पार्टी में मची कलह के बाद कांग्रेस ने जारी की वार्ड अध्यक्षों की नई सूची, आठ नए चेहरों के साथ पूरी कार्यकारिणी बदली
छत्तीसगढ़ के रायपुर में कांग्रेस संगठन के भीतर लंबे समय से चल रहे विवाद के बाद आखिरकार पार्टी ने वार्ड अध्यक्षों की नई सूची जारी कर दी है। इस नई सूची में 8 नए चेहरों को मौका दिया गया है। जबकि पहले की सभी कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया है। इस बड़े फेरबदल को संगठन में संतुलन और कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस और जिला कांग्रेस के बीच वार्ड अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर काफी समय से मतभेद चल रहे थे। पहले जारी सूची पर कई नेताओं ने आपत्ति जताई थी।
जिसके बाद मामला बढ़ता गया और संगठन में असंतोष खुलकर सामने आने लगा। इसी के चलते पार्टी नेतृत्व को पुरानी सूची निरस्त कर नई सूची जारी करनी पड़ी। इस बार सूची तैयार करते समय प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशों को विशेष महत्व दिया गया। साथ ही स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता, संगठन में योगदान और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए नए नामों का चयन किया गया है।
इन वार्डों में हुआ बदलाव :
वार्ड-64 विपिन बिहारी सूर
पहले: राजू नायक अध्यक्ष, झुमेंद्र दीप कार्यकारी
अब: झुमेंद्र दीप
वार्ड-62 शहीद राजीव पांडे
पहले: अनिस मनिहार अध्यक्ष, रोहित साहू कार्यकारी
अब: विजय
वार्ड-47 मदर टेरेसा
पहले: अमित कोसरिया अध्यक्ष, शत्रुघ्न कार्यकारी
अब: शत्रुघ्न
वार्ड-46 सिविल लाइन
पहले: हरीश संतवानी
अब : बोसतोबा तांडी
वार्ड-33 शहीद वीर नारायण सिंह
पहले: विशाल
अब: मोहसिन खान
वार्ड-23 श.मनमोहन सिंह बक्शी
पहले: रवि विभार
अब: दिनेश मिश्रा
वार्ड-2 पं. जवाहर लाल नेहरू
पहले: इंदर जगत अध्यक्ष और शीला सिंह कार्यकारी
अब: शीला सिंह
वार्ड-5 बजरंग माता
पहले: राकेश साहू अध्यक्ष
अब: मनोज वर्मा अध्यक्ष
कार्यकारिणी पूरी तरह खत्म :
इस फेरबदल का सबसे बड़ा पहलू यह है कि कुल 9 कार्यकारिणी सदस्यों को हटाकर पूरी कार्यकारिणी को समाप्त कर दिया गया है। अब वार्ड स्तर पर सीधे अध्यक्षों के माध्यम से संगठन को संचालित किया जाएगा। पार्टी नेताओं का मानना है कि इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी और अनावश्यक विवादों में कमी आएगी। बताया जा रहा है कि पहले जारी सूची में कई ऐसे नाम शामिल थे जिन्हें लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध था। कुछ नेताओं ने खुले तौर पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी और इसे संगठन की अनदेखी बताया था। यही कारण रहा कि पार्टी को नई सूची जारी करने का निर्णय लेना पड़ा।
संगठन को मजबूत करने की कोशिश:
शहर जिला कांग्रेस नेतृत्व का कहना है कि यह बदलाव पूरी तरह संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों की तैयारी को ध्यान में रखकर किया गया है। नए अध्यक्षों से अपेक्षा की जा रही है कि वे वार्ड स्तर पर पार्टी की गतिविधियों को तेज करेंगे और जनता के बीच सक्रिय भूमिका निभाएंगे। कुल मिलाकर इस नए फेरबदल से साफ है कि कांग्रेस अब संगठन में अनुशासन और संतुलन स्थापित करने के मूड में है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि ये नए चेहरे पार्टी को कितना मजबूत बना पाते हैं।
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