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News In Short
एमपी की कुल बचत देश की कुल बचत में केवल 2.87% का योगदान है।
राज्य की प्रति व्यक्ति आय 1.52 लाख रुपए है, जो देश के औसत से कम है।
कई जिलों में बैंकों का सीडी रेशियो 116 तक पहुंच गया है।
महंगाई और कम आय के कारण लोग बचत करने में असमर्थ हैं।
रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, सेंट्रल रीजन की बचत में एमपी का योगदान 13.2% है।
News In Detail
बचत के मामले में फिसला एमपी
मध्य प्रदेश को लेकर RBI की एक रिपोर्ट सामने आई है जो सभी को सोचने पर मजबूर कर देगी। एमपी के लोग अपनी आमदनी का बहुत कम हिस्सा बचा पा रहे हैं। इसका मतलब ये है कि लोग जो कमाते हैं उससे ज्यादा खर्च कर देते हैं।
रिजर्व बैंक की एक हालिया रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि देश की कुल आबादी में करीब 6% हिस्सा रखने वाला एमपी, देश की कुल बचत में केवल 2.87% का योगदान दे पा रहा है। इस मामले में एमपी दसवें स्थान पर है।
यह रिपोर्ट हाल ही में स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी की बैठक में राज्य सरकार के सामने पेश की गई थी। बता दें कि मध्य प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय सालाना केवल 1.52 लाख रुपए है, जबकि देशभर में यह 2.05 लाख रुपए है।
मध्य प्रदेश जमा-खर्च के मुख्य आंकड़े
12.58 लाख करोड़: मध्य प्रदेश के बैंकों में कुल राशि।
6.78 लाख करोड़: कुल जमा राशि।
5.80 लाख करोड़: दिया गया कुल कर्ज।
| देश की बचत में टॉप-10 हिस्सेदारी वाले राज्य | |||
| राज्य | बचत (%) | राज्य | बचत (%) |
| महाराष्ट्र | 22.32% | गुजरात | 5.43% |
| दिल्ली | 8.83% | प. बंगाल | 5.22% |
| उत्तर प्रदेश | 8.14% | हरियाणा | 3.79% |
| कर्नाटक | 8.05% | राजस्थान | 3.16% |
| तमिलनाडु | 6.24% | मप्र (MP) | 2.87% |
MP की स्थिति, जमा से ज्यादा कर्ज
मध्य प्रदेश के कई जिलों में बैंकों ने जमा राशि से ज्यादा कर्ज बांटा है। आगर मालवा, शाजापुर, राजगढ़, रायसेन, मंदसौर, खरगोन, रतलाम, अशोकनगर, देवास, हरदा, झाबुआ, विदिशा, सीहोर और धार जिलों में बैंकों का सीडी रेशियो 116 रहा है। इसका मतलब है कि यहां बैंकों ने 100 रुपए जमा होने पर 116 रुपए तक कर्ज दिया। खासतौर पर ये कर्ज कृषि कार्यों के लिए दिया गया है।
महंगाई और कम आमदनी
जनता की बचत किसी राज्य की आर्थिक मजबूती का संकेत होती है। इस रिपोर्ट में राज्य की आर्थिक स्थिति के दो अहम पहलू सामने आते हैं। पहला, यहां की जरूरी सेवाएं और चीजें बाकी जगहों से महंगी हैं। इससे लोग बचत नहीं कर पा रहे हैं। दूसरा, लोगों की आमदनी भी कम है। - प्रो. कन्हैया आहूजा, एचओडी, स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, डीएवीवी, इंदौर
बचत में सेंट्रल रीजन की हिस्सेदारी
रिजर्व बैंक ने राज्यों को अलग-अलग क्षेत्रों में बांटकर ये आंकड़े तैयार किए हैं। बैंकों में सबसे ज्यादा जमा वेस्टर्न रीजन में है। इसका हिस्सा 30.09% है। इसमें महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात और दादरा नगर हवेली शामिल हैं।
मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के साथ सेंट्रल रीजन में आता है। इनका बचत में हिस्सा 13.2% है। हालांकि, वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा का कहना है कि मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत है। साथ ही, हम विजन 2047 की दिशा में काम कर रहे हैं।
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