12 फरवरी को भारत बंद का छत्तीसगढ़ में दिखेगा असर, कोयला खदानें रहेगी बंद
Aman Vaishnav | Feb 12, 2026, 10:24 IST
nationwide strike impact chhattisgarh february 12
आज 12 फरवरी को देशभर में ट्रेड यूनियनों और जन संगठनों ने हड़ताल का आह्वान किया है। हड़ताल का मकसद श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करना है। छत्तीसगढ़ में भी इस हड़ताल का बड़ा असर देखने मिलेगा। इस दौरान कोल इंडिया की खदानों का काम बंद रहेगा।
News In Short
- 12 फरवरी को देशभर में ट्रेड यूनियनों और जन संगठनों की हड़ताल है।
- रायपुर में मशाल रैली निकालकर हड़ताल को सफल बनाने का संकल्प लिया गया है।
- छत्तीसगढ़ में कोल इंडिया की खदानें आज बंद रहेंगी।
- देशभर में करीब 30 करोड़ मजदूरों के हड़ताल में शामिल होने का अनुमान है।
News In Detail
यूनियनों का कहना है कि हड़ताल श्रमिकों, कर्मचारियों और सार्वजनिक संस्थाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए की जा रही है। प्रदेश भर में कई संगठनों ने हड़ताल को सफल बनाने की अपील की है। हालांकि, चैंबर ऑफ कॉमर्स ने इस हड़ताल का समर्थन नहीं किया है।
हड़ताल के समर्थन में निकली रैली
8a13503d-c8b
सभा को सफल बनाने का संकल्प
रायपुर में एक सभा को संबोधित करते हुए ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच के संयोजक धर्मराज महापात्र ने कहा कि चारों श्रम संहिताएं मजदूरों के हक को कमजोर करेंगी। उन्होंने प्रदेश के सभी श्रमिकों से अपील की कि वे हड़ताल में ज्यादा से ज्यादा हिस्सा लें और इसे सफल बनाएं। सभा के आखिरी में हड़ताल को सफल बनाने का संकल्प लिया गया था।
e216f32f-1cd
कोयला खदानें रहेंगी बंद
हड़ताल के कारण छाल, जामपाली, बरौद और बेजारी की कोल इंडिया खदानों में काम नहीं होगा। इन खदानों के बंद होने से कोयला परिवहन भी रुक जाएगा। हालांकि, स्कूल, दुकानें और आवागमन सामान्य रूप से चलते रहेंगे। इसके अलावा, जीवन बीमा कार्यालय के पास भी एक दिन का धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
30 करोड़ से ज्यादा मजदूर शामिल होंगे
ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) की महासचिव अमरजीत कौर ने बताया कि इस बार प्रदर्शन में भागीदारी पहले से ज्यादा हो सकती है। 9 जुलाई 2025 के प्रदर्शन में करीब 25 करोड़ लोग शामिल हुए थे। यूनियनों के मुताबिक 600 से ज्यादा जिलों में बंद का असर पड़ सकता है। पिछले साल यह असर 550 जिलों तक ही सीमित था।
इस हड़ताल का मकसद क्या है?
नेताओं का मानना है कि ये कोड मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करते हैं। नौकरी की सुरक्षा कम करते हैं। मालिकों के लिए कर्मचारियों को रखना और निकालना और भी आसान बना देते हैं।
दूसरी मांगों में ड्राफ्ट सीड बिल, इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल, और शांति एक्ट को खत्म करना, MGNREGA को फिर से शुरू करना, और विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट, 2025 के लिए गारंटी को वापस लेना शामिल है।
यूनियनों की प्रमुख मांगें
मनरेगा में सुधार: महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को और मजबूत करने और इसमें बजट बढ़ाने की मांग की जा रही है।
सिविल सर्विस नीतियों का विरोध: सरकार की कुछ नीतियों का विरोध हो रहा है जो सिविल सेवाओं को कमजोर कर रही हैं उन्हें वापस लिया जाए।
पुरानी पेंशन योजना: नई पेंशन योजना के मुकाबले पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू करने की मांग है।
नई शिक्षा नीति का विरोध: शिक्षा नीति 2020 को वापस लेने की मांग भी की जा रही है।
ये खबरें भी पढ़िए...
12 फरवरी को भारत बंद, एमपी में दिखेगा असर, जानें क्या खुलेगा और क्या रहेगा बंद
देशभर में कैब, बाइक और टैक्सी ड्राइवरों की हड़ताल,
रायपुर में रसोइयों की हड़ताल बनी जानलेवा, 2 महिलाओं की जान गई, सरकार की सफाई हम नहीं मौत का कारण
छत्तीसगढ़ न्यूज: छत्तीसगढ़ में 25 हजार बैंककर्मी हड़ताल पर, 2500 बैंकों में लटके ताले
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava