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अगर आप आज (7 फरवरी 2026) कहीं बाहर जाने के लिए ओला, उबर या रैपिडो बुक करने का प्लान बना रहे हैं तो जरा संभल जाइए। देशभर के ओला, उबर और रैपिडो के लाखों ड्राइवरों ने आज 6 घंटे की नेशनवाइड हड़ताल का ऐलान किया है।
ये हड़ताल सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक रहेगी। इससे दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में यात्रियों को भारी परेशानी हो सकती है। आज देशभर में इन कंपनियों के ड्राइवरों ने ऑल इंडिया ब्रेकडाउन का ऐलान किया है।
इसका मतलब है कि आज लाखों ड्राइवरों ने अपने मोबाइल ऐप्स बंद रखने का फैसला किया है। इस हड़ताल की वजह से आज सड़कों पर टैक्सी मिलना बहुत मुश्किल हो सकता है। भोपाल में भी करीब 15 हजार कैब और तीन हजार बाइक टैक्सी के पहिए थम सकते हैं।
हड़ताल का क्या कारण है
इस हड़ताल को मुख्य रूप से तेलंगाना गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) ने लीड किया है। ड्राइवरों का कहना है कि वे लंबे समय से शोषण का शिकार हो रहे हैं। कंपनियों की मनमानी के कारण उनकी कमाई बहुत कम हो गई है।
इसी नाराजगी के चलते यूनियन ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया है। न तो उनका कोई सही किराया तय है और न ही काम करने के कोई नियम।
कंपनियों की मनमानी के कारण उनकी कमाई का हिस्सा लगातार घटता जा रहा है। उनका कहना है कि पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन उनका कमीशन कम होता जा रहा है।
ड्राइवरों की मेजर डिमांड्स
ड्राइवर यूनियन ने सरकार के सामने कुछ बेहद जरूरी मांगें रखी हैं:
न्यूनतम किराया तय हो:
यूनियन चाहती है कि सरकार ऑटो, टैक्सी और बाइक टैक्सी के लिए एक न्यूनतम किराया फिक्स करे।
सफेद नंबर प्लेट पर रोक:
अक्सर लोग निजी (सफेद नंबर प्लेट) गाड़ियों का इस्तेमाल कमर्शियल काम के लिए करते हैं। इससे असली ड्राइवरों का काम मारा जाता है। यूनियन इस पर पूरी तरह रोक चाहती है।
शोषण से मुक्ति:
कंपनियां अपनी मर्जी से पैसे काट लेती हैं। ड्राइवर चाहते हैं कि सरकार इन कंपनियों पर कड़ी निगरानी रखे।
सुरक्षा की गारंटी:
गिग वर्कर्स (गिग वर्कर्स हड़ताल) के लिए बेहतर सैलरी और सामाजिक सुरक्षा की मांग भी इस आंदोलन का हिस्सा है।
एग्रीगेटर गाइडलाइंस-2025 लागू हों
यूनियनों की सलाह से किराया तय हो
मनमानी कटौती और पेनल्टी बंद की जाए
प्राइवेट गाड़ियों से कमर्शियल काम पर रोक लगे
इंश्योरेंस और सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए
यात्रियों पर क्या पड़ेगा असर
हड़ताल शनिवार (7 फरवरी) सुबह 10:00 बजे से शाम 04:00 बजे तक सबसे ज्यादा असर दिखाएगी। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और भोपाल जैसे शहरों में यात्रियों को भारी दिक्कत हो सकती है।
भोपाल में करीब 15 हजार कैब और तीन हजार बाइक टैक्सी इस हड़ताल का हिस्सा बन सकती हैं। अगर आपको ऐप पर गाड़ी दिखती भी है, तो हाई डिमांड की वजह से किराया बहुत ज्यादा (Surge Pricing) हो सकता है।
Tip: आज के दिन यात्रा के लिए मेट्रो, सिटी बस या अपनी निजी गाड़ी का विकल्प चुनना ही सबसे समझदारी भरा फैसला होगा।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी हड़तालें
आपके बता दें कि ये पहली बार नहीं है जब ड्राइवरों ने मोर्चा खोला है। अभी हाल ही में 3 फरवरी 2026 को भी सुरक्षा और बेहतर सैलरी को लेकर प्रदर्शन हुआ था। इससे पहले 2025 के अंत में क्रिसमस और न्यू ईयर के दौरान भी करीब 50 हजार वर्कर्स ने काम रोका था।
ड्राइवरों की नाराजगी की सबसे बड़ी वजह ये है कि पेट्रोल-डीजल के दाम तो रॉकेट की तरह बढ़ रहे हैं, लेकिन उनकी जेब में आने वाला कमीशन कम होता जा रहा है।
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