तस्करों को सलाखों के पीछे भेजते-भेजते खुद ड्रग तस्कर बन गया पुलिसकर्मी, मर्सिडीज से करता था सप्लाई

Anjali Dwivedi | Feb 12, 2026, 13:28 IST
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राजधानी रायपुर में तस्करों को पकड़ते-पकड़ते सिपाही हिमांशु बर्मन खुद तस्करी करने लगा। मर्सिडीज से हेरोइन की सप्लाई करने वाला यह पुलिसकर्मी अब रिमांड पर है। विभाग ने उसे जाल बिछाकर रंगेहाथ पकड़ लिया।

News In Short

  • सिपाही हिमांशु बर्मन खाकी का फायदा उठाकर काफी समय से ड्रग्स सप्लाई कर रहा था।
  • आरोपी इतना बेखौफ था कि ड्रग्स डिलीवरी के पैसे सीधे अपने निजी बैंक खाते में लेता था।
  • आरोपी के पास से एक मर्सिडीज कार और एक ग्राम हेरोइन जब्त की गई है।
  • पूछताछ में खुलासा हुआ कि ड्रग्स पंजाब से भिलाई आती थी, जहां से सिपाही इसे खरीदता था।
  • साल 2013 में भर्ती हुआ यह सिपाही लापरवाही के कारण पहले ही रडार पर था।

News In Detail

रायपुर. छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक पुलिस वाला, जिसकी जिम्मेदारी समाज को नशामुक्त बनाने की थी, वह वर्दी की आड़ में खुद ड्रग्स की तस्करी करने लगा।



पैसों के लालच में इस सिपाही ने खाकी को दागी कर दिया है। बुधवार 11 फरवरी को पुलिस ने जाल बिछाकर अपने ही विभाग के इस पुलिसकर्मी को रंगेहाथों धर दबोचा है।



आरोपी की गिरफ्तारी कैसे हुई

11 फरवरी को टिकरापारा इलाके में पुलिस को सूचना मिली कि ड्रग्स की खेप पहुंचने वाली है। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की और आरोपी को पकड़ा। आरोपी कोई और नहीं, पुलिस का सिपाही हिमांशु बर्मन था।



उसकी मर्सिडीज कार से एक ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पुलिस ने ड्रग्स जब्त कर सिपाही को गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश किया। उसे रिमांड पर भेज दिया गया है।



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जाल बिछाकर ऐसे पकड़ा गया वर्दीधारी

सिपाही की इस करतूत का भंडाफोड़ एक नशेड़ी युवक की मदद से हुई। नशेड़ी ने सिपाही के बारे में जानकारी दी, जो उससे ड्रग्स (drugs case) लेता था। जब ये खबर सीनियर अफसरों तक पहुंची, तो उन्होंने सिपाही को पकड़ने के लिए एक योजना बनाई। उस युवक के जरिए सिपाही को हेरोइन का ऑर्डर दिया गया। जैसे ही हिमांशु ड्रग्स लेकर टिकरापारा पहुंचा, पुलिस ने उसे पकड़ लिया।



तस्करों से कैसे कनेक्शन हुआ हिमांशू का

जांच में खुलासा हुआ है कि हिमांशु बर्मन पिछले डेढ़ साल से आमानाका थाने में पदस्थ था। अपनी ड्यूटी के दौरान वह कई बार ड्रग्स के खिलाफ होने वाली छापेमारी और कार्रवाई का हिस्सा रहा। तस्करों को पकड़ते-पकड़ते वह उनके संपर्क में आ गया और जल्द पैसा कमाने के लालच में खुद तस्करी के दलदल में उतर गया। वह भिलाई के तस्करों से माल खरीदता था, जो मुख्य रूप से पंजाब से ड्रग्स मंगवाते थे।



कहां से शुरू हुआ था अपराध का सफर

मूल रूप से कवर्धा के कुंडा का रहने वाला हिमांशु साल 2013 में छत्तीसगढ़ पुलिसबल में भर्ती हुआ था। पूछताछ में सामने आया कि उसकी तस्करों से पहचान पुलिस लाइन में तैनाती के दौरान हुई थी। आमानाका थाने में पोस्टिंग के दौरान उसे पहले वारंट तामिली का काम सौंपा गया था। लेकिन ड्यूटी से लगातार गायब रहने के कारण उसे मददगार की टेबल पर बैठा दिया गया था। आरोपी ने कबूल किया है कि वह अब तक चार बार ड्रग्स की सफल सप्लाई कर चुका है।



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