्रवाई
ईडी की ओर से शराब घोटाले में कवासी लखमा के यहां छापेमारी की कार्रवाई अब तक की सबसे हाईप्रोफाइल कार्रवाई है। इस मामले में ईडी की ओर से नौकरशाह अनिल टुटेजा, अरुणपति त्रिपाठी सहित सिंडिकेट अनवर ढेबर व अन्य को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस बार इस मामले में ईडी ने पूर्व आबकारी मंत्री लखमा के यहां छापा मार कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि ईडी को केस से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं।
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ईडी ने शनिवार को कांग्रेस विधायक कवासी लखमा के रायपुर स्थित बंगले तथा उनके बेटे हरीश कवासी के सुकमा स्थित बंगले पर छापामार कार्रवाई की थी। हरीश 10 साल से जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। इसके अलावा नगर पालिका अध्यक्ष जगन्नाथ साहू, ठेकेदार अभिषेक भदौरिया सहित रायपुर में कांग्रेस नेताओं के यहां छापामार कार्रवाई की गई थी।
सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर करनी होगी
उल्लेखनीय है कि शराब घोटाले में ईडी की ओर से दायर की गई पहली चार्जशीट में कांग्रेस विधायक कवासी लखमा का नाम नहीं है। चूंकि, अब ईडी ने कांग्रेस विधायक को टारगेट पर ले ही लिया है, तो ED को गिरफ्तारी के लिए सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर करनी होगी।
FAQ
- ईडी ने कांग्रेस विधायक कवासी लखमा को किस आधार पर घेरा है ?
ईडी ने कवासी लखमा को फाइलों पर उनके किए गए हस्ताक्षरों के आधार पर घेरा है। लखमा ने कहा कि वे अनपढ़ हैं और अधिकारियों ने उनका फायदा उठाकर गड़बड़ियां की हैं। ईडी ने फिलहाल लखमा परिवार पर आय से अधिक संपत्ति का कोई मामला नहीं बनाया है। - ईडी की छापेमारी के बाद लखमा परिवार की संपत्तियों के बारे में क्या जानकारी सामने आई ?
कवासी लखमा ने दावा किया है कि उन्होंने ईडी को अपनी संपत्ति की पूरी जानकारी दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके परिवार ने सुकमा जिले में कोई नई संपत्ति नहीं खरीदी है। उनका बेटा हरीश कवासी एक मकान बनवा रहा है, जो पिछले पांच वर्षों से अधूरा है। - ईडी की कार्रवाई के बाद उनके करीबियों की क्या स्थिति है ?
ईडी की छापेमारी के बाद कवासी लखमा के कई करीबी अंडरग्राउंड हो गए हैं। खासकर जगदलपुर और नारायणपुर के उनके समर्थकों में डर का माहौल है, और वे इस मामले से दूरी बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।