छोटे कारोबारी को बिना गारंटी 20 लाख तक का लोन, डिजिटल फ्रॉड पर मिलेगा 25 हजार का मुआवजा

आरबीआई ने रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। साथ ही, MSME के लिए बिना गारंटी लोन की सीमा 20 लाख रुपए कर दी है। वहीं, डिजिटल फ्रॉड के मामले में 25 हजार रुपए तक मुआवजा देने का ऐलान किया है।

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Amresh Kushwaha
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार, 06 फरवरी को अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा का ऐलान किया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की अगुवाई में मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर बनाए रखने का फैसला किया है।

यह फैसला वैश्विक हालात और देश की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इसका फायदा आम लोगों को मिलेगा, खासकर होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन लेने वाले लोगों को। ऐसा इसलिए, क्योंकि उनकी EMI में कोई बदलाव नहीं होगा।

MSME को मिलेगा बिना गारंटी 20 लाख तक का लोन

आरबीआई ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए भी एक बड़ा फैसला लिया है। अब बिना गारंटी के लोन की सीमा 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 20 लाख रुपए कर दी गई है। इसका मतलब ये हुआ कि छोटे कारोबारियों को अब आसानी से लोन मिल सकेगा। इससे उनके व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और कारोबार में तेजी आ सकती है। यह कदम छोटे उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए उठाया गया है।

डिजिटल धोखाधड़ी पर मिलेगा 25 हजार का मुआवजा

आरबीआई ने डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों में भी एक बड़ा कदम उठाया है। गवर्नर ने बताया कि अब छोटे-मूल्य के अनधिकृत डिजिटल लेनदेन में ग्राहकों को 25 हजार रुपए तक का मुआवजा मिलेगा। यह फैसला ग्राहकों को ऑनलाइन फ्रॉड से बचाने के लिए लिया गया है, ताकि उन्हें राहत मिल सके। इसके अलावा, बैंकों के जरिए गलत उत्पाद बेचने (मिस-सेलिंग) और रिकवरी एजेंटों की बदसलूकी को रोकने के लिए भी सख्त नियम लाने की बात की गई है।

रियल एस्टेट सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा

आरबीआई ने रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए बैंकों को रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (REITs) को लोन देने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले से रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश बढ़ने की उम्मीद है, जो हमारी अर्थव्यवस्था को और मजबूत करेगा।

सहकारी बैंकों को मिलेगा आधुनिक रूप

शहरी सहकारी बैंकों को मजबूत बनाने के लिए मिशन सक्षम योजना शुरू की जाएगी। इसके तहत करीब 1.4 लाख कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि बैंकिंग सेवाओं में सुधार हो सके। साथ ही, कुछ NBFCs को पंजीकरण की अनिवार्यता से भी छूट दी जाएगी।

महंगाई का अनुमान

RBI ने देश की आर्थिक स्थिति पर भरोसा जताया है। अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 6.9 प्रतिशत और दूसरी तिमाही में 7 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। महंगाई दर के बारे में RBI का कहना है कि यह 2.1 प्रतिशत पर बनी रहेगी।

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